Himachal News : सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां अधर में, कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी अटकी अधिसूचना
हिमाचल के 145 सीबीएसई स्कूलों में 6200 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अधिसूचना जारी न होने से अटक गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बावजूद शिक्षा विभाग अभी नियमों को अंतिम रूप देने में जुटा है। नियुक्तियों के लिए शिक्षकों से स्कूल विकल्प लेकर मेरिट और अनुभव के आधार पर तैनाती की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अधिसूचना जल्द जारी होगी।
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हिमाचल प्रदेश में चयनित सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में सेवारत शिक्षकों की नियुक्तियों का मामला अब सरकारी स्तर पर उलझता नजर आ रहा है। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मेरिट और अनुभव के आधार पर नियुक्तियां देने के फैसले को मंजूरी दिए जाने के बावजूद शिक्षा विभाग अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं कर पाया है। इससे हजारों शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा में सुधार और सीबीएसई प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के 145 चयनित स्कूलों में करीब 6200 सेवारत शिक्षकों की तैनाती करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी होने के बावजूद अंतिम अधिसूचना जारी न होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सूत्रों के अनुसार नियुक्तियों के लिए शिक्षकों से तीन-तीन स्कूल विकल्प मांगे जाने हैं।
इसके बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और मेरिट के आधार पर स्कूलों में तैनाती की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन सीबीएसई स्कूलों में योग्य और अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। हालांकि कैबिनेट के फैसले के बाद शिक्षक वर्ग को उम्मीद थी कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी, लेकिन अधिसूचना जारी न होने से पूरी कवायद अधर में लटक गई है। कई शिक्षक संगठन भी सरकार से जल्द स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि नियुक्तियों को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि जल्द ही अधिसूचना कर दी जाएगी। नियम बनाने का काम जारी है।
प्रदेश में नई नियुक्तियों के बावजूद कुछ सेवारत शिक्षकों की सीबीएसई स्कूलों में सेवाएं जारी रहेंगी। आवश्यकता अनुसार कुछ शिक्षकों को पुराने स्कूलों में ही रखने को मंजूरी दी गई है। सीबीएसई स्कूलों के लिए पहले 136 विद्यालयों के हिसाब से लगभग 6200 पदों की कैडर स्ट्रेंथ तय की गई थी। अब प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 158 हो चुकी है, जिनमें से 145 विद्यालय संचालन में हैं। इन स्कूलों में लगातार बढ़ रहे दाखिलों को देखते हुए शिक्षकों की आवश्यकता भी बढ़ी है। ऐसे में चयन परीक्षा के माध्यम से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के बाद भी बड़ी संख्या में पद रिक्त रह सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त पदों की व्यवस्था करने के लिए पुराने शिक्षकों की भी सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सीबीएसई स्कूलों से आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादले होंगे। चयनित शिक्षकों को एडजस्ट करने के लिए कई पुराने शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजना पड़ेगा। इस प्रक्रिया के तहत कई स्कूलों से शिक्षकों के तबादले होना तय है।
हेडमास्टर पदोन्नति के लिए एसीआर मांगी
सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के 281 टीजीटी शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला उपनिदेशकों को चार दिन के भीतर सूचीबद्ध शिक्षकों की एसीआर निदेशालय भेजने को कहा गया है, ताकि लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।