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Ambedkar Nagar News: लोन के बदले बंधक रखी भूमि को बेचा
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 17 May 2026 11:07 PM IST
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आलापुर। श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड से पांच लाख रुपये का कारोबार ऋण लेकर धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय के आदेश पर आलापुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। अकबरपुर के मिर्जापुर निवासी विनोद कुमार के अनुसार, वह श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के शाखा प्रबंधक हैं।
आलापुर के मसेना मिर्जापुर निवासी विनोद कुमार ने 28 दिसंबर 2024 को श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड से पांच लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया था। लोन के बदले आरोपी ने रामनगर महुवर स्थित अपनी भूमि का एक हिस्सा बंधक के रूप में कंपनी के पक्ष में रखा था। विनोद की पत्नी इस ऋण में जमानतदार थी।
योजना के अनुसार 84 किस्तों में लगभग 12,486 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाना था। विनोद कुमार ने शुरुआती पांच किस्तों का भुगतान किया मगर इसके बाद मासिक किस्तें बंद कर दीं। किस्तें रुकने के बाद कंपनी की ओर से बकाया भुगतान के लिए संपर्क करने पर भी समाधान नहीं हो सका। कंपनी को बंधक रखी गई भूमि का विक्रय कर दिए जाने की जानकारी मिली।
जांच में सामने आया कि विनोद कुमार ने अपने पारिवारिक सदस्यों और अन्य लोगों के साथ मिलकर कंपनी को धोखा देने के उद्देश्य से भूमि का विक्रय विलेख किया। यह विक्रय विलेख राजेसुल्तानपुर के देवरिया बुजुर्ग निवासी प्रमिला के पक्ष में किया गया। आरोप है कि बंधक का तथ्य जानबूझकर छिपाया गया। बकाया राशि जमा करने और बंधक संपत्ति पर बात करने पर आरोपियों ने कंपनी और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की।
आलापुर पुलिस को लिखित तहरीर देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद एसपी को दो सितंबर 2025 को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। थाना प्रभारी रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दो नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आलापुर के मसेना मिर्जापुर निवासी विनोद कुमार ने 28 दिसंबर 2024 को श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड से पांच लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया था। लोन के बदले आरोपी ने रामनगर महुवर स्थित अपनी भूमि का एक हिस्सा बंधक के रूप में कंपनी के पक्ष में रखा था। विनोद की पत्नी इस ऋण में जमानतदार थी।
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योजना के अनुसार 84 किस्तों में लगभग 12,486 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाना था। विनोद कुमार ने शुरुआती पांच किस्तों का भुगतान किया मगर इसके बाद मासिक किस्तें बंद कर दीं। किस्तें रुकने के बाद कंपनी की ओर से बकाया भुगतान के लिए संपर्क करने पर भी समाधान नहीं हो सका। कंपनी को बंधक रखी गई भूमि का विक्रय कर दिए जाने की जानकारी मिली।
जांच में सामने आया कि विनोद कुमार ने अपने पारिवारिक सदस्यों और अन्य लोगों के साथ मिलकर कंपनी को धोखा देने के उद्देश्य से भूमि का विक्रय विलेख किया। यह विक्रय विलेख राजेसुल्तानपुर के देवरिया बुजुर्ग निवासी प्रमिला के पक्ष में किया गया। आरोप है कि बंधक का तथ्य जानबूझकर छिपाया गया। बकाया राशि जमा करने और बंधक संपत्ति पर बात करने पर आरोपियों ने कंपनी और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की।
आलापुर पुलिस को लिखित तहरीर देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद एसपी को दो सितंबर 2025 को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। थाना प्रभारी रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दो नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।