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आउटसोर्स भर्तियां को तुरंत बंद करे सरकार : माकपा
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शिमला में बैठकर बनाई रणनीति, आंदोलन की धमकी
केंद्र और प्रदेश सरकार रोजगार देने में रही नाकाम : सेन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी की मंगलवार को शिमला में हुई बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया।
पार्टी सदस्यों ने इन नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए एकजुटता दिखाई। बैठक में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया। पार्टी नेता तपन सेन ने आउटसोर्स भर्ती को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की। आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम साबित हो रही हैं, जिसके कारण बेरोजगारी दर लगातार बढ़ रही है। पार्टी ने बड़े कॉर्पोरेट घरानों को देश के संसाधनों में छूट देने की सरकार की नीति का भी विरोध किया। पार्टी नेता तपन सेन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों को देशहित के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस गठजोड़ सांप्रदायिकता की राजनीति के जरिये देश को बांटने का काम कर रहा है। राज्य कमेटी ने प्रदेश में बढ़ते आर्थिक संकट पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने कहा कि प्रदेश सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान और सहायता में कटौती की जा रही है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
पार्टी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रद्द करने और सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय का विरोध किया। बिजली क्षेत्र के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की नीति पर भी आपत्ति जताई गई। पार्टी ने किसानों को कम से कम पांच बीघा जमीन देने और मंडी मध्यस्थता योजना को बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को उचित राहत देने और रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की भी मांग की गई।
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केंद्र और प्रदेश सरकार रोजगार देने में रही नाकाम : सेन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी की मंगलवार को शिमला में हुई बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया।
पार्टी सदस्यों ने इन नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए एकजुटता दिखाई। बैठक में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया। पार्टी नेता तपन सेन ने आउटसोर्स भर्ती को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की। आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम साबित हो रही हैं, जिसके कारण बेरोजगारी दर लगातार बढ़ रही है। पार्टी ने बड़े कॉर्पोरेट घरानों को देश के संसाधनों में छूट देने की सरकार की नीति का भी विरोध किया। पार्टी नेता तपन सेन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों को देशहित के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस गठजोड़ सांप्रदायिकता की राजनीति के जरिये देश को बांटने का काम कर रहा है। राज्य कमेटी ने प्रदेश में बढ़ते आर्थिक संकट पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने कहा कि प्रदेश सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान और सहायता में कटौती की जा रही है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
पार्टी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रद्द करने और सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय का विरोध किया। बिजली क्षेत्र के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की नीति पर भी आपत्ति जताई गई। पार्टी ने किसानों को कम से कम पांच बीघा जमीन देने और मंडी मध्यस्थता योजना को बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को उचित राहत देने और रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की भी मांग की गई।
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