{"_id":"69c156a9b5b5da6c9007ec97","slug":"leopard-terror-increases-in-shimla-forest-division-with-13-cases-reported-in-two-years-shimla-news-c-19-sml1002-694864-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: वन मंडल शिमला में बढ़ा तेंदुए का \nआतंक, दो सालों में 13 मामले आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: वन मंडल शिमला में बढ़ा तेंदुए का आतंक, दो सालों में 13 मामले आए
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटी, भज्जी, धामी और सुन्नी क्षेत्र में बढ़ा तेंदुए का खौफ
गाय, बकरी और भैंस को बनाया तेंदुए ने अपना शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वन मंडल शिमला में तेंदुए का सबसे ज्यादा आतंक है। वन विभाग के आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। विभाग के अनुसार शिमला वन मंडल में बीते दो सालों में जंगली जानवरों के हमलों के 16 मामले आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा तेंदुए के हमले के 13 मामले हैं। इसमें कई मामले रिहायशी क्षेत्रों के हैं। हालांकि राहत की बात इसमें यह है कि बीते दो साल में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। चिंता का विषय है कि जंगली जानवर अब रिहायशी क्षेत्रों में दिखने लगे हैं। कई रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए और अन्य जानवरों के घूमने की वीडियो भी सामने आ चुके हैं।
वन विभाग के अनुसार शिमला वन मंडल में वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर तक 9 मामले और वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 7 मामले पेश आए हैं। इसमें कोटी, भज्जी, धामी और सुन्नी आदि क्षेत्र शामिल हैं। अलग-अलग मामलों में पशु धन का नुकसान हुआ है। जंगली जानवरों ने गाय, बकरी, भैंस आदि को शिकार बनाया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वन मंडल क्षेत्र में दो वर्षों में कोई मानवीय हानि नहीं हुई है। विभाग ने इस दौरान 2 लाख 14 हजार का मुआवजा प्रभावितों को दिया है। तेंदुए के हमले के वर्ष 2024 में 7 और 2025 में 6 मामले आए हैं। इसके अलावा काले भालुओं के दो और बंदरों के हमले का एक मामला आया है। बंदर ने मशोबरा में एक व्यक्ति पर गंभीर हमला किया था। इसमें विभाग ने प्रभावित परिवार को 75 हजार रुपये का मुआवजा दिया है।
कोट
दो सालों में शिमला वन मंडल में जंगली जानवरों के हमलों के 16 मामले आए हैं। इसमें कोई मानवीय हानि नहीं हुई है। कई मामलों में पशुधन को नुकसान हुआ है। विभाग ने सभी प्रभावितों को 2.14 लाख का मुआवजा दिया है।
-अनिकेत, वन मंडल अधिकारी शिमला
Trending Videos
गाय, बकरी और भैंस को बनाया तेंदुए ने अपना शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वन मंडल शिमला में तेंदुए का सबसे ज्यादा आतंक है। वन विभाग के आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। विभाग के अनुसार शिमला वन मंडल में बीते दो सालों में जंगली जानवरों के हमलों के 16 मामले आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा तेंदुए के हमले के 13 मामले हैं। इसमें कई मामले रिहायशी क्षेत्रों के हैं। हालांकि राहत की बात इसमें यह है कि बीते दो साल में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। चिंता का विषय है कि जंगली जानवर अब रिहायशी क्षेत्रों में दिखने लगे हैं। कई रिहायशी क्षेत्रों में तेंदुए और अन्य जानवरों के घूमने की वीडियो भी सामने आ चुके हैं।
वन विभाग के अनुसार शिमला वन मंडल में वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर तक 9 मामले और वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 7 मामले पेश आए हैं। इसमें कोटी, भज्जी, धामी और सुन्नी आदि क्षेत्र शामिल हैं। अलग-अलग मामलों में पशु धन का नुकसान हुआ है। जंगली जानवरों ने गाय, बकरी, भैंस आदि को शिकार बनाया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वन मंडल क्षेत्र में दो वर्षों में कोई मानवीय हानि नहीं हुई है। विभाग ने इस दौरान 2 लाख 14 हजार का मुआवजा प्रभावितों को दिया है। तेंदुए के हमले के वर्ष 2024 में 7 और 2025 में 6 मामले आए हैं। इसके अलावा काले भालुओं के दो और बंदरों के हमले का एक मामला आया है। बंदर ने मशोबरा में एक व्यक्ति पर गंभीर हमला किया था। इसमें विभाग ने प्रभावित परिवार को 75 हजार रुपये का मुआवजा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोट
दो सालों में शिमला वन मंडल में जंगली जानवरों के हमलों के 16 मामले आए हैं। इसमें कोई मानवीय हानि नहीं हुई है। कई मामलों में पशुधन को नुकसान हुआ है। विभाग ने सभी प्रभावितों को 2.14 लाख का मुआवजा दिया है।
-अनिकेत, वन मंडल अधिकारी शिमला