Semiconductor: भारत बनेगा ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब; 2035 तक दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल होने का लक्ष्य
India Semiconductor Mission: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) की चौथी वर्षगांठ पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति का स्पष्ट रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि देश में इस समय 10 बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 4 में इसी साल उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही, 24 स्टार्टअप्स ने स्वदेशी चिप डिजाइन किए हैं और 315 शैक्षणिक संस्थानों में चिप डिजाइन ट्रेनिंग दी जा रही है।
विस्तार
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर देश की भविष्य की डिजिटल प्रगति का एक विस्तृत खाका पेश किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत जल्द ही वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में एक प्रमुख शक्ति बनकर उभरेगा।
मिशन के चार साल: 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि पिछले चार वर्षों में सेमीकंडक्टर मिशन ने जमीनी स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, वर्तमान में देश भर में 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जिनमें से इस वर्ष 4 परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो जाना एक बड़ी उपलब्धि होगी।
इसके अलावा, स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी जबरदस्त प्रगति देखी गई है, जहां लगभग 24 स्टार्टअप्स ने सफलतापूर्वक सेमीकंडक्टर चिप्स डिजाइन कर लिए हैं। साथ ही, भविष्य की जरूरतों और कुशल वर्कफोर्स को ध्यान में रखते हुए देश के 315 शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को चिप डिजाइनिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
#WATCH | Delhi | Union Minister for Electronics & Information Technology Ashwini Vaishnaw says, "On the completion of four years of India semiconductor mission, 10 projects are under construction, production for four projects will start this year and 24 project startups have… pic.twitter.com/wUUGkU4tgJ
— ANI (@ANI) January 27, 2026
स्वदेशी तकनीक पर जोर
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर बनाना है। इस मिशन के तहत भारत 6 प्रमुख प्रणालियों में अपनी खुद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) यानी बौद्धिक संपदा तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिनमें कंप्यूट, आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी), नेटवर्किंग, पावर, सेंसर और मेमोरी शामिल हैं।
भविष्य का रोडमैप: 2029 और 2035 का लक्ष्य
भारत के पास इस क्षेत्र में विश्व गुरु बनने की एक स्पष्ट समयसीमा है। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, "साल 2029 तक भारत सेमीकंडक्टर उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी बन जाएगा। वहीं, 2035 तक भारत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर देशों की सूची में शामिल होगा।" यह मिशन न केवल भारत को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण की सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को निर्णायक बना देगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadget news and mobile reviews, apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news in hindi from Tech and more Hindi News.