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Guru Uday 2026: नौ अगस्त से विवाह, गृह प्रवेश समेत शुभ कार्यों की शुरुआत, बाजार में बढ़ेगी खरीदारी; जानें
Sun, 09 Aug 2026 03:39 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 09 Aug 2026 03:39 PM IST
सार
देवगुरु बृहस्पति के 25 दिन बाद उदय होने के साथ 9 अगस्त से विवाह समेत कई मांगलिक कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरु उदय के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और यज्ञोपवीत जैसे शुभ कार्य किए जा सकेंगे। इसका असर शिमला के बाजार पर भी पड़ने की उम्मीद है। कपड़े, गहने, फूल, सजावटी सामान, होटल और बैंक्वेट हॉल कारोबार में खरीदारी बढ़ सकती है।
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गुरु उदय 2026।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
देवगुरु बृहस्पति के करीब 25 दिन बाद उदय होने के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक 9 अगस्त से समाप्त होने जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरु के उदय होने के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत समेत कई शुभ कार्यों के आयोजन का रास्ता साफ हो जाएगा। लंबे समय से रुके इन आयोजनों के शुरू होने का असर शिमला के बाजार और शादी समारोहों से जुड़े कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है।
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गुरु अस्त रहने की अवधि में विवाह समेत कई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। 15 जुलाई से 9 अगस्त तक गुरु अस्त रहने के कारण शादी समारोहों से जुड़े कारोबार में अपेक्षाकृत कमी रही। अब गुरु उदय के साथ विवाह समारोहों की तैयारियां फिर तेज होने लगी हैं।
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बाजार में बढ़ सकती है खरीदारी
मांगलिक कार्य शुरू होने के साथ मालरोड, लोअर बाजार और शहर के अन्य बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विवाह समारोहों के लिए कपड़े, गहने, फूल, सजावटी सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की मांग बढ़ सकती है।
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लोअर बाजार के कपड़ा कारोबारी ओम प्रकाश ने बताया कि विवाह सीजन शुरू होने के साथ दूल्हा-दुल्हन के परिधानों के अलावा अन्य सूट और कपड़ों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इससे कारोबारियों को राहत मिल सकती है।
गहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद
मिडिल बाजार के गहना कारोबारी राकेश सोनी के अनुसार गुरु अस्त रहने के दौरान गहनों की मांग काफी कम रही। अब मांगलिक कार्य शुरू होने के साथ आभूषणों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विवाह समारोहों के कारण ज्वेलरी के साथ कपड़ों और अन्य खरीदारी में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
होटल और बैंक्वेट कारोबार को भी फायदा
विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने से होटल, बैंक्वेट हॉल, फूल विक्रेताओं और सजावट से जुड़े कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। शहर में शादी समारोहों की तैयारियां शुरू होने के साथ इन सेवाओं की बुकिंग में भी तेजी आने की संभावना है।
गुरु अस्त की अवधि में धार्मिक अनुष्ठान
राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि गुरु अस्त की अवधि को आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। वहीं विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को गुरु के उदय होने के बाद करना अधिक शुभ माना जाता है। अब गुरु उदय के साथ मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होने से लोगों में उत्साह है और बाजार में भी खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिडिल बाजार के गहना कारोबारी राकेश सोनी के अनुसार गुरु अस्त रहने के दौरान गहनों की मांग काफी कम रही। अब मांगलिक कार्य शुरू होने के साथ आभूषणों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विवाह समारोहों के कारण ज्वेलरी के साथ कपड़ों और अन्य खरीदारी में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
होटल और बैंक्वेट कारोबार को भी फायदा
विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने से होटल, बैंक्वेट हॉल, फूल विक्रेताओं और सजावट से जुड़े कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। शहर में शादी समारोहों की तैयारियां शुरू होने के साथ इन सेवाओं की बुकिंग में भी तेजी आने की संभावना है।
गुरु अस्त की अवधि में धार्मिक अनुष्ठान
राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि गुरु अस्त की अवधि को आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। वहीं विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को गुरु के उदय होने के बाद करना अधिक शुभ माना जाता है। अब गुरु उदय के साथ मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होने से लोगों में उत्साह है और बाजार में भी खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।