फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वीरभद्र-सुखराम साथ चले तो मुश्किल होगी भाजपा की राह, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 26 Mar 2019 05:00 AM IST
देव कश्यप अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी
अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी Published by: देव कश्यप Updated Tue, 26 Mar 2019 05:00 AM IST
विज्ञापन
Virbhadra and Sukhram company can creat problem for bjp in mandi himachal

लंबे अरसे बाद हिमाचल में कांग्रेस के कद्दावर नेता 84 साल के वीरभद्र सिंह और राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले 92 वर्षीय पंडित सुखराम का एकसाथ कांग्रेस में होना भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है। दिलचस्प है कि इन दोनों दिग्गज कांग्रेस नेताओं के सामने मुख्यमंत्री जयराम को अपने गृह जिले की सीट बचाने के लिए चुनावी रण लड़वाना है। ऐसे में एक तरफ जहां वीरभद्र सिंह और सुखराम के सामने आपसी समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री को गृह जिले की संसदीय सीट को बचाना है।

Virbhadra and Sukhram company can creat problem for bjp in mandi himachal

इस तरह से मंडी हॉट सीट भाजपा की प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गई है। उधर, चुनावों से ऐन पहले सुखराम के पोते आश्रय के साथ कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद इस सीट पर कांग्रेस की स्थिति वीरभद्र सिंह के रुख पर भी निर्भर करेगी। देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस मंडी सीट के चुनावी समर में भितरघात कैसे पार पाती है। इसी कसौटी से भाजपा को भी गुजरना होगा, क्योंकि रामस्वरूप शर्मा को टिकट मिलने से पार्टी के बड़े चेहरों के समर्थक खासे नाराज हैं। 

 

 

 

 

Virbhadra and Sukhram company can creat problem for bjp in mandi himachal

रामपुर, किन्नौर और भरमौर क्षेत्र से वीरभद्र को भारी लीड मिलती रही है। यहां से 20 से 25 हजार तक की बढ़त कांग्रेस को आती रही है। ऐसे में मंडी सीट के इन ऊपरी इलाकों का रुझान भी हार जीत के लिए निर्णायक होगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Virbhadra and Sukhram company can creat problem for bjp in mandi himachal

तो क्या सीएम का चेहरा बनेगा रामस्वरूप के लिए वरदान
सीएम जयराम ठाकुर को लोकसभा उपचुनाव और विस चुनावों में हार का स्वाद चखाने के लिए वीरभद्र परिवार ने सराज पहुंचकर एड़ी चोटी का जोर लगाया था। मगर जयराम की कूटनीति के आगे कांग्रेस सराज में विस चुनावों में धराशायी होती रही। लोस उपचुनाव में जयराम जरूर हारे लेकिन सराज से पूरे मंडी संसदीय क्षेत्र में जयराम को लीड मिली थी। ऐसे में मंडी से सीएम का चेहरा रामस्वरूप के लिए वरदान साबित होता है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।


 
विज्ञापन
Virbhadra and Sukhram company can creat problem for bjp in mandi himachal

शर्मा बनाम शर्मा हुआ तो बंटेगा बिरादरी वोट
अगर आश्रय शर्मा को टिकट मिला तो शर्मा बनाम शर्मा की जंग भी रोचक होगी। हालांकि जातीय समीकरण यहां बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं रहते हैं लेकिन रामस्वरूप शर्मा के सामने यदि आश्रय शर्मा को उतारा जाता है तो पंडित सुखराम का परंपरागत वोट जातीय समीकरण को प्रभावित कर सकता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed