सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Social Network ›   turkey social media ban under 15 children law debate

Social Media: तुर्किये में 15 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लग सकती है पाबंदी, संसद में हुई बहस

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Wed, 08 Apr 2026 04:55 PM IST
विज्ञापन
सार

Turkey Social Media: तुर्किये में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया जा सकता है। संसद में एक ऐसा बिल पेश हुआ है, जिसमें 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने और प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव है।

turkey social media ban under 15 children law debate
तुर्किये में सोशल मीडिया - फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन

विस्तार

तुर्किये की संसद में मंगलवार को एक ऐसे कानून के मसौदे पर बहस शुरू हुई जो भविष्य में वहां के बच्चों की डिजिटल जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है। इस नए प्रस्ताव के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी है। तुर्किये अब उन देशों की कतार में शामिल हो गया है जो युवाओं को सोशल मीडिया के नुकसान से दूर रखना चाहते हैं। अगर यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है, तो यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे दिग्गज प्लेटफॉर्म्स को अपने सिस्टम में बड़े बदलाव करने होंगे। उन्हें न केवल उम्र की जांच (एज वेरिफिकेशन) के पुख्ता इंतजाम करने होंगे, बल्कि माता-पिता को नियंत्रण देने वाले 'पैरेंटल कंट्रोल टूल्स' भी मुहैया कराने होंगे।
Trending Videos


सरकार की प्राथमिकता और कड़े नियम
राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान की सरकार का तर्क है कि इस कदम का एकमात्र उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता (प्राइवेसी) को ऑनलाइन जोखिमों से बचाना है। देश की परिवार और सामाजिक सेवा मंत्री माहिनूर ओजदेमिर गोकतास ने इस साल की शुरुआत में स्पष्ट किया था कि बच्चों को हर तरह के खतरों और हानिकारक कंटेंट से सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कानून के दायरे में न केवल सोशल मीडिया बल्कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां भी आएंगी। उन्हें तुर्की में अपना एक प्रतिनिधि नियुक्त करना होगा जो यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनी नए नियमों का पालन कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना और इंटरनेट बैंडविड्थ में कटौती जैसी कड़ी सजा का प्रावधान भी रखा गया है।

यह भी पढ़ें: क्या एसी के साथ स्टेबलाइजर लगवाना समझदारी है या बेवकूफी? जानिए क्या है सच

पहले भी लगाई जा चुकी हैं पाबंदियां
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर तुर्किये में राजनीति भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल, रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) ने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा पाबंदियों से नहीं, बल्कि अधिकार आधारित नीतियों से होनी चाहिए। विपक्ष को डर है कि सरकार सुरक्षा के नाम पर अभिव्यक्ति की आजादी को और सीमित कर सकती है।

यह भी पढ़ें: दिल की धड़कन से ढूंढ निकाला पायलट! अमेरिका की इस सीक्रेट टेक्नोलॉजी ने दुनिया को चौंकाया

गौरतलब है कि तुर्की सरकार का पिछला रिकॉर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लगाम कसने का रहा है। पिछले साल इस्तांबुल के विपक्षी मेयर एकरेम इमामोग्लू के समर्थन में हुए प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट पर व्यापक पाबंदियां देखी गई थीं, जिसे सरकार ने असंतोष को दबाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था।

दुनिया भर में बढ़ रही है ऐसी पाबंदियों की लहर
  • बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर उम्र की सीमा तय करने का चलन अब वैश्विक होता जा रहा है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे ही कड़े नियम लागू किए हैं, जिसके बाद वहां लाखों खाते बंद कर दिए गए। 
  • पिछले महीने इंडोनेशिया ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उन प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगा दी जो उन्हें अश्लीलता, साइबरबुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम में डाल सकते थे।
  • ब्रिटेन, स्पेन और फ्रांस जैसे देश भी अब बच्चों को अनियंत्रित सोशल मीडिया कंटेंट से बचाने के लिए कानूनी रास्तों पर विचार कर रहे हैं। 
  • तुर्किये का यह नया कदम इसी वैश्विक चिंता का हिस्सा है कि डिजिटल दुनिया बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को नुकसान पहुंचा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadgets News apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed