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Shimla News: एचआरटीसी के लिए खतरा बनीं अवैध चल रही वोल्वो बसें
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राजधानी शिमला से हर रोज कांट्रेक्ट कैरिज के नाम पर वोल्वो बसों में प्रति सीट ढोई जा रही हैं सवारियां निगम और निजी बसों के किराये में भी है अंतर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के घाटे का रोना रोने वाली प्रदेश सरकार निगम की वोल्वो बस सेवा को बचाने में नाकाम साबित होती नजर आ रही है।
परिवहन विभाग के मुख्यालय के नाक तले रोज राजधानी शिमला से दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए नियमित रूप से कांट्रेक्ट कैरिज (पूरी बस का अनुबंध किराया) के नाम पर निजी वोल्वो चल रही हैं। नियमों के मुताबिक कांट्रेक्ट कैरिज के नाम सिर्फ बसों की बुकिंग की जा सकती है, प्रति सीट अगर सवारी उठानी है तो उसके लिए स्टेट कैरिज का परमिट लेना जरूरी है। परिवहन विभाग कभी कभार कागजात चेक कर कुछ बस मालिकों को औसतन प्रति बस दस हजार रुपये का जुर्माना लगा देता है लेकिन यह निजी वोल्वो की कमाई का बहुत कम हिस्सा है। ऐसे में अवैध रूप से चल रही इन निजी वोल्वो बसों पर अंकुश नहीं लग रहा है। निजी वोल्वो से चल रही इस परोक्ष प्रतिस्पर्धा के बावजूद राजधानी शिमला से चलने वाली वोल्वो बस सेवा कमाई कर रही हैं। परिवहन निगम की शिमला में 43 वोल्वो बसें हैं, जिसमें 27 बीएस 6 बसें हैं, जिन्हें दिल्ली को चलाया जा रहा है। शेष बीएस थ्री बसों को तारादेवी डिविजन वर्कशॉप से अन्य रूटों पर चलाया जाता है। 19 रूटों पर 38 बसें चल रही हैं। इन बसों में 80 फीसदी तक आक्यूपेंसी रहती है लेकिन अवैध रूप से चल रही निजी वोल्वो बसों पर अंकुश नहीं लगा तो परिवहन निगम की वोल्वो सेवा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। निजी वोल्वो में 357 से लेकर 791 रुपये में किराया दिल्ली का लिया जाता है।
एचआरटीसी वोल्वो में दिल्ली का सफर 1192 रुपये प्रति सीट करवा रहा है। शिमला बैरियर से हर रोज शाम ढलते ही निजी वोल्वो बसों का जमावड़ा लग जाता है। यही क्रम जारी रहा तो वो दिन दूर नहीं कि हिमाचल पथ परिवहन निगम को मजबूरन धर्मशाला की तरह वोल्वो सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी। राजधानी शिमला से नियमित रूप से अवैध रूप से चलाई जा रही निजी वोल्वो बसों की सीटों की बोली ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से लगती है। सवारी को आगे और पीछे वाली सीटों के लिए तीन सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक प्रति सीट ऑनलाइन चुकाने पड़ते हैं।
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निगम की वोल्वो बस सेवा
शिमला से चलने वाली वोल्वो बसों में शिमला से दिल्ली के लिए पहली बस सुबह 8.30 बजे, इसके बाद 11:15 और दोपहर 1:45 बजे चलती है। इसके बाद रात 8 बजे, नौ बजे, 9:30 बजे, रोहड़ू से दिल्ली 10 बजे, रामपुर से दिल्ली 10:30 बजे वोल्वो दिल्ली रूट पर संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा शिमला से कटड़ा, शिमला से चंडीगढ़, शिमला से हरिद्वार, सरकाघाट से दिल्ली, हमीरपुर, नालागढ़, रिवाल्सर, चंबा, धर्मशाला, पावंटा साहिब से दिल्ली के लिए वोल्वो चल रही हैं। इन सभी बसों से निगम को रोजाना औसतन 80 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से 12 लाख की कमाई हो रही है।
सभी रूटों पर कमाई के साथ संचलित की जा रही वाल्वो बस सेवा
शिमला के तारादेवी डिविजनल वर्कशॉप के तहत सभी रूटों पर वोल्वो बसें चल रही हैं। निजी वोल्वो का बस सेवा पर असर पड़ा है।लगातर बढ़ रहे इस कारोबार को रोकने के लिए सख्ती जरूरी है। परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई करता है, लेकिन इसे नियमित रूप से किया जाना जरूरी है।
-अमित चौहान, मैनेजर टेक्टिनकल, इंचार्ज वोल्वो, डीडब्लू तारादेवी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के घाटे का रोना रोने वाली प्रदेश सरकार निगम की वोल्वो बस सेवा को बचाने में नाकाम साबित होती नजर आ रही है।
परिवहन विभाग के मुख्यालय के नाक तले रोज राजधानी शिमला से दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए नियमित रूप से कांट्रेक्ट कैरिज (पूरी बस का अनुबंध किराया) के नाम पर निजी वोल्वो चल रही हैं। नियमों के मुताबिक कांट्रेक्ट कैरिज के नाम सिर्फ बसों की बुकिंग की जा सकती है, प्रति सीट अगर सवारी उठानी है तो उसके लिए स्टेट कैरिज का परमिट लेना जरूरी है। परिवहन विभाग कभी कभार कागजात चेक कर कुछ बस मालिकों को औसतन प्रति बस दस हजार रुपये का जुर्माना लगा देता है लेकिन यह निजी वोल्वो की कमाई का बहुत कम हिस्सा है। ऐसे में अवैध रूप से चल रही इन निजी वोल्वो बसों पर अंकुश नहीं लग रहा है। निजी वोल्वो से चल रही इस परोक्ष प्रतिस्पर्धा के बावजूद राजधानी शिमला से चलने वाली वोल्वो बस सेवा कमाई कर रही हैं। परिवहन निगम की शिमला में 43 वोल्वो बसें हैं, जिसमें 27 बीएस 6 बसें हैं, जिन्हें दिल्ली को चलाया जा रहा है। शेष बीएस थ्री बसों को तारादेवी डिविजन वर्कशॉप से अन्य रूटों पर चलाया जाता है। 19 रूटों पर 38 बसें चल रही हैं। इन बसों में 80 फीसदी तक आक्यूपेंसी रहती है लेकिन अवैध रूप से चल रही निजी वोल्वो बसों पर अंकुश नहीं लगा तो परिवहन निगम की वोल्वो सेवा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। निजी वोल्वो में 357 से लेकर 791 रुपये में किराया दिल्ली का लिया जाता है।
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एचआरटीसी वोल्वो में दिल्ली का सफर 1192 रुपये प्रति सीट करवा रहा है। शिमला बैरियर से हर रोज शाम ढलते ही निजी वोल्वो बसों का जमावड़ा लग जाता है। यही क्रम जारी रहा तो वो दिन दूर नहीं कि हिमाचल पथ परिवहन निगम को मजबूरन धर्मशाला की तरह वोल्वो सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी। राजधानी शिमला से नियमित रूप से अवैध रूप से चलाई जा रही निजी वोल्वो बसों की सीटों की बोली ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से लगती है। सवारी को आगे और पीछे वाली सीटों के लिए तीन सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक प्रति सीट ऑनलाइन चुकाने पड़ते हैं।
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निगम की वोल्वो बस सेवा
शिमला से चलने वाली वोल्वो बसों में शिमला से दिल्ली के लिए पहली बस सुबह 8.30 बजे, इसके बाद 11:15 और दोपहर 1:45 बजे चलती है। इसके बाद रात 8 बजे, नौ बजे, 9:30 बजे, रोहड़ू से दिल्ली 10 बजे, रामपुर से दिल्ली 10:30 बजे वोल्वो दिल्ली रूट पर संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा शिमला से कटड़ा, शिमला से चंडीगढ़, शिमला से हरिद्वार, सरकाघाट से दिल्ली, हमीरपुर, नालागढ़, रिवाल्सर, चंबा, धर्मशाला, पावंटा साहिब से दिल्ली के लिए वोल्वो चल रही हैं। इन सभी बसों से निगम को रोजाना औसतन 80 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से 12 लाख की कमाई हो रही है।
सभी रूटों पर कमाई के साथ संचलित की जा रही वाल्वो बस सेवा
शिमला के तारादेवी डिविजनल वर्कशॉप के तहत सभी रूटों पर वोल्वो बसें चल रही हैं। निजी वोल्वो का बस सेवा पर असर पड़ा है।लगातर बढ़ रहे इस कारोबार को रोकने के लिए सख्ती जरूरी है। परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई करता है, लेकिन इसे नियमित रूप से किया जाना जरूरी है।
-अमित चौहान, मैनेजर टेक्टिनकल, इंचार्ज वोल्वो, डीडब्लू तारादेवी