{"_id":"69c25e2d2f76d18c49061275","slug":"smartphone-notification-can-distract-your-focus-for-7-seconds-claims-study-2026-03-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Notification: 7 सेकंड तक ध्यान भटका सकता है एक मोबाइल अलर्ट! जानिए फोन पर आने वाले नोटिफिकेशन के नुकसान","category":{"title":"Social Network","title_hn":"सोशल नेटवर्क","slug":"social-network"}}
Notification: 7 सेकंड तक ध्यान भटका सकता है एक मोबाइल अलर्ट! जानिए फोन पर आने वाले नोटिफिकेशन के नुकसान
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 24 Mar 2026 03:20 PM IST
विज्ञापन
सार
Smartphone Notification Distraction: क्या आप जानते हैं कि आपके फोन पर आने वाला सिर्फ एक नोटिफिकेशन आपकी एकाग्रता को पूरे 7 सेकंड के लिए खत्म कर सकता है? हालिया शोध के अनुसार, बार-बार फोन चेक करना और नोटिफिकेशन की संख्या आपकी मानसिक क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करती है, जिससे काम में रुकावट आती है।
स्मार्टफोन नोटिफिकेशन
- फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन
विस्तार
हम अक्सर गहराई से किसी काम में जुटे होते हैं, तभी फोन पर एक नोटिफिकेशन की आवाज आती है। हमें लगता है कि सिर्फ एक नजर देखने में क्या हर्ज है? लेकिन नया शोध कहता है कि यह छोटी सी हरकत आपके दिमाग की प्रोसेसिंग को पटरी से उतार देती है। 'कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियर' जर्नल के आगामी जून अंक में छपने वाली एक स्टडी के मुताबिक, एक छोटा सा नोटिफिकेशन आपके फोकस को करीब 7 सेकंड के लिए हाईजैक कर लेता है।
कैसे हुआ यह खुलासा?
स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लॉजेन के शोधकर्ताओं ने 180 छात्रों पर 'स्ट्रूप टास्क' नाम का एक मनोवैज्ञानिक टेस्ट किया। इस टेस्ट के दौरान छात्रों के फोन पर बीच-बीच में नोटिफिकेशन भेजे गए। नतीजों में देखा गया कि जैसे ही नोटिफिकेशन आता, छात्रों के दिमाग में सूचनाओं को समझने की गति धीमी हो जाती थी और उनका ध्यान भटक जाता था। शोध में यह भी पाया गया कि अगर नोटिफिकेशन आपसे जुड़ा हो या भावनात्मक हो (जैसे किसी खास का मैसेज), तो दिमाग पर इसका बुरा असर और भी ज्यादा होता है।
बार-बार फोन देखने से होता है ज्यादा नुकसान
आजकल हम इस बात पर चर्चा करते हैं कि हमने दिन भर में कितने घंटे फोन चलाया या हमारा स्क्रीन टाइम कितना है। लेकिन इस रिसर्च के प्रमुख लेखक हिप्पोलाइट फर्नियर का कहना है कि कुल समय से ज्यादा खतरनाक फ्रीक्वेंसी है। यानी आप दिन भर में कितनी बार फोन अनलॉक करते हैं और आपको कितने नोटिफिकेशन मिलते हैं, यह आपके फोकस को बुरी तरह खंडित कर देता है।
लगातार घंटों फोन चलाने से उतना नुकसान नहीं होता, जितना हर 5 मिनट में फोन चेक करने से होता है। यह आदत आपकी एकाग्रता को टुकड़ों में बांट देती है, जिससे आप चाहकर भी किसी काम में 100% मन नहीं लगा पाते।
Trending Videos
कैसे हुआ यह खुलासा?
स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लॉजेन के शोधकर्ताओं ने 180 छात्रों पर 'स्ट्रूप टास्क' नाम का एक मनोवैज्ञानिक टेस्ट किया। इस टेस्ट के दौरान छात्रों के फोन पर बीच-बीच में नोटिफिकेशन भेजे गए। नतीजों में देखा गया कि जैसे ही नोटिफिकेशन आता, छात्रों के दिमाग में सूचनाओं को समझने की गति धीमी हो जाती थी और उनका ध्यान भटक जाता था। शोध में यह भी पाया गया कि अगर नोटिफिकेशन आपसे जुड़ा हो या भावनात्मक हो (जैसे किसी खास का मैसेज), तो दिमाग पर इसका बुरा असर और भी ज्यादा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार-बार फोन देखने से होता है ज्यादा नुकसान
आजकल हम इस बात पर चर्चा करते हैं कि हमने दिन भर में कितने घंटे फोन चलाया या हमारा स्क्रीन टाइम कितना है। लेकिन इस रिसर्च के प्रमुख लेखक हिप्पोलाइट फर्नियर का कहना है कि कुल समय से ज्यादा खतरनाक फ्रीक्वेंसी है। यानी आप दिन भर में कितनी बार फोन अनलॉक करते हैं और आपको कितने नोटिफिकेशन मिलते हैं, यह आपके फोकस को बुरी तरह खंडित कर देता है।
लगातार घंटों फोन चलाने से उतना नुकसान नहीं होता, जितना हर 5 मिनट में फोन चेक करने से होता है। यह आदत आपकी एकाग्रता को टुकड़ों में बांट देती है, जिससे आप चाहकर भी किसी काम में 100% मन नहीं लगा पाते।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadgets News apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन