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हमीरपुर: कागजों से जमीन तक नहीं पहुंचे समाधान, समताना खुर्द के लोगों की चिंता बरकरार, आज भी खौफ में जी रहे

संवाद न्यूज एजेंसी, बड़सर (हमीरपुर)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 20 Jun 2026 11:45 AM IST
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सार

 वर्ष 2023 और 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार आज भी राहत, पुनर्वास और स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। 

Hamirpur: Solutions remain confined to paper and haven't reached the ground level
समताना खुर्द के लोगों की चिंता बरकरार - फोटो : संवाद
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विस्तार

पिछली बरसात में मिले जख्म अभी तक नहीं भरे हैं और अब मानसून की दस्तक ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में समताना खुर्द के प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2023 और 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार आज भी राहत, पुनर्वास और स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को डर है कि इस बार भी बरसात शुरू हो गई तो आश्वासनों का पुल बह जाएगा और उनके जख्म फिर हरे हो जाएंगे। समताना खुर्द में सिमरो देवी, अमरो देवी और रोशन लाल और कौशल कुमार के परिवारों के मकान और खेत लगातार खतरे की जद में हैं।

तीन मकानों के आसपास की जमीन लगातार धंस रही

गांव में तीन मकानों के आसपास की जमीन लगातार धंस रही है। वर्ष 2023 में भारी बारिश के दौरान घरों, आंगनों और खेतों को नुकसान पहुंचा था। जमीन धंसने से मकानों में दरारें आ गईं और कुछ मकान गिरने की कगार पर पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगस्त और सितंबर 2025 में हुए नुकसान के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों ने कई बार प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास और सुरक्षा डंगे लगाने की मांग उठाई लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि कई जनप्रतिनिधि और नेता मौके पर पहुंचे, हालात का जायजा लिया और आश्वासन देकर लौट गए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करवाने के दावे भी किए गए थे लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हो सका। अब बरसात शुरू होने वाली है और लोगों को अपने मकानों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि हल्की बारिश होने पर भी डर का माहौल बन जाता है।

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वर्ष 2023 में सर्वे, जमीन देने का आश्वासन अधूरा

वर्ष 2023 में जब इस गांव में बरसात में आपदा आई तो अधिकारियों और नेताओं की यहां पर खूब हलचल देखने को मिली। यहां पर भू सर्वे भी हुए जिसमें जमीन का असुरक्षित पाया गया और प्रभावितों को अन्य जगह पर जमीन दिए जाने के दावे भी किए गए लेकिन सारे वादे और दावे अभी तक अधूरे हैं।

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सुरक्षा डंगा लगाने के लिए करीब एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं लेकिन यह राशि नाकाफी है। इससे मकान बचना मुश्किल है। यहां जमीन लगातार खिसक रही है। मकान को खतरा बना हुआ है। वैकल्पिक जमीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया गया था लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।-- कौशल कुमार, प्रभावित निवासी

पिछली बरसात में आंगन धंस गया था और घर को खतरा बना हुआ है। अब बरसात होगी तो घर का क्या होगा, यह भगवान भरोसे है। हल्की बारिश होने पर भी मन सहम जाता है। सरकार को हमारी समस्या पर गंभीरता से गौर करना चाहिए। - सिमरो देवी, प्रभावित निवासी

 

अब तक प्राप्त राहत राशि पात्र लोगों को आवंटित की जा चुकी है। समताना खुर्द में अमरो देवी को भी लगभग एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अन्य मामलों की जांच कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर

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