{"_id":"6979a325d548d1ee38097cc0","slug":"china-alibaba-moonshot-launch-new-ai-models-challenges-openai-google-2026-01-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Alibaba: AI की जंग में चीन की बड़ी छलांग, OpenAI और Google के लिए चुनौती बनेंगे ये दो नए एआई मॉडल","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
Alibaba: AI की जंग में चीन की बड़ी छलांग, OpenAI और Google के लिए चुनौती बनेंगे ये दो नए एआई मॉडल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:18 AM IST
विज्ञापन
सार
China New A Models: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चीन अब अमेरिका को सीधी टक्कर दे रहा है। अलीबाबा और मूनशॉट एआई ने अपने नए और शक्तिशाली एआई मॉडल्स लॉन्च किए हैं। दावा किया जा रहा है कि ये मॉडल्स कोडिंग से लेकर समझने की क्षमता में गूगल और ओपन-एआई के बराबर खड़े हैं।
चीन ने पेश किए दो नए एआई मॉडल
- फोटो : Alibaba
विज्ञापन
विस्तार
एआई (AI) की रेस अब और भी रोमांचक हो गई है। चीन की दो दिग्गज कंपनियों, Alibaba और Moonshot AI ने अपने नए फ्लैगशिप मॉडल्स पेश करके यह साबित कर दिया है कि वे तकनीक के मामले में अमेरिका से पीछे नहीं हैं। ये नए मॉडल्स न केवल स्मार्ट हैं, बल्कि इंसानी काम को और भी आसान बनाने का दम रखते हैं।
अलीबाबा ने पेश किया नया एआई मॉडल
अलीबाबा क्लाउड ने अपने अब तक के सबसे बड़े मॉडल 'Qwen3-Max-Thinking' को दुनिया के सामने रखा है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल मुश्किल कामों को चुटकियों में सुलझाने और टूल्स का इस्तेमाल करने में माहिर है। अलीबाबा के रिसर्चर झेंग चुजी के मुताबिक, उन्होंने इसे असल दुनिया के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत से तैयार किया है।
इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर एजेंटिक क्षमता है। इसमें 1 ट्रिलियन से भी ज्यादा पैरामीटर्स हैं। आसान भाषा में कहें तो, जितने ज्यादा पैरामीटर्स, उतना ही बुद्धिमान एआई। कंपनी ने टेस्टिंग में पाया कि यह एआई मॉडल गूगल के Gemini 3 Pro और एंथ्रोपिक के Claude जैसे बड़े खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
Moonshot ने पेश किया ओपन-सोर्स एआई मॉडल
दूसरी ओर, अलीबाबा के निवेश वाली स्टार्टअप कंपनी मूनशॉट एआई ने अपना नया मॉडल Kimi K2.5 लॉन्च किया है। इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली ओपन-सोर्स मॉडल बताया जा रहा है। इसकी सबसे अनोखी खूबी एजेंट स्वार्म है। यह फीचर डेवलपर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह एक साथ 100 छोटे एआई एजेंट्स को काम पर लगा सकता है, जिससे कोडिंग जैसे जटिल काम पलक झपकते ही हो जाते हैं। साथ ही, अब Kimi सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि वीडियो और फोटो भी प्रोसेस कर सकेगा।
चुनौतियां और भविष्य की राह
चीन की ये कंपनियां अब 10 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाले मॉडल्स बनाने का सपना देख रही हैं। हालांकि, राह इतनी आसान भी नहीं है। क्यूवेन (Qwen) टीम के लीडर लिन जुनयांग ने इशारा किया कि कंप्यूटिंग पावर और संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि रिसर्च के साथ-साथ रोजमर्रा की सर्विस को बनाए रखना काफी मुश्किल होता जा रहा है। बावजूद इसके, चीन के ये नए कदम बताते हैं कि आने वाले समय में एआई की बादशाहत के लिए मुकाबला और भी कड़ा होने वाला है।
Trending Videos
अलीबाबा ने पेश किया नया एआई मॉडल
अलीबाबा क्लाउड ने अपने अब तक के सबसे बड़े मॉडल 'Qwen3-Max-Thinking' को दुनिया के सामने रखा है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल मुश्किल कामों को चुटकियों में सुलझाने और टूल्स का इस्तेमाल करने में माहिर है। अलीबाबा के रिसर्चर झेंग चुजी के मुताबिक, उन्होंने इसे असल दुनिया के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत से तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर एजेंटिक क्षमता है। इसमें 1 ट्रिलियन से भी ज्यादा पैरामीटर्स हैं। आसान भाषा में कहें तो, जितने ज्यादा पैरामीटर्स, उतना ही बुद्धिमान एआई। कंपनी ने टेस्टिंग में पाया कि यह एआई मॉडल गूगल के Gemini 3 Pro और एंथ्रोपिक के Claude जैसे बड़े खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
Moonshot ने पेश किया ओपन-सोर्स एआई मॉडल
दूसरी ओर, अलीबाबा के निवेश वाली स्टार्टअप कंपनी मूनशॉट एआई ने अपना नया मॉडल Kimi K2.5 लॉन्च किया है। इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली ओपन-सोर्स मॉडल बताया जा रहा है। इसकी सबसे अनोखी खूबी एजेंट स्वार्म है। यह फीचर डेवलपर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह एक साथ 100 छोटे एआई एजेंट्स को काम पर लगा सकता है, जिससे कोडिंग जैसे जटिल काम पलक झपकते ही हो जाते हैं। साथ ही, अब Kimi सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि वीडियो और फोटो भी प्रोसेस कर सकेगा।
चुनौतियां और भविष्य की राह
चीन की ये कंपनियां अब 10 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाले मॉडल्स बनाने का सपना देख रही हैं। हालांकि, राह इतनी आसान भी नहीं है। क्यूवेन (Qwen) टीम के लीडर लिन जुनयांग ने इशारा किया कि कंप्यूटिंग पावर और संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि रिसर्च के साथ-साथ रोजमर्रा की सर्विस को बनाए रखना काफी मुश्किल होता जा रहा है। बावजूद इसके, चीन के ये नए कदम बताते हैं कि आने वाले समय में एआई की बादशाहत के लिए मुकाबला और भी कड़ा होने वाला है।