{"_id":"69d3970e204f3afbf709bafc","slug":"four-organizations-opened-a-front-against-the-rationalization-of-employee-posts-shimla-news-c-19-sml1002-701719-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: कर्मचारियों के पदों के युक्तिकरण के \nखिलाफ चार संगठनों ने खोला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: कर्मचारियों के पदों के युक्तिकरण के खिलाफ चार संगठनों ने खोला मोर्चा
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वीसी कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग कर कर्मचारियों ने दी आंदोलन की धमकी
बोले, यह कर्मचारियों और बेरोजगारों के साथ अन्याय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों के युक्तिकरण के प्रस्ताव के खिलाफ सोमवार को चार कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया। कुलपति कार्यालय के बाहर जागरूक आक्रोश गेट मीटिंग आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी, अधिकारी और तकनीकी स्टाफ शामिल हुुआ।
गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारों से पूरा प्रशासनिक परिसर गूंज उठा। चारों संगठनों के एक मंच पर आने को आंदोलन का निर्णायक संकेत माना जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि भर्ती एवं पदोन्नति से जुड़े पदों को युक्तिकरण के नाम पर समाप्त करने की कोशिश है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गेट मीटिंग के बाद आयोजित संयुक्त बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि पहले चरण में चुने हुए पदाधिकारी रोष आंदोलन जारी रखेंगे। मंगलवार से प्रतिदिन दो घंटे का शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा जिसमें छह कर्मचारी हर रोज भाग लेंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन गेट मीटिंग कर कर्मचारियों को स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
इस दौरान डॉ. देवेंद्र, राज कुमारी, सुनील दत्त शर्मा, प्रेम राज शर्मा, चेत राम, राज कुमार राणा, कुलदीप ठाकुर, सुरेश कुमार वर्मा और राजेश ठाकुर ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि युवाओं के रोजगार और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़ा है। सचिवालय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों पर चिंता जताते हुए उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने और संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। कर्मचारी संगठनों ने बताया कि 4 अप्रैल को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है और अब जल्द ही मुख्यमंत्री तथा सरकार के मनोनीत विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों से मुलाकात कर मामला उठाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त महासंघ के गठन के संकेत भी दिए गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि प्रस्ताव वापस न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
Trending Videos
बोले, यह कर्मचारियों और बेरोजगारों के साथ अन्याय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पदों के युक्तिकरण के प्रस्ताव के खिलाफ सोमवार को चार कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया। कुलपति कार्यालय के बाहर जागरूक आक्रोश गेट मीटिंग आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी, अधिकारी और तकनीकी स्टाफ शामिल हुुआ।
गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारों से पूरा प्रशासनिक परिसर गूंज उठा। चारों संगठनों के एक मंच पर आने को आंदोलन का निर्णायक संकेत माना जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि भर्ती एवं पदोन्नति से जुड़े पदों को युक्तिकरण के नाम पर समाप्त करने की कोशिश है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गेट मीटिंग के बाद आयोजित संयुक्त बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि पहले चरण में चुने हुए पदाधिकारी रोष आंदोलन जारी रखेंगे। मंगलवार से प्रतिदिन दो घंटे का शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा जिसमें छह कर्मचारी हर रोज भाग लेंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन गेट मीटिंग कर कर्मचारियों को स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. देवेंद्र, राज कुमारी, सुनील दत्त शर्मा, प्रेम राज शर्मा, चेत राम, राज कुमार राणा, कुलदीप ठाकुर, सुरेश कुमार वर्मा और राजेश ठाकुर ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि युवाओं के रोजगार और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़ा है। सचिवालय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों पर चिंता जताते हुए उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने और संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। कर्मचारी संगठनों ने बताया कि 4 अप्रैल को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है और अब जल्द ही मुख्यमंत्री तथा सरकार के मनोनीत विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों से मुलाकात कर मामला उठाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त महासंघ के गठन के संकेत भी दिए गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि प्रस्ताव वापस न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।