Hack: सावधान! आपके वायरलेस ईयरबड्स और हेडफोन्स हो सकते हैं हैक; ट्रैकिंग का भी है खतरा, तुरंत करें ये काम
रोजाना ब्लूटूथ इयरबड्स और हेडफोन्स इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नई रिसर्च ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिना अपडेट वाले वायरलेस ऑडियो डिवाइसेज में ऐसी सिक्योरिटी खामियां पाई गई हैं जिनका फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस को हाईजैक कर सकते हैं, अजीब आवाजें भेज सकते हैं, कॉल डिस्कनेक्ट कर सकते हैं और कुछ मामलों में यूजर की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश भी कर सकते हैं। यह समस्या गूगल के 'फास्ट पेयर' फीचर से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे रिसर्चर्स ने 'विस्पर पेयर' हमलों का नाम दिया है।
विस्तार
क्या आप भी रोजाना अपने इयरबड्स या हेडफोन्स का इस्तेमाल गाने सुनने, फिल्में देखने या रील्स स्क्रॉल करने के लिए करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए! आप शायद इस बात से अनजान होंगे कि आपका ऑडियो गैजेट भी हैक हो सकता है। एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अपडेट न किए गए ब्लूटूथ इयरबड्स और हेडफोन्स में एक बड़ा सिक्योरिटी रिस्क छिपा है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने ऐसी खामियों का पता लगाया है जो हैकर्स को आपके ब्लूटूथ डिवाइस को हाईजैक करने, आपको ट्रैक करने और कुछ हद तक आपकी बातें सुनने का मौका दे सकती हैं। चिंता की बात यह है कि ये समस्या किसी एक ब्रांड या मॉडल तक सीमित नहीं है। चाहे आप किसी भी बड़ी कंपनी का प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हों, खतरा सब पर बराबर है क्योंकि यह समस्या एंड्रॉयड के एक फीचर से जुड़ी है।
आखिर गड़बड़ क्या है?
बेल्जियम की 'केयू ल्यूवेन यूनिवर्सिटी' के रिसर्चर्स ने पाया है कि यह समस्या गूगल के 'फास्ट पेयर' फीचर से जुड़ी है। हम सभी जानते हैं कि 'फास्ट पेयर' ब्लूटूथ डिवाइस को जल्दी और आसानी से कनेक्ट करने के लिए बनाया गया है, लेकिन रिसर्चर्स के अनुसार इसी सुविधा का फायदा हैकर्स उठा सकते हैं। इन हमलों को सामूहिक रूप से 'विस्पर पेयर' नाम दिया गया है। इसके जरिए पास मौजूद कोई भी हमलावर आपके इयरबड्स या हेडफोन्स से चुपचाप कनेक्ट हो सकता है। वे न केवल आपके कानों में अजीब आवाजें भेज सकते हैं या कॉल काट सकते हैं, बल्कि दुर्लभ मामलों में गूगल के 'फाइंड माई डिवाइस' नेटवर्क का उपयोग करके आपकी लोकेशन भी ट्रैक कर सकते हैं। खासकर तब जब आपने अपने डिवाइस को गूगल अकाउंट से लिंक नहीं किया हो।
क्या हैकर्स सच में आपकी बातें सुन सकते हैं?
यह सवाल सबसे ज्यादा डरावना लगता है लेकिन राहत की बात यह है कि इसका खतरा थोड़ा कम है। रिसर्चर्स के मुताबिक, जासूसी करने के लिए हैकर का आपके बहुत करीब (ब्लूटूथ रेंज के भीतर) होना जरूरी है और आपका डिवाइस ऑन होना चाहिए। ऑडियो एक्सपर्ट्स का कहना है कि हेडफोन के माइक्रोफोन इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे सिर्फ पहनने वाले की आवाज पर फोकस करें और आसपास के शोर को ब्लॉक करें। टेस्ट में पाया गया कि अगर हेडफोन आपके कान पर नहीं लगे हैं तो वे बहुत कम और अस्पष्ट आवाज कैप्चर करते हैं। इसलिए, इयरबड्स का इस्तेमाल जासूसी टूल के तौर पर करना हैकर्स के लिए बहुत व्यावहारिक नहीं है।
बचाव के लिए अब आपको क्या करना चाहिए?
अगर आप नियमित रूप से वायरलेस ऑडियो डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं तो खुद को सुरक्षित रखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स जरूर फॉलो करें।
- फर्मवेयर अपडेट करें: अपने इयरबड्स या हेडफोन्स के एप में जाकर चेक करें कि कोई नया अपडेट आया है या नहीं। अगर आया है, तो उसे तुरंत इंस्टॉल करें।
- फैक्ट्री रिसेट करें: अपडेट करने के बाद एक बार डिवाइस को पूरी तरह रिसेट करें।
- गूगल अकाउंट से लिंक करें: अपने डिवाइस को अपने गूगल अकाउंट के साथ सही तरीके से पेयर करें ताकि कोई और उसे क्लेम न कर सके।
- अनजान रिक्वेस्ट को नकारें: अगर आपके फोन पर अचानक किसी अनजान डिवाइस की पेयरिंग रिक्वेस्ट आए तो उसे स्वीकार न करें।
- ब्लूटूथ बंद रखें: जब आप हेडफोन का इस्तेमाल न कर रहे हों, तो अपने फोन का ब्लूटूथ बंद कर दें।
- प्रो टिप: अगर आप अक्सर बेहद गोपनीय या संवेदनशील जानकारी पर बात करते हैं, तो वायर्ड हेडसेट का इस्तेमाल करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।