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Ambedkar Nagar News: तेज हवा और बारिश से गेहूं व आम को नुकसान, कई जगह बिजली गुल
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जलालपुर के दुल्हूपुर में खेत में पड़ी कटी गेहूं की फसल।संवाद
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अंबेडकरनगर। मौसम में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी है। अकबरपुर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में मंगलवार रात से शुरू हुआ आंधी-पानी का सिलसिला बुधवार दोपहर बाद तक जारी रहा। इससे कई स्थानों पर पेड़ की डालियां टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खेत में तैयार और काटी गई गेहूं की फसल बारिश की बौछार से भीग गई, जिससे एक बार फिर कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित हुआ है। आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बौर टूटकर जमीन पर बिखर गए हैं। कृषि विभाग की ओर से फसलों के सर्वे की तैयारी की गई है।
अकबरपुर शहर में मंगलवार रात करीब नौ बजे आंधी आई। इसके बाद देर रात में बूंदाबांदी शुरू हुई जो बुधवार को दोपहर बाद तक जारी रही। सुलेमपुर क्षेत्र में सुबह के समय बारिश हुई। कटेहरी क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंधी-बारिश से कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित हो गया है। केदारनगर इलाके में आंधी के बाद बूंदाबांदी से किसान परेशान रहे। करीब 70 प्रतिशत गेहूं अभी खेतों में ही खड़ा है। आलापुर, जलालपुर, भीटी, बसखारी, सम्मनपुर, जहांगीरगंज और राजेसुल्तानपुर में भी बूंदाबांदी और तेज हवा से परेशानी बनी रही।
1.08 लाख हेक्टेयर में हुई है गेहूं की खेती, 22469 किसानों का ही बीमा
जिले में रबी सीजन में 1.08 लाख क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की गई थी। इसके सापेक्ष 22469 किसानों का ही प्रधानमंत्री फसल बीमा हुआ था। पिछले कुछ दिनों में हुए मौसम में उतार चढ़ाव के बीच 19 किसानों ने नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। इस पर बीमा कंपनी के साथ कृषि विभाग की टीम सर्वे कर रही है। उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी सिंह ने बताया कि अब तक कहीं बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। सभी ब्लॉकों में कृषि विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। किसानों से अपील है कि नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 या 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं। किसी ग्राम पंचायत में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में ही पीएम फसल बीमा का लाभ मिलता है।
बोले किसान
सुलेमपुर के किसान शिवप्रसाद ने बताया कि गेहूं की फसल कट कर खेत में पड़ी है। बूंदाबांदी की वजह फसल भीग चुकी है। अब धूप के बाद ही गेहूं की मड़ाई हो पाएगी। पानी की वजह से गेहूं के दाने काले भी पड़ सकते हैं। पुरुषोत्तम कनौजिया ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अभी हल्की बूंदाबांदी है, अगर तेज बारिश और ओलावृष्टि होती है तो काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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1.08 लाख हेक्टेयर में हुई है गेहूं की खेती, 22469 किसानों का ही बीमा
जिले में रबी सीजन में 1.08 लाख क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की गई थी। इसके सापेक्ष 22469 किसानों का ही प्रधानमंत्री फसल बीमा हुआ था। पिछले कुछ दिनों में हुए मौसम में उतार चढ़ाव के बीच 19 किसानों ने नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। इस पर बीमा कंपनी के साथ कृषि विभाग की टीम सर्वे कर रही है। उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी सिंह ने बताया कि अब तक कहीं बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। सभी ब्लॉकों में कृषि विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। किसानों से अपील है कि नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 या 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं। किसी ग्राम पंचायत में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की स्थिति में ही पीएम फसल बीमा का लाभ मिलता है।
बोले किसान
सुलेमपुर के किसान शिवप्रसाद ने बताया कि गेहूं की फसल कट कर खेत में पड़ी है। बूंदाबांदी की वजह फसल भीग चुकी है। अब धूप के बाद ही गेहूं की मड़ाई हो पाएगी। पानी की वजह से गेहूं के दाने काले भी पड़ सकते हैं। पुरुषोत्तम कनौजिया ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अभी हल्की बूंदाबांदी है, अगर तेज बारिश और ओलावृष्टि होती है तो काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।