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Shimla News: बरसात से पहले ही ढह गया समरहिल सड़क पर लगा करोड़ों का डंगा
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शिमला में समरहिल -बालूगंज सड़क मार्ग पर गिरा डंगा। जिससे यहां दिनभर यातायात अवरुद्ध रहा। लोगों
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बालूगंज से समरहिल के लिए यातायात ठप, बालूगंज से लोअर समरहिल होकर जा रहे वाहन
सुबह साढ़े दस बजे गिरा डंगा, दोपहर बाद तक नहीं हटा मलबा, पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बालूगंज से समरहिल सड़क पर शुक्रवार सुबह करीब पौने दस बजे एडवांस्ड स्टडीज की ओर लगाया गया डंगा गिर गया। बरसात से पहले ही डंगा ढहने से चपेट में आने से सवारियों से भरी बस बाल-बाल बची। दस सैकेंड देरी से बस गुजरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। डंगे के एक हिस्से के ढह जाने के बाद समरहिल चौक-बालूगंज सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। सड़क से देर शाम तक मलबा साफ करने का कार्य नहीं किया गया था। इस कारण समरहिल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं को जोखिम उठाकर सड़क को पार करना पड़ा। लोअर समरहिल के लिए ही वाहनों की आवाजाही हो सकी। 2023 में हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल करने और ऐतिहासिक धरोहर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर को बचाने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ी की ओर डंगे का निर्माण कार्य दिसंबर में ही पूरा किया था। इस डंगे के गिरने से एक बार फिर से विश्वविद्यालय और समरहिल की ओर रहने वाले आम लोगों के लिए आवाजाही में परेशानी खड़ी हो गई है। शुक्रवार को बालूगंज से समरहिल चौक की ओर जा रही एक निजी बस के गुजरने के दौरान अचानक मलबा गिरना शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे बने डंगे का हिस्सा कमजोर पड़ने पर पत्थर गिरने शुरू हो गए और देखते ही देखते मलबा आने से सड़क बंद हो गई।
मौके पर डंगा लगाने के दिए हैं निर्देश : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि बालूगंज-समरहिल सड़क से मलबा हटवाया जा रहा है। संबंधित विभाग को बरसात से पहले यहां डंगा लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को परेशानी न हो।
14 अगस्त 2023 को हुआ था भारी भूस्खलन, बीस लोगों की गई थी जान
14 अगस्त 2023 को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर में भारी भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन के कारण समरहिल बालूगंज, लोअर समरहिल- बालूगंज सड़क धंसने से बंद हो गई थी। रेलवे ट्रेक का पुल भी ढह गया था, वहीं इससे निकले मलबे की चपेट में आने से शिव बावड़ी में भारी तबाही मची थी, इसमें 20 लाेगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर को ढहने से बचाने के लिए करीब पांच करोड़ से पहाड़ी की ओर आरसीसी का डंगा लगाने का कार्य किया। दिसंबर में यह कार्य पूरा किया था। यह बरसात आने से पहले ही ढह गया। इससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्माण कार्य की हो विजिलेंस जांच : पूर्व पार्षद राजीव
समरहिल के पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने कहा कि डंगा ढहने से चंद सेकंड पहले ही बस वहां से गुजरी थी, जो बाल-बाल बची। उन्होंने प्रदेश सरकार से निर्माण कार्य की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की। कहा कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है। इस कार्य में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सीपीडब्ल्यूडी कार्यपालक अभियंता बोले, जल्द बहाल की जाएगी सड़क
सीपीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि सड़क पर गिरे मलबे को हटाकर मार्ग को बहाल करने के लिए कार्य जारी है। पहाड़ी से सड़क पर और पत्थर न आएं, इसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। 50 मीटर डंगे का दस फीट हिस्सा ढहा है। ऊपर हेरिटेज पाथ का निर्माण कार्य जारी था, जहां तक रास्ता बन गया था, वहां दीवार सुरक्षित है।
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सुबह साढ़े दस बजे गिरा डंगा, दोपहर बाद तक नहीं हटा मलबा, पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बालूगंज से समरहिल सड़क पर शुक्रवार सुबह करीब पौने दस बजे एडवांस्ड स्टडीज की ओर लगाया गया डंगा गिर गया। बरसात से पहले ही डंगा ढहने से चपेट में आने से सवारियों से भरी बस बाल-बाल बची। दस सैकेंड देरी से बस गुजरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। डंगे के एक हिस्से के ढह जाने के बाद समरहिल चौक-बालूगंज सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। सड़क से देर शाम तक मलबा साफ करने का कार्य नहीं किया गया था। इस कारण समरहिल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं को जोखिम उठाकर सड़क को पार करना पड़ा। लोअर समरहिल के लिए ही वाहनों की आवाजाही हो सकी। 2023 में हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल करने और ऐतिहासिक धरोहर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर को बचाने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ी की ओर डंगे का निर्माण कार्य दिसंबर में ही पूरा किया था। इस डंगे के गिरने से एक बार फिर से विश्वविद्यालय और समरहिल की ओर रहने वाले आम लोगों के लिए आवाजाही में परेशानी खड़ी हो गई है। शुक्रवार को बालूगंज से समरहिल चौक की ओर जा रही एक निजी बस के गुजरने के दौरान अचानक मलबा गिरना शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क किनारे बने डंगे का हिस्सा कमजोर पड़ने पर पत्थर गिरने शुरू हो गए और देखते ही देखते मलबा आने से सड़क बंद हो गई।
मौके पर डंगा लगाने के दिए हैं निर्देश : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि बालूगंज-समरहिल सड़क से मलबा हटवाया जा रहा है। संबंधित विभाग को बरसात से पहले यहां डंगा लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को परेशानी न हो।
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14 अगस्त 2023 को हुआ था भारी भूस्खलन, बीस लोगों की गई थी जान
14 अगस्त 2023 को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर में भारी भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन के कारण समरहिल बालूगंज, लोअर समरहिल- बालूगंज सड़क धंसने से बंद हो गई थी। रेलवे ट्रेक का पुल भी ढह गया था, वहीं इससे निकले मलबे की चपेट में आने से शिव बावड़ी में भारी तबाही मची थी, इसमें 20 लाेगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर को ढहने से बचाने के लिए करीब पांच करोड़ से पहाड़ी की ओर आरसीसी का डंगा लगाने का कार्य किया। दिसंबर में यह कार्य पूरा किया था। यह बरसात आने से पहले ही ढह गया। इससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्माण कार्य की हो विजिलेंस जांच : पूर्व पार्षद राजीव
समरहिल के पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने कहा कि डंगा ढहने से चंद सेकंड पहले ही बस वहां से गुजरी थी, जो बाल-बाल बची। उन्होंने प्रदेश सरकार से निर्माण कार्य की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की। कहा कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है। इस कार्य में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सीपीडब्ल्यूडी कार्यपालक अभियंता बोले, जल्द बहाल की जाएगी सड़क
सीपीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि सड़क पर गिरे मलबे को हटाकर मार्ग को बहाल करने के लिए कार्य जारी है। पहाड़ी से सड़क पर और पत्थर न आएं, इसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। 50 मीटर डंगे का दस फीट हिस्सा ढहा है। ऊपर हेरिटेज पाथ का निर्माण कार्य जारी था, जहां तक रास्ता बन गया था, वहां दीवार सुरक्षित है।