सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Google Warns Quantum Computers Could Break Bitcoin Security Much Sooner Than Expected

Google Warns: क्वांटम कंप्यूटर से Bitcoin-Ethereum खतरे में, हैकिंग का जोखिम उम्मीद से ज्यादा करीब

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Thu, 02 Apr 2026 07:03 PM IST
विज्ञापन
सार

Quantum Computing Crypto Threat: गूगल की नई रिसर्च ने चेतावनी दी है कि क्वांटम कंप्यूटर भविष्य में बिटकॉइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी की सुरक्षा को जल्दी तोड़ सकते हैं। इससे हैकिंग का खतरा बढ़ सकता है, हालांकि इससे बचने के लिए पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे नए समाधान विकसित किए जा रहे हैं।

Google Warns Quantum Computers Could Break Bitcoin Security Much Sooner Than Expected
क्वांटम कंप्यूटर क्रिप्टोकरेंसी को कर सकता है हैक - फोटो : एआई
विज्ञापन

विस्तार

गूगल की एक नई रिसर्च ने क्रिप्टो की दुनिया में खलबली मचा दी है। इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भविष्य के बेहद ताकतवर और एडवांस 'क्वांटम कंप्यूटर', बिटकॉइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी की सुरक्षा को हमारे अनुमान से कहीं अधिक जल्दी और आसानी से हैक कर सकते हैं।

Trending Videos

खतरा उम्मीद से कहीं ज्यादा करीब है

पहले एक्सपर्ट्स को लगता था कि क्रिप्टो की मजबूत सिक्योरिटी (जिसे क्रिप्टोग्राफी कहा जाता है) को तोड़ने के लिए एक बड़े और ताकतवर क्वांटम कंप्यूटर की जरूरत होगी, जिसे बनने में अभी कई साल लगेंगे। लेकिन, इस नई स्टडी से पता चला है कि यह काम पहले के अनुमान से 20 गुना कम ताकत वाले क्वांटम कंप्यूटर के जरिए भी किया जा सकता है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि क्रिप्टो हैक होने का जो खतरा हमें बहुत दूर भविष्य की बात लग रहा था, वह हमारी उम्मीद से कहीं जल्दी हकीकत बन सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिसर्च पेपर का चौंकाने वाला खुलासा

गूगल क्वांटम एआई, इथेरियम फाउंडेशन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अपनी रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके अनुसार, एक एडवांस क्वांटम कंप्यूटर सिर्फ 9 मिनट के अंदर आपके बिटकॉइन का पासवर्ड (प्राइवेट-की) चुरा सकता है। इस रिसर्च में हैकर्स के जरिए किए जाने वाले संभावित हमलों को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है।


पहला तरीका है 'चलते ट्रांजैक्शन पर हमला', जिसमें जब आप किसी को क्रिप्टो भेज रहे होते हैं और वह प्रोसेसिंग में होता है, इसी बीच में हैकर 10 मिनट के अंदर ही आपके पैसे चुरा सकता है। दूसरा तरीका है 'बंद पड़े वॉलेट्स पर हमला', जिसके तहत उन वॉलेट्स को निशाना बनाया जाता है जो वर्षों से बंद पड़े हैं या जिनका डेटा पहले ही लीक हो चुका है।  वहीं, तीसरा तरीका 'सिस्टम की कमी का फायदा' उठाना है, जिसमें हैकर्स ब्लॉकचेन नेटवर्क के बुनियादी डिजाइन में मौजूद कमियों को अपना हथियार बनाकर उसे हैक करते हैं।

क्रिप्टो के लिए क्वांटम कंप्यूटर इतना खतरनाक क्यों है?

क्रिप्टो के लिए क्वांटम कंप्यूटर इतना खतरनाक इसलिए है क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी एक खास गणितीय फॉर्मूले पर काम करती है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आपका अकाउंट एड्रेस (पब्लिक-की) सबको दिखने के बावजूद आपका पासवर्ड (प्राइवेट-की) एकदम सुरक्षित रहे। लेकिन, मुख्य समस्या यह है कि क्वांटम कंप्यूटर इतने स्मार्ट और ताकतवर होते हैं कि वे इस जटिल गणितीय फॉर्मूले को भी आसानी से तोड़ सकते हैं। अगर ऐसा हो जाता है तो हैकर्स केवल आपके पब्लिक एड्रेस के जरिए ही आपके पासवर्ड का पता लगा लेंगे और आपका पूरा पैसा गायब हो जाएगा। चूंकि पारंपरिक बैंकों के उलट ब्लॉकचेन में एक बार पैसा चला गया तो उसे वापस लाना नामुमकिन होता है, इसलिए यह बहुत बड़ा जोखिम है। इसके अलावा, इसका सबसे बड़ा खतरा उन 'डोरमेंट वॉलेट्स' पर है, जिनमें करोड़ों रुपये तो पड़े हैं लेकिन लोग उनका पासवर्ड भूल चुके हैं। जैसे ही क्वांटम कंप्यूटर पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगे, हैकर्स सबसे पहले इन्हीं बंद पड़े वॉलेट्स को निशाना बनाकर उन्हें साफ करेंगे।

इस खतरे से बचने का क्या रास्ता है?

इस खतरे से बचने के लिए रिसर्चर्स ने मुख्य रूप से दो तरीके बताए हैं। अगर इसके पक्के इलाज यानी लॉन्ग-टर्म समाधान की बात करें तो पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री को 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' नाम की एक नई तकनीक अपनानी होगी, जो एक ऐसा नया सिक्योरिटी सिस्टम होगा जिसे क्वांटम कंप्यूटर भी हैक नहीं कर पाएंगे। वहीं, तुरंत के उपाय या शॉर्ट-टर्म समाधान के तौर पर रिसर्चर्स ने सलाह दी है कि जब तक यह नई तकनीक पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती, तब तक यूजर्स को अपना 'पब्लिक की' कम से कम शेयर करना चाहिए। साथ ही एक ही 'की' का बार-बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और अपने वॉलेट की सिक्योरिटी को हमेशा टाइट रखना चाहिए।

क्रिप्टो के दिग्गजों की क्या राय है?

इतनी बड़ी चेतावनी के बाद भी क्रिप्टो जगत के बड़े नाम घबराए हुए नहीं हैं। बाइनेंस के पूर्व सीईओ चांगपेंग झाओ ने कहा कि, "डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमें बस अपने सिस्टम को नए सुरक्षा मानकों पर अपग्रेड करना होगा। हालांकि, जो पुराने प्रोजेक्ट खुद को अपग्रेड नहीं करेंगे, वे खत्म हो जाएंगे।" वहीं मस्क ने अपने मजाकिया अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा, "इसका एक फायदा यह भी है कि जो लोग अपने क्रिप्टो वॉलेट का पासवर्ड भूल गए हैं, भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर की मदद से वे आसानी से अपना वॉलेट खोल सकेंगे!"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadget news and mobile reviews, apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news in hindi from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed