हिमाचल: असिस्टेंट स्टाफ नर्स की भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, नियुक्ति पत्र जारी करने और ज्वाइनिंग पर भी पाबंदी
प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग में की जा रही असिस्टेंट स्टाफ नर्स की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग में की जा रही असिस्टेंट स्टाफ नर्स की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि भविष्य में असिस्टेंट स्टाफ नर्सों को न तो नया नियुक्ति पत्र जारी करे और न ही ज्वाइनिंग की अनुमति दे। अदालत ने पाया कि सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन किए बिना ही 6 नवंबर 2025 को एक नई नीति अधिसूचित कर दी और असिस्टेंट स्टाफ नर्स नामक एक नया काडर बनाकर 900 पद भरने की मंजूरी दे दी। पता चला कि इन पदों के लिए न तो नियम बदले गए और न ही इनका कोई तय पे-स्केल (वेतनमान) निर्धारित था।
महाधिवक्ता की दलील खारिज
महाधिवक्ता ने दलील दी कि ये नियुक्तियां एक सरकारी नीति के तहत की जा रही हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि नियमों के बाहर जाकर की जा रही इन भर्तियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब अदालत पहले से ही आउटसोर्स और अवैध नियुक्तियों के मामले की सुनवाई कर रही है, तो राज्य सरकार जानबूझकर नया काडर बनाकर मामले को और उलझा रही है। अदालत ने सरकार को अगली सुनवाई यानी 7 जुलाई तक विस्तृत हलफनामा दायर करने को कहा है, जिसमें बताना होगा कि तीन साल में सभी विभागों में कुल कितने आउटसोर्स कर्मचारी रखे गए हैं और उनके मुकाबले कितने नियमित पद खाली पड़े हैं। यह भी बताना होगा कि बिना नियम बदले असिस्टेंट स्टाफ नर्स के रूप में की नई नियुक्तियां किस प्रकार कानूनी रूप से वैध मानी जा सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग में नर्सों के 1,535 पद खाली
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कुल 1,938 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 1,266 नर्सें ही तैनात हैं। जबकि 672 पद खाली पड़े हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में कुल 2,189 पदों में से 863 पद खाली हैं। दोनों को मिलाकर राज्य में कुल 1535 नियमित पद खाली चल रहे हैं।
कर्जदार राज्य के अफसर विदेश दौरे पर, कोर्ट हैरान
अदालत ने स्वास्थ्य सचिव के जापान दौरे पर जाने को लेकर भी हैरानी जताई। स्वास्थ्य सचिव जायका परियोजना के सिलसिले में 14 जून से 29 जून 2026 तक जापान के दौरे पर थीं। हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि वह 21 जून को लौट रही हैं। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम हैरान हैं कि जहां एक तरफ राज्य वित्तीय संकट से जूझ रहा है, वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी 10 दिन के विदेशी दौरे पर हैं।
17 हजार से बढ़कर 26,724 हुए आउटसोर्स कर्मचारी
प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से दाखिल हलफनामे से यह भी सामने आया कि राज्य में बिना किसी पारदर्शी चयन प्रक्रिया के आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिये रखे गए कर्मचारियों की संख्या 17,114 से बढ़कर 26,724 हो चुकी है।