सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HP Panchayat Election Challenge for BJP Gaining Lead and Displacing the Ruling Congress

सियासी पिच: हिमाचल की कुल 12 जिला परिषदों में से 9 पर भाजपा, तीन पर कांग्रेस काबिज; किस जिले में किसका दबदबा?

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 29 Apr 2026 10:20 AM IST
विज्ञापन
सार

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का एलान हो चुका है। ऐसे में अभी प्रदेशभर की जिला परिषदों अध्यक्षों के पद पर भाजपा का दबदबा है, लेकिन इस बार सत्ता में काबिज कांग्रेस के सामने इन सीटों पर कब्जा जमाने की बड़ी चुनौती है। पढ़ें पूरी खबर...

HP Panchayat Election Challenge for BJP Gaining Lead and Displacing the Ruling Congress
भाजपा vs कांग्रेस। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। खासतौर पर जिला परिषदों पर काबिज होने के लिए मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है। अभी प्रदेशभर की जिला परिषदों अध्यक्षों के पद पर भाजपा का दबदबा है, लेकिन इस बार सत्ता में काबिज कांग्रेस के सामने इन सीटों पर कब्जा जमाने की बड़ी चुनौती है। पिछले कार्यकाल की बात करें तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का वर्चस्व रहा। नौ जिलों में भाजपा समर्थित अध्यक्ष हैं, जबकि सिर्फ 3 जिलों में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष हैं। ऐसे में भाजपा के लिए पकड़ को बरकरार रखना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, वहीं कांग्रेस अपनी राजनीतिक ताकत साबित करना चाहती है। ऐसे में इस बार मुकाबला रोचक होगा।

Trending Videos

विधानसभा में कांग्रेस के 40 और भाजपा के 28 विधायक हैं। जिला परिषद के सदस्यों के चुनाव में इनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर है। जिला शिमला से ही सुक्खू सरकार में रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह तीन मंत्री हैं। इसी तरह सोलन से धनीराम शांडिल, बिलासपुर से राजेश धर्माणी, कांगड़ा से चंद्र कुमार और यादवेंद्र गोमा, किन्नौर से जगत सिंह नेगी, हमीरपुर जिले से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और ऊना जिले से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री हैं। जिला परिषद सदस्यों की जीत दिलाने और जिला परिषद अध्यक्ष को लेकर इनकी भी जोरआजमाइश रहेगी।  यह चुनाव इसलिए भी खास हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कार्यकाल में पहली बार पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में इन चुनावों को कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन और जनाधार की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। पंचायतीराज चुनाव सीधे पार्टी टिकट पर नहीं लड़े जाते। उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरते हैं और चुनाव जीतने के बाद ही उनके राजनीतिक रुझान स्पष्ट होते हैं। खासकर जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव के दौरान यह सामने आता है कि कौन सा सदस्य किस राजनीतिक दल के समर्थन में है। 

चुनाव परिणाम आने के बाद ही असली तस्वीर सामने आती है और जोड़तोड़ की राजनीति भी चरम पर होती है। भाजपा जहां अपने पुराने नेटवर्क और संगठनात्मक मजबूती के भरोसे मैदान में है, वहीं कांग्रेस सत्ता में होने का लाभ उठाने की कोशिश करेगी। भाजपा के लिए अपना ‘गढ़’ बचाना चुनौती है, तो कांग्रेस के लिए इसे भेदकर अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने का मौका है। 

किस जिले में किसका दबदबा
ऊना  भाजपा
मंडी भाजपा
लाहौल-स्पीति कांग्रेस
सिरमौर भाजपा
कुल्लू  कांग्रेस
बिलासपुर  भाजपा
सोलन  भाजपा
कांगड़ा  भाजपा
चंबा  भाजपा
किन्नौर भाजपा
शिमला कांग्रेस
हमीरपुर  भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed