सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Panchayats Unable to Spend ₹150 Crore Allocated for Water Schemes

हिमाचल प्रदेश: पानी की स्कीमों के 150 करोड़ खर्च नहीं कर पाईं पंचायतें, अब जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 06 Apr 2026 11:39 AM IST
विज्ञापन
सार

हिमाचल प्रदेश में 150 करोड़ से ज्यादा का बजट पंचायतों को पानी की स्कीमों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए दिया गया था। लेकिन पंचायतें इसको खर्च ही नहीं कर पाई हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Panchayats Unable to Spend ₹150 Crore Allocated for Water Schemes
मंत्री अनिरुद्ध सिंह। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों पंचायतें 150 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च नहीं कर पाई। यह बजट पंचायतों को पानी की स्कीमों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए दिया गया था। राज्य सरकार ने अब इन पंचायतों से बजट वापस लेकर जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। अब विभाग खुद इस बजट को पानी की स्कीमों पर खर्च करेगा।

Trending Videos

हालांकि, योजनाएं दुरुस्त हो जाने के बाद इनका रखरखाव पंचायतें ही करेंगी। इनके संचालन के लिए लोगों से निर्धारित शुल्क भी ले सकेंगी। पंचायती राज संस्थाओं के बजट को 31 मार्च तक विभाग को हस्तांतरित करने को कहा गया था। ज्यादातर संस्थाओं ने पैसा लौटा दिया है। सरकार का तर्क यह है कि पंचायतें पैसा खर्च नहीं कर पा रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यह पैसा लैप्स न हो जाए, इसलिए पैसा पंचायती राज संस्थाओं से वापस लेकर जलशक्ति विभाग को दे दिया है। कुछ पंचायती राज संस्थाओं से यह पैसा वापस नहीं आया है। जिला परिषद और पंचायत समितियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों जैसे एडीसी और बीडीओ को बजट 15वें वित्त आयोग के तहत दिया था।

स्टाफ की कमी की वजह से खर्च नहीं हो पाया बजट : अनिरुद्ध
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह बजट लैप्स न हो, इसलिए इस तरह का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि यह बजट पंचायतें खर्च करें, लेकिन पंचायती राज संस्थाओं के पास स्टाफ की कमी होने की वजह से इसमें दिक्कत हो रही है। विभाग को बजट का हस्तांतरण किया जाएगा। विभाग योजनाएं तैयार करेगा और संचालन पंचायतें करेंगी। पंचायतें संचालन पर शुल्क भी लगा सकेंगी।

मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग
शिमला जिले के केलवी जिला परिषद वार्ड सदस्य रहे मदन लाल वर्मा ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को प्रार्थना पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार के आदेश की प्रति भी संलग्न की है। उन्होंने कहा कि वह मुख्य सचिव और पंचायती राज सचिव को भी पत्र लिखकर इस आदेश को वापस लेने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन इस पर कोई गाैर नहीं हुआ है। इस मामले में केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री और केंद्रीय सचिव से भी हस्तक्षेप मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed