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Himachal: आरटीजीएस टोकन परप्रदेश सरकार की सख्ती, विभागों को स्पष्ट निर्देश

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 26 Mar 2026 05:00 AM IST
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सार

सरकार के वित्त विभाग ने मार्च माह के खातों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही भुगतान खातों में शामिल किए जाएंगे, जो ट्रेजरी के माध्यम से कि

Himachal Pradesh Govt Cracks Down on RTGS Tokens; Clear Directives Issued to Departments
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने मार्च माह के खातों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही भुगतान खातों में शामिल किए जाएंगे, जो ट्रेजरी के माध्यम से किए गए हैं। केवल आरटीजीएस टोकन जारी होने को भुगतान नहीं माना जाएगा। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग के प्रमुख अभियंताओं को निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को इसलिए जारी किए गए हैं, क्योंकि इन विभागों में अक्सर ऐसा देखा गया है कि आरटीजीएस टोकन तो जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन वास्तविक भुगतान में देरी हो जाती है या वह लंबित रहता है।

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ऐसे में खातों में गड़बड़ी की स्थिति बन जाती है, जिससे वित्तीय रिकॉर्ड की सटीकता प्रभावित होती है। वित्त विभाग ने कहा है कि मार्च माह के मंडलीय खाते तैयार करते समय विशेष सावधानी बरती जाए। खातों में केवल उन्हीं लेन-देन को शामिल किया जाए, जिनका भुगतान वास्तव में हो चुका है। इससे मासिक सिविल खातों में किसी प्रकार का अंतर या त्रुटि नहीं आएगी और लेखा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। राज्य सरकार ने सभी प्रमुख अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन सभी मंडलों में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि मार्च माह के खाते समय पर तैयार कर लेखा महानियंत्रक को भेजे जाएं, जिससे राज्य के वित्तीय दस्तावेज समय पर संकलित किए जा सकें।

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वित्त विभाग के अनुसार केवल टोकन जारी होने के आधार पर भुगतान को दर्ज करने से वास्तविक वित्तीय स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती। इससे बजट प्रबंधन और खर्चों के आकलन में भी दिक्कतें आती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि अब केवल वास्तविक भुगतान को ही मान्यता दी जाएगी। कोष, खाता एवं लॉटरी विभाग के निदेशक के माध्यम से प्रधान सचिव वित्त के इन निर्देशों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और पारदर्शिता की बात की गई है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से खातों में किसी भी तरह की गलत जानकारी दर्ज होने की संभावना कम रहेगी और वित्तीय प्रबंधन अधिक मजबूत और भरोसेमंद रहेगा।

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