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हिमाचल: अब प्रयोगों और मॉडलों से विज्ञान सीखेंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी, समग्र शिक्षा निदेशालय ने किया

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 03 Jun 2026 06:37 PM IST
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सार

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा अब अधिक रोचक और व्यावहारिक बनने जा रही है।

Himachal Govt School Students to Now Learn Science Through Experiments and Models; Samagra Shiksha Signs MoU
समग्र शिक्षा निदेशालय ने अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ किया एमओयू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा अब अधिक रोचक और व्यावहारिक बनने जा रही है। समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशालय ने विज्ञान की गतिविधि आधारित और अनुभव से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ बुधवार को शिमला में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को केवल पुस्तकों में पढ़ने के बजाय प्रयोगों, विज्ञान मॉडलों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।

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समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और खोज की भावना को प्रोत्साहित करेगी। अनुभवात्मक शिक्षण बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। इससे विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान क्षमता और रचनात्मकता का विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षित विज्ञान शिक्षकों, जिन्हें इग्नाइटर्स कहा जाता है, की तैनाती की जाएगी। ये इग्नाइटर्स छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रयोगों, गतिविधियों और इंटरेक्टिव विज्ञान मॉडलों के माध्यम से विज्ञान पढ़ाएंगे। इससे विद्यार्थी वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे और उन्हें दैनिक जीवन से जोड़ पाएंगे। इग्नाइटर्स शिक्षकों को भी गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देंगे, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक सहभागितापूर्ण और प्रभावी बन सकेगा।

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विद्यार्थियों और स्कूलों पर नहीं पड़ेगा कोई आर्थिक बोझ
इस कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले सभी विज्ञान मॉडल, प्रयोग सामग्री, प्रदर्शन गतिविधियां और शैक्षणिक सहयोग पूरी तरह निशुल्क होंगे। इसके लिए विद्यालयों या विद्यार्थियों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मोबाइल साइंस लैब और साइंस सेंटर की होगी स्थापना
फाउंडेशन प्रदेश में साइंस सेंटर स्थापित करेगा और मोबाइल साइंस लैब्स का संचालन भी करेगा। इन सुविधाओं के माध्यम से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी विज्ञान शिक्षा पहुंचाई जाएगी। विद्यार्थी प्रयोग, अवलोकन, खोज और नवाचार के जरिए विज्ञान को समझने के अवसर प्राप्त करेंगे।

जिज्ञासा कार्यक्रम में दिखा सकेंगे प्रतिभा
विद्यार्थियों को फाउंडेशन के क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान कार्यक्रम जिज्ञासा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। इस मंच के माध्यम से छात्र अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन कर सकेंगे। साथ ही उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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