{"_id":"6996bb866389100fce0578fa","slug":"sam-altman-dario-amodei-pm-modi-bharat-mandapam-ai-rivalry-photo-2026-02-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"AI Summit 2026: पीएम मोदी के सामने हाथ मिलाने से हिचकिचाए सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई, जानें क्या है विवाद","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
AI Summit 2026: पीएम मोदी के सामने हाथ मिलाने से हिचकिचाए सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई, जानें क्या है विवाद
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:58 PM IST
विज्ञापन
सार
नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ग्रुप फोटो के दौरान ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई ने हाथ मिलाने से परहेज किया। यह पल AI दुनिया की गहरी प्रतिस्पर्धा और वैचारिक टकराव को खुलकर सामने ले आया।
सैम ऑल्टमैन और अमोदेई के बीच दिखा टकराव
- फोटो : x.com
विज्ञापन
विस्तार
नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने एआई जगत की अंदरूनी खींचतान को सबके सामने ला दिया। मंच पर नरेंद्र मोदी मौजूद थे और उनके साथ दुनिया की बड़ी AI कंपनियों के प्रमुख हस्तियां खड़ी थीं। इसी दौरान सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई, जो एक-दूसरे के बगल में खड़े थे, हाथ पकड़कर एकता दिखाने में झिझकते नजर आए। प्रधानमंत्री के अनुरोध पर अन्य नेताओं ने हाथ थामे, लेकिन इन दोनों ने पूरी श्रृंखला का हिस्सा बनने के बजाय मुट्ठी उठाकर इशारा किया।
यह तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कह गई। जब प्रधानमंत्री भारत को AI दुनिया की अहम आवाज के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, उसी मंच पर दो बड़े दिग्गजों के बीच की दूरी साफ दिखाई दी।
पुरानी है टकराव की कहानी
मंच पर ऑल्टमैन और अमोडेई के बीच टकराव साफ देखा गया। असल में यह टकराव दो एआई दिग्गजों के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। दरअसल, डारियो और उनकी बहन डेनिएला अमोडेई पहले OpenAI में उपाध्यक्ष थे। सैम ऑल्टमैन से उनका मतभेद इस बात को लेकर था कि कंपनी सुरक्षा से ज्यादा व्यावसायीकरण पर जोर दे रही है। इस मतभेद के वजह से दोनों ने ओपनएआई को छोड़ अलग राह चुन ली।
Trending Videos
यह तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कह गई। जब प्रधानमंत्री भारत को AI दुनिया की अहम आवाज के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, उसी मंच पर दो बड़े दिग्गजों के बीच की दूरी साफ दिखाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरानी है टकराव की कहानी
मंच पर ऑल्टमैन और अमोडेई के बीच टकराव साफ देखा गया। असल में यह टकराव दो एआई दिग्गजों के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। दरअसल, डारियो और उनकी बहन डेनिएला अमोडेई पहले OpenAI में उपाध्यक्ष थे। सैम ऑल्टमैन से उनका मतभेद इस बात को लेकर था कि कंपनी सुरक्षा से ज्यादा व्यावसायीकरण पर जोर दे रही है। इस मतभेद के वजह से दोनों ने ओपनएआई को छोड़ अलग राह चुन ली।
एक साथ मंच पर आए टेक लीडर्स
- फोटो : पीटीआई
डारियो ने अपनी नई कंपनी में यूजर सेफ्टी को प्राथमिकता में रखा। वहीं ऑल्टमैन की अगुवाई वाली OpenAI ने आक्रामक व्यावसायिक रणनीति अपनाई और अपने पूर्व सहयोगियों की आलोचना करने से भी पीछे नहीं हटी।
सुपर बाउल विज्ञापन का ताजा विवाद
फरवरी की शुरुआत में यह खींचतान फिर सामने आई। अमेरिका में प्रसारित सुपर बाउल अभियान के जरिए एंथ्रोपिक ने कथित तौर पर ChatGPT में विज्ञापन जोड़ने के फैसले पर तंज कसा।
इस पर ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि एंथ्रोपिक महंगा उत्पाद केवल अमीर ग्राहकों को देता है। उन्होंने लिखा कि उनका लक्ष्य AI को उन अरबों लोगों तक पहुंचाना है, जो सब्सक्रिप्शन का खर्च नहीं उठा सकते। OpenAI का तर्क है कि सस्ती AI सेवाएं हर घर तक पहुंचाने के लिए मजबूत कमाई और विज्ञापन मॉडल जरूरी हैं।
उत्पाद की जंग भी जारी
यह लड़ाई सिर्फ विचारधारा या बाजार हिस्सेदारी तक सीमित नहीं है। असली मुकाबला उत्पादों का भी है। हाल ही में दोनों कंपनियों ने अपने-अपने फ्लैगशिप कोडिंग टूल लगभग 20 मिनट के अंतर से लॉन्च किए। Anthropic ने Claude Opus 4.6 पेश किया, तो OpenAI ने तुरंत GPT-5.3 Codex जारी कर दिया।
ऑल्टमैन ने दावा किया कि उनका कोडिंग एजेंट सिस्टम के भीतर वह सब कर सकता है, जो एक मानव डेवलपर कर सकता है। मंच पर हाथ न मिलाने का वह क्षण सिर्फ एक तस्वीर नहीं था, बल्कि यह दिखाता है कि AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा कितनी गहरी और जटिल हो चुकी है।
सुपर बाउल विज्ञापन का ताजा विवाद
फरवरी की शुरुआत में यह खींचतान फिर सामने आई। अमेरिका में प्रसारित सुपर बाउल अभियान के जरिए एंथ्रोपिक ने कथित तौर पर ChatGPT में विज्ञापन जोड़ने के फैसले पर तंज कसा।
इस पर ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि एंथ्रोपिक महंगा उत्पाद केवल अमीर ग्राहकों को देता है। उन्होंने लिखा कि उनका लक्ष्य AI को उन अरबों लोगों तक पहुंचाना है, जो सब्सक्रिप्शन का खर्च नहीं उठा सकते। OpenAI का तर्क है कि सस्ती AI सेवाएं हर घर तक पहुंचाने के लिए मजबूत कमाई और विज्ञापन मॉडल जरूरी हैं।
उत्पाद की जंग भी जारी
यह लड़ाई सिर्फ विचारधारा या बाजार हिस्सेदारी तक सीमित नहीं है। असली मुकाबला उत्पादों का भी है। हाल ही में दोनों कंपनियों ने अपने-अपने फ्लैगशिप कोडिंग टूल लगभग 20 मिनट के अंतर से लॉन्च किए। Anthropic ने Claude Opus 4.6 पेश किया, तो OpenAI ने तुरंत GPT-5.3 Codex जारी कर दिया।
ऑल्टमैन ने दावा किया कि उनका कोडिंग एजेंट सिस्टम के भीतर वह सब कर सकता है, जो एक मानव डेवलपर कर सकता है। मंच पर हाथ न मिलाने का वह क्षण सिर्फ एक तस्वीर नहीं था, बल्कि यह दिखाता है कि AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा कितनी गहरी और जटिल हो चुकी है।