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Shimla News: राजधानी में यातायात ठप, आठ पेड़ गिरे कई भवनों को क्षति, आधे शहर में ब्लैक आउट
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पहली बर्फबारी में ही ध्वस्त हो गए सारे इंतजाम, मकानों और बिजली तारों पर आफत बनकर गिरे पेड़
शहर के कई वार्डों में अभी बंद हैं सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बर्फबारी के कारण शहर के अधिकांश वार्डों की सड़कें बंद हैं। शहर में अलग-अलग जगहों पर आठ के करीब पेड़ गिरे हैं जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा है। आधे शहर में दिनभर ब्लैक आउट रहा। इस कारण लोगों को ठंड में ठिठुरना पड़ा।
शहर में शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब हिमपात शुरू हुआ। वहीं नौ बजे के करीब शहर में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पंथाघाटी, तेंजिन अस्पताल, बीसीएस और खलीनी में बसें तथा गाड़ियां फंस गईं। खलीनी पहुंचने के लिए लोगों को गाड़ियों और बसों में तीन-तीन घंटे लग गए। दोपहर सवा बारह बजे के बाद कार्ट रोड पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इसके अलावा खलीनी में गाड़ियों के बीच आपस में टक्कर हो गई जबकि ढली और संजौली रोड के अलावा लक्कड़ बाजार पूरी तरह बंद हो गया।
बर्फबारी के कारण छोटा शिमला, पटियोग, जाखू और नाभा समेत आसपास के इलाकों में पेड़ों के बिजली तार पर गिरने के कारण आपूर्ति ठप हो गई। न्यू शिमला की पार्षद निशा ठाकुर ने बताया कि वार्ड में बिजली नहीं है। दो पेड़ गिरने से खलीनी स्टेशन से आने वाली सप्लाई पूरी तरह ठप है। कंगनाधार के पार्षद आरआर वर्मा ने कहा कि ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से एमसीवी जल गए हैं। नाभा की पार्षद सिमी नंदा ने बताया कि वार्ड में सुबह से लाइट नहीं है। पटियोग की पार्षद आशा शर्मा ने कहा कि वार्ड में एक मकान पर पेड़ गिरा है। इसके अलावा संजौली और छोटा के स्ट्राॅबेरी हिल में भी एक मकान की बालकनी में पेड़ गिरा है। अप्पर ढली वार्ड की पार्षद कमलेश मेहता ने बताया कि वार्ड में सुबह से लाइट नहीं है। इस बारे में जब पूछताछ की जा रही है तो इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं। वहीं महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बर्फबारी के कारण शहर में लाइट नहीं है। ऐसे में बिजली बोर्ड के अधिकारियों से बात की है। बोर्ड का दावा है कि जल्द बिजली मुहैया करवा दी जाएगी। शहरवासियों को दिक्कतें पेश न आए इसके लिए लगातार विभाग के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। इसके अलावा सड़कों और रास्तों को खोलने के लिए 100 मजदूरों की मदद भी ली जा रही है। शहर के विभिन्न वार्डों रेता डाला जा रहा है।
ढारे पर गिरा पेड़ा बाल-बाल बचे दस लोग
नगर निगम के अनाडेल वार्ड में सुबह के समय एक ढारे के पास अचानक बान का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने के बाद मजदूरों में चीख पुकार मच गई। इन ढारों में करीब दस लोगों के अलावा एक दो साल की बच्ची रह रही थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पार्षद उर्मिला कश्यप यहां पहुंची। वहीं बाद में यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। कैथू क्षेत्र में एक विशाल पेड़ एक रिहायशी मकान पर गिर गया। हादसे के वक्त घर के भीतर रहने वाले तीन परिवार बाल-बाल बच गए। पार्षद कांता सुयाल ने बताया कि जिला प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी आला अधिकारी मौके पर नहीं आया।
कोट
रोबोट और जेसीबी की मदद से खोली जा रही सड़कें बर्फबारी के बाद दोबारा बंद हो गईं। ऐसे में बर्फ की रफ्तार धीमी होने के बाद रोबोट और जेसीबी की मदद से सड़कों से पेड़ तथा बर्फ हटाने का काम फिर शुरू कर दिया है। पहली प्राथमिकता शहर के अस्पतालों की सड़कें रही हैं। इन्हें खोल दिया है जिससे आपात स्थिति में आने वाले रोगियों को मुश्किलें पेश न आएं।
- भूपेंद्र अत्री, आयुक्त, नगर निगम शिमला
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शहर के कई वार्डों में अभी बंद हैं सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बर्फबारी के कारण शहर के अधिकांश वार्डों की सड़कें बंद हैं। शहर में अलग-अलग जगहों पर आठ के करीब पेड़ गिरे हैं जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा है। आधे शहर में दिनभर ब्लैक आउट रहा। इस कारण लोगों को ठंड में ठिठुरना पड़ा।
शहर में शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब हिमपात शुरू हुआ। वहीं नौ बजे के करीब शहर में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पंथाघाटी, तेंजिन अस्पताल, बीसीएस और खलीनी में बसें तथा गाड़ियां फंस गईं। खलीनी पहुंचने के लिए लोगों को गाड़ियों और बसों में तीन-तीन घंटे लग गए। दोपहर सवा बारह बजे के बाद कार्ट रोड पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इसके अलावा खलीनी में गाड़ियों के बीच आपस में टक्कर हो गई जबकि ढली और संजौली रोड के अलावा लक्कड़ बाजार पूरी तरह बंद हो गया।
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बर्फबारी के कारण छोटा शिमला, पटियोग, जाखू और नाभा समेत आसपास के इलाकों में पेड़ों के बिजली तार पर गिरने के कारण आपूर्ति ठप हो गई। न्यू शिमला की पार्षद निशा ठाकुर ने बताया कि वार्ड में बिजली नहीं है। दो पेड़ गिरने से खलीनी स्टेशन से आने वाली सप्लाई पूरी तरह ठप है। कंगनाधार के पार्षद आरआर वर्मा ने कहा कि ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से एमसीवी जल गए हैं। नाभा की पार्षद सिमी नंदा ने बताया कि वार्ड में सुबह से लाइट नहीं है। पटियोग की पार्षद आशा शर्मा ने कहा कि वार्ड में एक मकान पर पेड़ गिरा है। इसके अलावा संजौली और छोटा के स्ट्राॅबेरी हिल में भी एक मकान की बालकनी में पेड़ गिरा है। अप्पर ढली वार्ड की पार्षद कमलेश मेहता ने बताया कि वार्ड में सुबह से लाइट नहीं है। इस बारे में जब पूछताछ की जा रही है तो इसका जवाब अधिकारी नहीं दे रहे हैं। वहीं महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बर्फबारी के कारण शहर में लाइट नहीं है। ऐसे में बिजली बोर्ड के अधिकारियों से बात की है। बोर्ड का दावा है कि जल्द बिजली मुहैया करवा दी जाएगी। शहरवासियों को दिक्कतें पेश न आए इसके लिए लगातार विभाग के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। इसके अलावा सड़कों और रास्तों को खोलने के लिए 100 मजदूरों की मदद भी ली जा रही है। शहर के विभिन्न वार्डों रेता डाला जा रहा है।
ढारे पर गिरा पेड़ा बाल-बाल बचे दस लोग
नगर निगम के अनाडेल वार्ड में सुबह के समय एक ढारे के पास अचानक बान का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने के बाद मजदूरों में चीख पुकार मच गई। इन ढारों में करीब दस लोगों के अलावा एक दो साल की बच्ची रह रही थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पार्षद उर्मिला कश्यप यहां पहुंची। वहीं बाद में यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। कैथू क्षेत्र में एक विशाल पेड़ एक रिहायशी मकान पर गिर गया। हादसे के वक्त घर के भीतर रहने वाले तीन परिवार बाल-बाल बच गए। पार्षद कांता सुयाल ने बताया कि जिला प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी आला अधिकारी मौके पर नहीं आया।
कोट
रोबोट और जेसीबी की मदद से खोली जा रही सड़कें बर्फबारी के बाद दोबारा बंद हो गईं। ऐसे में बर्फ की रफ्तार धीमी होने के बाद रोबोट और जेसीबी की मदद से सड़कों से पेड़ तथा बर्फ हटाने का काम फिर शुरू कर दिया है। पहली प्राथमिकता शहर के अस्पतालों की सड़कें रही हैं। इन्हें खोल दिया है जिससे आपात स्थिति में आने वाले रोगियों को मुश्किलें पेश न आएं।
- भूपेंद्र अत्री, आयुक्त, नगर निगम शिमला