Himachal News: अब बदलेगा हिमाचल का सफर! सीएम ने 297 ई-बसों को दिखाई हरी झंडी, 100 हाइड्रोजन बसों की भी तैयारी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन के क्यारीघाट से 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया और 'हिमबस प्लस कार्ड' लॉन्च किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार 1000 नई ई-बसें खरीदेगी तथा 100 हाइड्रोजन बसें भी लाने की योजना बना रही है। इलेक्ट्रिक बसों से एचआरटीसी की परिचालन लागत में कमी आएगी और यात्रियों को डिजिटल, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सोलन जिले के क्यारीघाट से 297 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के विभिन्न डिपो के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने 'हिमबस प्लस कार्ड' का भी शुभारंभ किया, जिससे यात्रियों को कैशलेस यात्रा, किराये में छूट और कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
वर्षों से HRTC बसें हिमाचल के जनजीवन की साथी रही हैं। पहाड़ों की कठिन राहों पर चलते हुए इन बसों ने लाखों परिवारों को अपनों से, विद्यार्थियों को शिक्षा से, रोगियों को उपचार से और युवाओं को नए अवसरों से जोड़ा है। आज नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ भी इसी विश्वास को आगे बढ़ाने की नई… pic.twitter.com/whsYe9tlwJ
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 30, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बसों के शामिल होने के बाद एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 500 हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार 1000 और नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगी, जिसके लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा 100 हाइड्रोजन बसें खरीदने पर भी सरकार विचार कर रही है, ताकि हिमाचल को हरित और प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य को गति मिल सके।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में कहीं अधिक किफायती हैं। जहां डीजल बसों पर 76 से 86 रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आता है, वहीं इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन 36 से 38 रुपये प्रति किलोमीटर में हो रहा है। इससे निगम को 40 से 50 रुपये प्रति किलोमीटर तक की बचत होगी, जिससे एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में नई इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 200 किलोमीटर चलती हैं, जबकि भविष्य में आने वाली बसों की रेंज 250 से 300 किलोमीटर प्रति चार्ज होगी। इन बसों के संचालन के लिए विभिन्न डिपो में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'हिमबस प्लस कार्ड' के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल और कैशलेस यात्रा का अनुभव मिलेगा। इस कार्ड पर सामान्य यात्रियों को 5 प्रतिशत किराया छूट, वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत तक छूट तथा मासिक उपयोग के आधार पर 2,000 रुपये तक कैशबैक की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल आधुनिक परिवहन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्वच्छ हिमालय, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसें इसी दूरदर्शी सोच का हिस्सा हैं।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एचआरटीसी को आर्थिक रूप से मजबूत करने, कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन देने तथा हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।