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Asian Boxing Meet: भारत ने एशियाई आयुवर्ग मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीते 19 पदक, पांच स्वर्ण भी शामिल
Wed, 15 Jul 2026 11:05 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:05 PM IST
सार
भारत ने एशियाई अंडर 19 और अंडर 23 मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य समेत कुल 19 पदक जीते। अंडर 19 महिला वर्ग में भारत ने दो स्वर्ण और छह रजत पदक हासिल किए।
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एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप
- फोटो : BFI Media
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विस्तार
भारत ने एशियन अंडर-19 और अंडर-23 मुक्केबाजी चैंपियनशिप के महिला वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया है। बुधवार को इंडोनेशिया के जकार्ता में खेले गए फाइनल में भारत ने अंडर-19 और अंडर-23 वर्ग में कुल पांच स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। अंडर-19 महिला वर्ग में भारत ने दो स्वर्ण और छह रजत पदक जीते, जो युवाओं के दमखम को दिखाता है।
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चंद्रिका-प्राची ने जीते स्वर्ण पदक
51 किलोग्राम वर्ग में चंद्रिका पुजारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान की नाजोकत मार्डोनोवा को 5-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, प्राची ने भी इंडोनेशिया की दिरा आर्टिका को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंडर-19 वर्ग में भारत के अन्य फाइनलिस्ट ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा।
अंडर-23 महिला वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने एक स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीते। 54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ग में भारत के अन्य गोल्ड मेडलिस्ट ने भी अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए पोडियम पर टॉप स्थान हासिल किया।
51 किलोग्राम वर्ग में चंद्रिका पुजारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान की नाजोकत मार्डोनोवा को 5-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, प्राची ने भी इंडोनेशिया की दिरा आर्टिका को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंडर-19 वर्ग में भारत के अन्य फाइनलिस्ट ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा।
अंडर-23 महिला वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने एक स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीते। 54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस वर्ग में भारत के अन्य गोल्ड मेडलिस्ट ने भी अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए पोडियम पर टॉप स्थान हासिल किया।
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निकिता-काजल और मुस्कान को रजत से करना पड़ा संतोष
वहीं, निकिता चंद (60 किलोग्राम), काजल (65 किलोग्राम) और मुस्कान (75 किलोग्राम) ने अपने-अपने फाइनल में कड़ी टक्कर दी, लेकिन उज्बेकिस्तान की मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। कांस्य पदक सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण मिले, जो अलग-अलग भार वर्ग में भारत के लगातार अच्छे प्रदर्शन को उजागर करते हैं।
इन नतीजों के साथ भारत ने एक बार फिर युवा स्तर पर, खासकर महिला वर्ग में, अपने दबदबे का परिचय दिया। महिला वर्ग में भारत का यह प्रदर्शन एशियाई आयु वर्ग मुक्केबाजी में उसकी लगातार बढ़ती बादशाहत को दर्शाता है। अंडर-19 और अंडर-23 दोनों वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया कि देश के पास भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत फौज तैयार है।
वहीं, निकिता चंद (60 किलोग्राम), काजल (65 किलोग्राम) और मुस्कान (75 किलोग्राम) ने अपने-अपने फाइनल में कड़ी टक्कर दी, लेकिन उज्बेकिस्तान की मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। कांस्य पदक सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण मिले, जो अलग-अलग भार वर्ग में भारत के लगातार अच्छे प्रदर्शन को उजागर करते हैं।
इन नतीजों के साथ भारत ने एक बार फिर युवा स्तर पर, खासकर महिला वर्ग में, अपने दबदबे का परिचय दिया। महिला वर्ग में भारत का यह प्रदर्शन एशियाई आयु वर्ग मुक्केबाजी में उसकी लगातार बढ़ती बादशाहत को दर्शाता है। अंडर-19 और अंडर-23 दोनों वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया कि देश के पास भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत फौज तैयार है।