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Explainer: पिता को मिले 'धोखे' के बाद क्या पुर्तगाल से नहीं खेलेंगे रोनाल्डो जूनियर? इन 5 देशों के ऑफर जेब में
Sun, 12 Jul 2026 02:47 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिस्बन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिस्बन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:47 AM IST
सार
क्रिस्टियानो रोनाल्डो जूनियर के पास पुर्तगाल के अलावा अमेरिका, स्पेन, इंग्लैंड और केप वर्डे के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलने की पात्रता है। फिलहाल वह पुर्तगाल की जूनियर टीमों का हिस्सा हैं, लेकिन भविष्य में सीनियर स्तर पर किस देश की जर्सी पहनेंगे, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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रोनाल्डो जूनियर और क्रिस्टियानो रोनाल्डो
- फोटो : FIFA.COM/AP
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विस्तार
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पुर्तगाल की हार के बाद सबसे ज्यादा सवाल टीम के मिडफील्ड पर उठे, जिसने पूरे टूर्नामेंट में स्टार स्ट्राइकर को अपेक्षित सपोर्ट नहीं दिया। विटिन्हा, ब्रूनो फर्नांडीस और जोआओ नेवेस जैसे खिलाड़ियों की फैंस ने जमकर आलोचना की। कई फैंस का मानना था कि रोनाल्डो को आगे पास देने की बजाय बैक पास ज्यादा खेले गए, जिससे वह गोल करने के पर्याप्त मौके नहीं बना सके।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में उनके बेटे रोनाल्डो जूनियर पिता को मिले अन्य खिलाड़ियों से धोखे के बावजूद पुर्तगाल से खेलना जारी रखेंगे या फिर पुर्तगाल का साथ छोड़ उन अन्य चार देशों में से किसी एक को चुनेंगे, जिनके लिए वह खेलने की पात्रता रखते हैं। रोनाल्डो जूनियर फिलहाल पुर्तगाल समेत पांच देशों से खेलने की योग्यता रखते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
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इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में उनके बेटे रोनाल्डो जूनियर पिता को मिले अन्य खिलाड़ियों से धोखे के बावजूद पुर्तगाल से खेलना जारी रखेंगे या फिर पुर्तगाल का साथ छोड़ उन अन्य चार देशों में से किसी एक को चुनेंगे, जिनके लिए वह खेलने की पात्रता रखते हैं। रोनाल्डो जूनियर फिलहाल पुर्तगाल समेत पांच देशों से खेलने की योग्यता रखते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
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रोनाल्डो जूनियर के पास अन्य देशों से खेलने का विकल्प
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का यह आखिरी फीफा विश्वकप था और इसका जिक्र वह खुद कर चुके हैं। अब फुटबॉल प्रेमियों की नजर उनके 16 वर्षीय बेटे रोनाल्डो जूनियर पर है। दिलचस्प बात यह है कि रोनाल्डो जूनियर के पास सिर्फ पुर्तगाल ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलने का विकल्प है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वह अपने पिता की तरह पुर्तगाल की जर्सी पहनेंगे या किसी दूसरे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का यह आखिरी फीफा विश्वकप था और इसका जिक्र वह खुद कर चुके हैं। अब फुटबॉल प्रेमियों की नजर उनके 16 वर्षीय बेटे रोनाल्डो जूनियर पर है। दिलचस्प बात यह है कि रोनाल्डो जूनियर के पास सिर्फ पुर्तगाल ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलने का विकल्प है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वह अपने पिता की तरह पुर्तगाल की जर्सी पहनेंगे या किसी दूसरे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे?
क्या कहता है फीफा का पात्रता नियम
नियमों के मुताबिक, फीफा पात्रता नियमों के तहत कोई भी खिलाड़ी तीन मुख्य आधारों पर किसी देश का प्रतिनिधित्व (खेलने की योग्यता) कर सकता है। इनमें शामिल हैं-
1. जन्म: खिलाड़ी जिस देश की धरती पर पैदा हुआ हो, वह वहां से खेल सकता है।
2. पूर्वज / वंश: खिलाड़ी के माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी जिस देश के नागरिक या मूल निवासी हों, खिलाड़ी उस देश को चुन सकता है।
3. कहीं रहने की अवधि: यदि कोई खिलाड़ी बचपन में या अपने करियर के दौरान किसी देश में लगातार कुछ निश्चित वर्षों (आमतौर पर कम से कम पांच वर्ष) तक रहा हो, तो वह वहां की नागरिकता लेकर खेल सकता है।
नियमों के मुताबिक, फीफा पात्रता नियमों के तहत कोई भी खिलाड़ी तीन मुख्य आधारों पर किसी देश का प्रतिनिधित्व (खेलने की योग्यता) कर सकता है। इनमें शामिल हैं-
1. जन्म: खिलाड़ी जिस देश की धरती पर पैदा हुआ हो, वह वहां से खेल सकता है।
2. पूर्वज / वंश: खिलाड़ी के माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी जिस देश के नागरिक या मूल निवासी हों, खिलाड़ी उस देश को चुन सकता है।
3. कहीं रहने की अवधि: यदि कोई खिलाड़ी बचपन में या अपने करियर के दौरान किसी देश में लगातार कुछ निश्चित वर्षों (आमतौर पर कम से कम पांच वर्ष) तक रहा हो, तो वह वहां की नागरिकता लेकर खेल सकता है।
1. पुर्तगाल सबसे मजबूत दावेदार
- रोनाल्डो जूनियर ने अब तक पुर्तगाल की अंडर-15 और अंडर-16 टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड, युवेंटस और अल-नस्र की युवा अकादमियों में भी प्रशिक्षण लिया है।
- अगर उनका विकास इसी तरह जारी रहता है और वह सीनियर टीम तक पहुंचते हैं, तो सबसे ज्यादा संभावना यही है कि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए पुर्तगाल की जर्सी पहनें।
- रोनाल्डो जूनियर से पुर्तगाल के फैंस को भी काफी उम्मीदें हैं। उनका भी जर्सी नंबर सात ही है और फैंस को उम्मीद है कि जो काम क्रिस्टियानो पूरा न कर सके, वो काम रोनाल्डो जूनियर पूरा करेंगे।
2. अमेरिका के लिए भी खेल सकते हैं
- रोनाल्डो जूनियर का जन्म अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ला मेसा शहर में हुआ था। जन्म के आधार पर उन्हें अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने की पात्रता भी मिलती है।
- अगर वह यूएसए का विकल्प चुनते हैं, तो अमेरिकी फुटबॉल को दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल परिवारों में से एक का प्रतिनिधि मिल सकता है।
3. स्पेन भी है विकल्प
- रोनाल्डो जूनियर कई वर्षों तक स्पेन में रहे, जब उनके पिता रियल मैड्रिड के लिए खेल रहे थे।
- स्पेन के नागरिकता कानूनों के तहत, देश में तीन साल से अधिक समय तक रहने के आधार पर वह स्पेनिश नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- अगर ऐसा होता है तो यूरोपीय चैंपियन स्पेन के लिए खेलने का रास्ता भी खुल सकता है।
4. इंग्लैंड के लिए भी हैं पात्र
- रोनाल्डो जूनियर इंग्लैंड के लिए भी खेल सकते हैं। उनके पिता ने मैनचेस्टर यूनाइटेड में दो अलग-अलग कार्यकाल बिताए और परिवार ने वहां भी काफी समय गुजारा।
- जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर वह ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की पात्रता भी रख सकते हैं।
5. केप वर्डे से भी है पारिवारिक रिश्ता
- रोनाल्डो जूनियर के पास अफ्रीकी देश केप वर्डे के लिए खेलने का विकल्प भी मौजूद है। उनकी दादी मारिया डोलोरेस डॉस सांतोस अवेइरो के पारिवारिक संबंध केप वर्डे से जुड़े हैं, जिसके आधार पर वह इस देश का प्रतिनिधित्व करने के पात्र हैं।
- हालांकि, फुटबॉल के लिहाज से यह विकल्प सबसे कम संभावित माना जा रहा है। केप वर्डे ने 2026 में अपने इतिहास का पहला फीफा वर्ल्ड कप खेलने का अधिकार हासिल किया है। हालांकि, उसने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में इतिहास रचते हुए राउंड ऑफ-32 में जगह बनाई।
उदाहरण से समझिए
- लामिन यमाल: बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल के पास स्पेन के अलावा मोरक्को और इक्वेटोरियल गिनी के लिए खेलने की पात्रता थी। हालांकि उन्होंने स्पेन को चुना और अब उसी की सीनियर टीम का हिस्सा हैं।
- एंटनी एलांगा: स्वीडन के लिए खेलते हैं, जबकि उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ था और वह इंग्लैंड के लिए भी पात्र थे।
- इब्राहिम कोनाटे: फ्रांस के लिए खेलते हैं, लेकिन अपने पारिवारिक संबंधों के कारण माली का प्रतिनिधित्व भी कर सकते थे।
- अशरफ हकिमी: स्पेन में जन्मे, लेकिन अपने माता-पिता की वजह से मोरक्को को चुना और आज उसकी राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं।
क्या पिता की राह पर चलेंगे रोनाल्डो जूनियर?
रोनाल्डो जूनियर का मामला भी इसी तरह का है। वह जन्म, नागरिकता और पारिवारिक संबंधों के आधार पर पुर्तगाल, अमेरिका, स्पेन, इंग्लैंड और केप वर्डे, इन पांच देशों के लिए खेलने की पात्रता रखते हैं। फिलहाल वह पुर्तगाल की जूनियर टीमों का हिस्सा हैं, इसलिए भविष्य में उनके पुर्तगाल की सीनियर टीम के लिए खेलने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। हालांकि फुटबॉल नियमों के तहत, यदि उन्होंने अभी तक सीनियर स्तर पर आधिकारिक प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है और पात्रता की सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो उनके पास अन्य योग्य देशों का विकल्प भी मौजूद रह सकता है। अगर उनका विकास इसी गति से जारी रहा तो 2030 या उसके बाद के विश्व कप में वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए दुनिया के सबसे चर्चित युवा फुटबॉलरों में शामिल हो सकते हैं।
रोनाल्डो जूनियर का मामला भी इसी तरह का है। वह जन्म, नागरिकता और पारिवारिक संबंधों के आधार पर पुर्तगाल, अमेरिका, स्पेन, इंग्लैंड और केप वर्डे, इन पांच देशों के लिए खेलने की पात्रता रखते हैं। फिलहाल वह पुर्तगाल की जूनियर टीमों का हिस्सा हैं, इसलिए भविष्य में उनके पुर्तगाल की सीनियर टीम के लिए खेलने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। हालांकि फुटबॉल नियमों के तहत, यदि उन्होंने अभी तक सीनियर स्तर पर आधिकारिक प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है और पात्रता की सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो उनके पास अन्य योग्य देशों का विकल्प भी मौजूद रह सकता है। अगर उनका विकास इसी गति से जारी रहा तो 2030 या उसके बाद के विश्व कप में वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए दुनिया के सबसे चर्चित युवा फुटबॉलरों में शामिल हो सकते हैं।
फीफा के नियम क्या कहते हैं? कब बदल सकता है खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीम
फीफा के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी किसी देश की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए आधिकारिक मैच खेल चुका है, तो आमतौर पर वह किसी दूसरे देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। हालांकि, सितंबर 2020 में फीफा ने नियमों में बदलाव किया था, जिसके तहत दोहरी नागरिकता रखने वाले खिलाड़ियों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ एक बार राष्ट्रीय टीम बदलने की अनुमति दी गई।
फीफा के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी किसी देश की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए आधिकारिक मैच खेल चुका है, तो आमतौर पर वह किसी दूसरे देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। हालांकि, सितंबर 2020 में फीफा ने नियमों में बदलाव किया था, जिसके तहत दोहरी नागरिकता रखने वाले खिलाड़ियों को कुछ कड़ी शर्तों के साथ एक बार राष्ट्रीय टीम बदलने की अनुमति दी गई।
1. मैचों की संख्या और उम्र की शर्त
- खिलाड़ी ने अपनी पहली सीनियर टीम के लिए तीन से अधिक आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हों।
- जिस समय उसने उस टीम के लिए अपना आखिरी मैच खेला हो, उसकी उम्र 21 वर्ष से कम रही हो।
2. बड़े टूर्नामेंट में नहीं खेला हो
- खिलाड़ी ने फीफा वर्ल्ड कप, यूरो कप, कोपा अमेरिका जैसे किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल चरण (Finals) में हिस्सा नहीं लिया हो।
- हालांकि, ऐसे टूर्नामेंट के क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी अन्य शर्तें पूरी होने पर टीम बदलने के पात्र हो सकते हैं।
3. तीन साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड
- अपनी पहली राष्ट्रीय टीम के लिए आखिरी मैच खेलने के बाद कम से कम तीन साल बीत चुके हों।
- इस दौरान उसने किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हिस्सा न लिया हो।
4. पहले से होनी चाहिए दूसरी देश की नागरिकता
- जिस देश के लिए खिलाड़ी भविष्य में खेलना चाहता है, उसकी नागरिकता उसके पास पहले राष्ट्रीय टीम के लिए पहला मैच खेलने से पहले ही होनी चाहिए।
- पहली टीम के लिए खेलने के बाद नई नागरिकता हासिल कर टीम बदलने की अनुमति नहीं मिलती।
5. केवल एक बार बदल सकता है टीम
- फीफा के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी अपने पूरे करियर में केवल एक बार राष्ट्रीय टीम बदलने के लिए आवेदन कर सकता है।
- एक बार स्विच मंजूर होने के बाद वह दोबारा अपनी पुरानी टीम में वापस नहीं लौट सकता।
उदाहरण: इंग्लैंड के मिडफील्डर डेक्लान राइस ने अपने करियर की शुरुआत आयरलैंड के लिए की थी और तीन अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे। बाद में फीफा के नियमों के तहत उन्होंने राष्ट्रीय टीम बदली और इंग्लैंड की ओर से खेलने लगे।