{"_id":"6a6b4f5cc66db35415037414","slug":"video-shimla-suraj-murder-case-witness-dinesh-sharma-suspension-family-allegations-2026-07-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"Shimla News: सूरज हत्याकांड के मुख्य गवाह कांस्टेबल के निलंबन पर बवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: सूरज हत्याकांड के मुख्य गवाह कांस्टेबल के निलंबन पर बवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:52 PM IST
Link Copied
बहुचर्चित गुड़िया कांड से जुड़े सूरज हत्याकांड के मुख्य गवाह कांस्टेबल दिनेश शर्मा के निलंबन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में उनके भाई सुरेश शांडिल्य, मां सत्या शर्मा और अन्य परिजनों ने हिमाचल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिनेश शर्मा को सच बोलने की सजा दी जा रही है।
परिवार का दावा है कि वर्ष 2017 में कोटखाई के बहुचर्चित गुड़िया कांड के दौरान पुलिस हिरासत में हुई सूरज की मौत के मामले में दिनेश शर्मा बतौर संत्री ड्यूटी पर तैनात थे और उन्हें इस मामले में मुख्य गवाह बनाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उस समय उन पर बयान बदलने और पुलिस अधिकारियों के पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
सुरेश शांडिल्य ने दावा किया कि दिनेश शर्मा की गवाही सीबीआई की विशेष अदालत में अहम साबित हुई, जिसके आधार पर तत्कालीन आईजी सहित आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तत्कालीन आईजी की सजा पर रोक लगा दी थी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ महीने के भीतर दिनेश शर्मा का पांच बार तबादला किया गया। उनका कहना है कि दिनेश ने अधिकारियों को बताया था कि उनका बेटा दिव्यांग है और उसके इलाज तथा स्कूल लाने-ले जाने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है। इसके बावजूद उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर लगातार तबादले किए गए।
परिवार का आरोप है कि जब दिनेश अपनी समस्या लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने पहुंचे तो उन्हें देर रात कार्यालय बुलाया गया, जहां उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार वर्ष 2017 में भी दिनेश शर्मा को निलंबित किया गया था। छह महीने बाद उनकी बहाली हुई, लेकिन उस समय शुरू की गई विभागीय जांच आज तक पूरी नहीं हुई। उनका कहना है कि जांच लंबित रहने के कारण उनकी पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ भी प्रभावित हुए हैं।
दिनेश शर्मा की मां सत्या शर्मा ने कहा कि उनके बेटे को जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में उनकी पत्नी ममता शर्मा और पुत्र भी मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।