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Ambedkar Nagar News: दहेज उत्पीड़न के मामले में पति, सास और ससुर बरी
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अंबेडकरनगर। आलापुर क्षेत्र के दहेज उत्पीड़न के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने पति, सास और ससुर को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि परिवादिनी अपने आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रही।
आलापुर क्षेत्र के ग्राम रामनगर महुवर निवासी नगमा खातून ने अपने पति जावेद, ससुर दिलशाद व सास शंजीदा निवासी ग्राम लोहरा गजहड़ा मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, गाली-गलौज और प्रताड़ना का परिवाद दाखिल किया था।
परिवादिनी ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसकी शादी 8 अप्रैल 2018 को जावेद के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने करीब दो लाख रुपये नकद, बाइक, फ्रिज, कूलर, वाॅशिंग मशीन, गोदरेज आलमारी, सोने की अंगूठी, चेन, घड़ी, डबल बेड समेत अन्य घरेलू सामान दहेज में दिया था। आरोप था कि शादी के बाद पति, सास-ससुर और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये नकद और बोलेरो गाड़ी की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा 1 सितंबर 2020 को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। अदालत ने आरोपियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम में तलब किया था।
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विचारण के दौरान बयान में नगमा खातून ने अपने आरोपों का समर्थन किया। हालांकि बाद में जिरह के दौरान उसने अदालत में कहा कि शादी में दहेज को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ था और ससुराल पक्ष ने कभी दहेज की मांग नहीं की। अदालत ने तीनों को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
आलापुर क्षेत्र के ग्राम रामनगर महुवर निवासी नगमा खातून ने अपने पति जावेद, ससुर दिलशाद व सास शंजीदा निवासी ग्राम लोहरा गजहड़ा मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, गाली-गलौज और प्रताड़ना का परिवाद दाखिल किया था।
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परिवादिनी ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसकी शादी 8 अप्रैल 2018 को जावेद के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने करीब दो लाख रुपये नकद, बाइक, फ्रिज, कूलर, वाॅशिंग मशीन, गोदरेज आलमारी, सोने की अंगूठी, चेन, घड़ी, डबल बेड समेत अन्य घरेलू सामान दहेज में दिया था। आरोप था कि शादी के बाद पति, सास-ससुर और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये नकद और बोलेरो गाड़ी की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा 1 सितंबर 2020 को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। अदालत ने आरोपियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम में तलब किया था।
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