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Ambedkar Nagar News: पूर्व सीएम को नहीं मिल रहा न्याय
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:56 PM IST
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आलापुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की जमीन से जुड़े बहुचर्चित धोखाधड़ी के मामले में एक बार फिर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जांच में हो रही लगातार देरी पर नाराजगी जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने 16 मार्च को जिलाधिकारी को पुनः पत्र लिखकर इस प्रकरण में अविलंब सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला वर्ष 1989 में निष्पादित एक संदिग्ध बैनामे से संबंधित है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने एक कथित मुख्तार-ए-आम तैयार कर पूर्व मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनकी बेशकीमती जमीन को हथियाने का प्रयास किया। इस दस्तावेज़ में नाम, निवास और हस्ताक्षरों में स्पष्ट विसंगतियां पाई गई थीं। साक्ष्यों के अभाव और संदिग्ध दस्तावेजों के चलते प्रशासन ने इस जमीन का दाखिल-खारिज पहले ही निरस्त कर दिया था, लेकिन मुख्य दोषियों पर कार्रवाई का मामला लंबे समय से लंबित है।
पूर्व मुख्यमंत्री के केयरटेकर अनिल यादव ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री जैसे रसूखदार व्यक्ति के मामले में न्याय मिलने में दशकों लग रहे हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए पत्र को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने इंस्पेक्टर रितेश पांडेय को पूरे मामले की फाइल सौंपते हुए विधि सम्मत और त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए हैं।
दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी
मामले की प्रगति पर जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर रितेश पांडेय ने बताया कि प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। पूर्व में जमा किए गए साक्ष्यों और हस्ताक्षरों का पुनः मिलान किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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यह मामला वर्ष 1989 में निष्पादित एक संदिग्ध बैनामे से संबंधित है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने एक कथित मुख्तार-ए-आम तैयार कर पूर्व मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनकी बेशकीमती जमीन को हथियाने का प्रयास किया। इस दस्तावेज़ में नाम, निवास और हस्ताक्षरों में स्पष्ट विसंगतियां पाई गई थीं। साक्ष्यों के अभाव और संदिग्ध दस्तावेजों के चलते प्रशासन ने इस जमीन का दाखिल-खारिज पहले ही निरस्त कर दिया था, लेकिन मुख्य दोषियों पर कार्रवाई का मामला लंबे समय से लंबित है।
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पूर्व मुख्यमंत्री के केयरटेकर अनिल यादव ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री जैसे रसूखदार व्यक्ति के मामले में न्याय मिलने में दशकों लग रहे हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए पत्र को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने इंस्पेक्टर रितेश पांडेय को पूरे मामले की फाइल सौंपते हुए विधि सम्मत और त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए हैं।
दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी
मामले की प्रगति पर जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर रितेश पांडेय ने बताया कि प्रकरण की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। पूर्व में जमा किए गए साक्ष्यों और हस्ताक्षरों का पुनः मिलान किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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