सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Kalibari temple resonates with the chanting of Goddess Saraswati amidst snowfall.

Shimla News: हिमपात के बीच मां सरस्वती की वंदना से गूंजा कालीबाड़ी मंदिर

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Kalibari temple resonates with the chanting of Goddess Saraswati amidst snowfall.
विज्ञापन
माता की मूर्ति स्थापित कर की पूजा, मंत्रोच्चारण के बीच पीले रंग के पुष्प चढ़ाकर की अराधना
Trending Videos

हाते-खोड़ी रस्म में बच्चों को दिया अक्षरों का ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी हॉल में शुक्रवार को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया गया। इस दौरान मां सरस्वती की वंदना से हॉल गूंज उठा।

वसंत के आगमन पर मंदिर के हॉल में सुबह 8:30 बजे मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान पीले वस्त्रों और सोने के आभूषणों से मां का शृंगार किया गया। इसके बाद 9:00 बजे मंदिर में विद्या की देवी की वंदना और विशेष पूजा की गई। पूजा के बाद सभी भक्तों ने माता को गेंदे के पीले पुष्प अर्पित किए और माता का आभार जताया। इसके बाद मां को पीले फल और खिचड़ी का भोग लगाया गया। इस अवसर कुछ छोटे बच्चे भी मौजूद रहे। इसके बाद हाते-खोड़ी सांस्कृतिक रस्म निभाई जिसमें उन्होंने पहली बार स्लेट पर अक्षर लिखना सीखा और कुछ बच्चों ने पहला काव्य पाठ किया। बच्चों ने इस अवसर पर हिंदी वर्ण माला लिखकर और बोलकर मां से आशीर्वाद प्राप्त किया।

भक्तों के लिए फल का प्रसाद और खिचड़ी का भंडारा लगाया गया। अंत में शाम 7:00 बजे हॉल में संध्या आरती की गई। कालीबाड़ी मंदिर समिति के सचिव कल्लोल प्रामानिक ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के चलते मंदिर में श्रद्धालु कम संख्या में पहुंचे लेकिन मंदिर में विद्या की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती पूजा के लिए सजावट और व्यवस्था में डॉ. कल्लोल प्रमाणिक सहित पूर्व सचिव सोमनाथ प्रमाणिक तथा सदस्य सुभ्रता सरकार, उत्पल दास, सतीश बनर्जी, निर्मल बिस्वास, ऋषि मुखर्जी, विकास दास तथा शिमला कालीबाड़ी के सभी कर्मचारियों ने सहयोग किया।
विज्ञापन
विज्ञापन



बंगाल में भी रहती
वसंत पंचमी की धूम
सोमनाथ प्रमाणिक ने बताया कि बंगाल में वसंत पंचमी (श्रीपंचमी) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा होती है जिसमें पीले वस्त्र और पलाश के फूल तथा बेर का प्रसाद मां को चढ़ाया जाता है। इसके साथ यहां मंदिरों को पीले फूलों से सजाया जाता है। महिलाएं पीले वस्त्र पहनकर आती हैं और बसंत ऋतु के आगमन पर वातावरण को खूबसूरत बनाया जाता है। इसके साथ ही बंगाल में इसे अनौपचारिक वेलेंटाइन डे भी कहते हैं जहां युवा पीले परिधान पहनकर मिलते-जुलते हैं। बंगाल में सभी लोग इस दिन पीले कपड़े पहनते हैं जो बसंत और सरसों के फूलों का प्रतीक है। वहीं देवी सरस्वती को भी पीले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article