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Social Media: सोशल मीडिया की लत के खिलाफ जापान का बड़ा कदम, यूथ के लिए लागू करेगा सख्त वेरिफिकेशन नियम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 24 Apr 2026 05:58 PM IST
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सार
Japan Social Media Regulations: बच्चों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत और साइबर बुलिंग को रोकने के लिए जापान सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। एक नए ड्राफ्ट प्लान के तहत, अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र का कड़ाई से वेरिफिकेशन करना होगा।
सोशल मीडिया
- फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
आजकल के युवाओं और बच्चों में सोशल मीडिया की लत और साइबर बुलिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए जापान का संचार मंत्रालय एक कड़े कदम की योजना बना रहा है। बुधवार को पेश किए गए एक ड्राफ्ट प्लान के अनुसार, अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए यह अनिवार्य किया जा सकता है कि वे अपने यूजर्स की उम्र की पहले से कहीं अधिक सख्ती से जांच करें ताकि मासूमों को इस डिजिटल खतरे से बचाया जा सके।
पूरी तरह से बैन लगाने के पक्ष में नहीं है सरकार
हालांकि, अन्य देशों की तरह जापान सरकार सोशल मीडिया पर उम्र आधारित पूरी तरह से पाबंदी, यानी ब्लैंकेट बैन लगाने के विचार को सही नहीं मानती है। मंत्रालय का स्पष्ट मानना है कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया बातचीत और संपर्क का एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है, इसलिए इसे पूरी तरह से ब्लॉक करना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञों की एक हालिया बैठक में इस प्रस्तावित नीति को सामने रखा गया है। अब 'चिल्ड्रन एंड फैमिलीज एजेंसी' इस बात का फैसला करेगी कि इसे लागू करने के लिए कौन से विशिष्ट उपाय अपनाए जाएं और क्या इसके लिए कानूनों में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है। इस पूरे मामले पर अंतिम रिपोर्ट गर्मियों तक आने की उम्मीद है।
प्लेटफॉर्म्स को बतानी होगी जोखिम की जानकारी
इस नए ड्राफ्ट में एक और अहम प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत सभी सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी सेवाओं से जुड़े संभावित खतरों और जोखिमों का आकलन करके उसे सार्वजनिक करना होगा। साथ ही, उन्हें यह भी बताना होगा कि युवा यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।
मौजूदा समय की बात करें तो एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने के लिए यूजर की उम्र कम से कम 13 साल होनी चाहिए। लेकिन, इसमें एक बड़ी खामी यह है कि रजिस्ट्रेशन के समय यूजर्स केवल अपनी उम्र खुद दर्ज करते हैं, जिसकी कोई ठोस जांच नहीं होती। इसी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चे आसानी से उम्र की बंदिशों को पार कर जाते हैं।
दुनिया के अन्य देशों में क्या हैं नियम?
युवाओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने की यह मुहिम सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है। पिछले साल, ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया का पहला ऐसा कानून लागू किया था जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। इसका मुख्य मकसद बच्चों को लत, साइबर बुलिंग और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से बचाना था।
इसी तर्ज पर चलते हुए इंडोनेशिया ने भी इस साल मार्च के महीने में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लागू कर दिया है। अब देखना यह है कि जापान का यह नया 'मिडिल-ग्राउंड' वाला तरीका बच्चों को सुरक्षित रखने में कितना कारगर साबित होता है।
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पूरी तरह से बैन लगाने के पक्ष में नहीं है सरकार
हालांकि, अन्य देशों की तरह जापान सरकार सोशल मीडिया पर उम्र आधारित पूरी तरह से पाबंदी, यानी ब्लैंकेट बैन लगाने के विचार को सही नहीं मानती है। मंत्रालय का स्पष्ट मानना है कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया बातचीत और संपर्क का एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है, इसलिए इसे पूरी तरह से ब्लॉक करना उचित नहीं होगा।
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विशेषज्ञों की एक हालिया बैठक में इस प्रस्तावित नीति को सामने रखा गया है। अब 'चिल्ड्रन एंड फैमिलीज एजेंसी' इस बात का फैसला करेगी कि इसे लागू करने के लिए कौन से विशिष्ट उपाय अपनाए जाएं और क्या इसके लिए कानूनों में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है। इस पूरे मामले पर अंतिम रिपोर्ट गर्मियों तक आने की उम्मीद है।
प्लेटफॉर्म्स को बतानी होगी जोखिम की जानकारी
इस नए ड्राफ्ट में एक और अहम प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत सभी सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी सेवाओं से जुड़े संभावित खतरों और जोखिमों का आकलन करके उसे सार्वजनिक करना होगा। साथ ही, उन्हें यह भी बताना होगा कि युवा यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।
मौजूदा समय की बात करें तो एक्स (X) और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने के लिए यूजर की उम्र कम से कम 13 साल होनी चाहिए। लेकिन, इसमें एक बड़ी खामी यह है कि रजिस्ट्रेशन के समय यूजर्स केवल अपनी उम्र खुद दर्ज करते हैं, जिसकी कोई ठोस जांच नहीं होती। इसी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चे आसानी से उम्र की बंदिशों को पार कर जाते हैं।
दुनिया के अन्य देशों में क्या हैं नियम?
युवाओं को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने की यह मुहिम सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है। पिछले साल, ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया का पहला ऐसा कानून लागू किया था जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। इसका मुख्य मकसद बच्चों को लत, साइबर बुलिंग और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से बचाना था।
इसी तर्ज पर चलते हुए इंडोनेशिया ने भी इस साल मार्च के महीने में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लागू कर दिया है। अब देखना यह है कि जापान का यह नया 'मिडिल-ग्राउंड' वाला तरीका बच्चों को सुरक्षित रखने में कितना कारगर साबित होता है।
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