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CWG 2026: क्या कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक के लिए पूरा दम नहीं लगाएंगी मीराबाई चानू? खुद बताई इसकी असली वजह
Fri, 24 Jul 2026 11:58 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लॉजेन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लॉजेन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:58 AM IST
सार
भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने खुलासा किया है कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना पूरा दम नहीं लगाएंगी। इसकी वजह सितंबर में होने वाले एशियाई खेल हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। मीराबाई का लक्ष्य वहां पहली बार पदक जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी कमी को पूरा करना है।
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मीराबाई चानू
- फोटो : ANI
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विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदार मीराबाई चानू ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि ग्लासगो में वह अपनी पूरी ताकत नहीं झोंकेंगी, क्योंकि उनका असली लक्ष्य इसी साल सितंबर में होने वाले एशियाई खेल हैं। मीराबाई का मानना है कि इस समय किसी बड़े जोखिम से बचना ज्यादा जरूरी है, ताकि एशियन गेम्स में वह अपने करियर का अधूरा सपना पूरा कर सकें।
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एशियाई खेल हैं पहली प्राथमिकता
टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने साफ कहा कि उनकी पूरी ट्रेनिंग एशियाई खेलों को ध्यान में रखकर की गई है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन भी उसी योजना के अनुसार रहेगा। मीराबाई ने कहा, 'मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना 100 प्रतिशत प्रयास नहीं करूंगी। मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर है, क्योंकि वे बहुत करीब हैं। मैंने अपनी तैयारी भी उसी को ध्यान में रखकर की है। इसलिए यहां मेरा प्रदर्शन और प्रयास उसी योजना के मुताबिक रहेगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि एशियाई खेलों में वह स्नैच में 90 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास जरूर करेंगी। मीराबाई ने कहा, 'यह पहले से नहीं कहा जा सकता कि किसी दिन शरीर कैसा प्रदर्शन करेगा, लेकिन एशियाई खेलों में मैं 90 किलोग्राम स्नैच उठाने की पूरी कोशिश करूंगी।'
टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने साफ कहा कि उनकी पूरी ट्रेनिंग एशियाई खेलों को ध्यान में रखकर की गई है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन भी उसी योजना के अनुसार रहेगा। मीराबाई ने कहा, 'मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना 100 प्रतिशत प्रयास नहीं करूंगी। मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर है, क्योंकि वे बहुत करीब हैं। मैंने अपनी तैयारी भी उसी को ध्यान में रखकर की है। इसलिए यहां मेरा प्रदर्शन और प्रयास उसी योजना के मुताबिक रहेगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि एशियाई खेलों में वह स्नैच में 90 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास जरूर करेंगी। मीराबाई ने कहा, 'यह पहले से नहीं कहा जा सकता कि किसी दिन शरीर कैसा प्रदर्शन करेगा, लेकिन एशियाई खेलों में मैं 90 किलोग्राम स्नैच उठाने की पूरी कोशिश करूंगी।'
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एशियाई खेल का पदक ही सबसे बड़ा सपना
31 वर्षीय मीराबाई के करियर में ओलंपिक रजत, विश्व चैंपियनशिप के दो पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन पदक शामिल हैं। हालांकि एशियाई खेलों का पदक अब भी उनकी झोली में नहीं है। यही वजह है कि इस बार उन्होंने अपनी पूरी रणनीति उसी प्रतियोगिता को ध्यान में रखकर बनाई है, जहां चीन, थाईलैंड और उत्तर कोरिया जैसी मजबूत टीमों से कड़ी चुनौती मिलेगी।
31 वर्षीय मीराबाई के करियर में ओलंपिक रजत, विश्व चैंपियनशिप के दो पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन पदक शामिल हैं। हालांकि एशियाई खेलों का पदक अब भी उनकी झोली में नहीं है। यही वजह है कि इस बार उन्होंने अपनी पूरी रणनीति उसी प्रतियोगिता को ध्यान में रखकर बनाई है, जहां चीन, थाईलैंड और उत्तर कोरिया जैसी मजबूत टीमों से कड़ी चुनौती मिलेगी।
53 किलोग्राम वर्ग में जाने को लेकर उत्साहित
मीराबाई ने बताया कि एशियाई खेलों के बाद वह स्थायी रूप से 53 किलोग्राम भार वर्ग में उतरेंगी। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भार वर्गों में हुए बदलाव के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, 'वजन नियंत्रित रखना बहुत मुश्किल होता है। जब से मैं खेल रही हूं, तब से 48 या 49 किलोग्राम वर्ग के हिसाब से खुद को बनाए रखना पड़ता है। खिलाड़ी की आधी जिंदगी इसी में निकल जाती है। अब 53 किलोग्राम वर्ग में जाने से काफी राहत मिलेगी। हालांकि वहां मुकाबला और कठिन होगा, इसलिए मुझे अपने प्रदर्शन में भी सुधार करना होगा।'
मीराबाई ने बताया कि एशियाई खेलों के बाद वह स्थायी रूप से 53 किलोग्राम भार वर्ग में उतरेंगी। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भार वर्गों में हुए बदलाव के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, 'वजन नियंत्रित रखना बहुत मुश्किल होता है। जब से मैं खेल रही हूं, तब से 48 या 49 किलोग्राम वर्ग के हिसाब से खुद को बनाए रखना पड़ता है। खिलाड़ी की आधी जिंदगी इसी में निकल जाती है। अब 53 किलोग्राम वर्ग में जाने से काफी राहत मिलेगी। हालांकि वहां मुकाबला और कठिन होगा, इसलिए मुझे अपने प्रदर्शन में भी सुधार करना होगा।'
डोपिंग पर खिलाड़ियों को दी खास सलाह
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का भारोत्तोलन कोटा डोपिंग मामलों की वजह से घटाए जाने पर मीराबाई ने खिलाड़ियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि हमें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि हम क्या खा रहे हैं। एक गलत चीज पूरी जिंदगी खराब कर सकती है। इसलिए अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और किसी भी तरह की लापरवाही से बचिए।' मीराबाई इस बार महिला 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी और उनसे लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी सबसे बड़ी मंजिल अभी एशियाई खेलों का पोडियम है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का भारोत्तोलन कोटा डोपिंग मामलों की वजह से घटाए जाने पर मीराबाई ने खिलाड़ियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि हमें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि हम क्या खा रहे हैं। एक गलत चीज पूरी जिंदगी खराब कर सकती है। इसलिए अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और किसी भी तरह की लापरवाही से बचिए।' मीराबाई इस बार महिला 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी और उनसे लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी सबसे बड़ी मंजिल अभी एशियाई खेलों का पोडियम है।