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Shimla News: नारकंडा ब्लॉक में ओलावृष्टि से 1.84 करोड़ रुपये की क्षति
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900 से किसान और बागवान हुए प्रभावित
बीमा कराने वालों को मिलेगा नुकसान का मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले की ऊपरी इलाकों में बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान नारकंडा ब्लॉक में हुआ है। नारकंडा में 1 करोड़ 84 लाख का नुकसान हुआ है जिससे 900 किसान और बागवान प्रभावित हुए हैं। यह आकलन उद्यान विभाग ने किया है।
नुकसान का मुआवजा केवल उन्हीं बागवानों को मिलेगा जिन्होंने मौसम आधारित फसल बीमा के दौरान ओलावृष्टि को एड ऑन किया था। यदि केंद्र सरकार से पोस्ट डिजास्टर फंड में पैसा आता है तो उन किसानों को मुआवजा दिया जाएगा जिनका 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ हो। सबसे ज्यादा शलोटा पंचायत में हुआ है 37.5 लाख का नुकसान फसलों को पहुंचा है। इससे 190 बागवान प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जरोल में 20 लाख का नुकसान हुआ जहां 107 बागवान प्रभावित हुए हैं। बटाड़ी में 8.8 लाख, कुमरसैन में 12.8 लाख, जार में 17.6 लाख, डीब में 15.68 लाख, मलेंडी में 18.4 लाख, करेउथी में 27.84 लाख, सिहाल नारकंडा में 15.52 लाख और जदूण में 10.08 लाख का नुकसान ओलावृष्टि से हुआ है।
कोट
बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से जिले में 1.84 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें मौसम आधारित फसल बीमा के दौरान ओलावृष्टि को एड ऑन करने वाले किसानों को नुकसान का मुआवजा भी दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन के चलते इस तरह की मौसमीय घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए बागवानों को पहले से ही एंटी-हेल नेट (ओलारोधी जाल) जैसी सुरक्षात्मक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। वहीं अधिक जानकारी के लिए बागवान अपने नजदीकी उद्यान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
-सुदर्शना नेगी, उप निदेशक, उद्यान विभाग शिमला
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बीमा कराने वालों को मिलेगा नुकसान का मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले की ऊपरी इलाकों में बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान नारकंडा ब्लॉक में हुआ है। नारकंडा में 1 करोड़ 84 लाख का नुकसान हुआ है जिससे 900 किसान और बागवान प्रभावित हुए हैं। यह आकलन उद्यान विभाग ने किया है।
नुकसान का मुआवजा केवल उन्हीं बागवानों को मिलेगा जिन्होंने मौसम आधारित फसल बीमा के दौरान ओलावृष्टि को एड ऑन किया था। यदि केंद्र सरकार से पोस्ट डिजास्टर फंड में पैसा आता है तो उन किसानों को मुआवजा दिया जाएगा जिनका 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ हो। सबसे ज्यादा शलोटा पंचायत में हुआ है 37.5 लाख का नुकसान फसलों को पहुंचा है। इससे 190 बागवान प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जरोल में 20 लाख का नुकसान हुआ जहां 107 बागवान प्रभावित हुए हैं। बटाड़ी में 8.8 लाख, कुमरसैन में 12.8 लाख, जार में 17.6 लाख, डीब में 15.68 लाख, मलेंडी में 18.4 लाख, करेउथी में 27.84 लाख, सिहाल नारकंडा में 15.52 लाख और जदूण में 10.08 लाख का नुकसान ओलावृष्टि से हुआ है।
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कोट
बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से जिले में 1.84 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें मौसम आधारित फसल बीमा के दौरान ओलावृष्टि को एड ऑन करने वाले किसानों को नुकसान का मुआवजा भी दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन के चलते इस तरह की मौसमीय घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए बागवानों को पहले से ही एंटी-हेल नेट (ओलारोधी जाल) जैसी सुरक्षात्मक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। वहीं अधिक जानकारी के लिए बागवान अपने नजदीकी उद्यान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
-सुदर्शना नेगी, उप निदेशक, उद्यान विभाग शिमला