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Ambedkar Nagar News: त्योहार से पहले महंगी हुई चीनी
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रगड़गंज स्थित एक किराना दुकान में ग्राहक के लिए चीनी तौलता दुकानदार। संवाद
अंबेडकरनगर। त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों में उछाल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 दिन पहले 50 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के साथ बाजार में आपूर्ति का संकट भी गहराने लगा है। थोक कारोबारियों को मांग के मुकाबले काफी कम चीनी मिल रही है। इससे त्योहारों पर मिठाई और पकवान बनाने की तैयारी कर रहे परिवारों का बजट बिगड़ने लगा है।
शहजादपुर के दोस्तपुर मार्ग स्थित थोक विक्रेता हिमांशु जायसवाल ने बताया कि पहले अकबरपुर चीनी मिल से नियमित आपूर्ति होती थी, लेकिन करीब 15 दिनों से वहां से चीनी नहीं मिल रही है। अब लखीमपुर और सीतापुर से माल मंगाना पड़ रहा है। इसके बावजूद तीन से चार दिन इंतजार करने पर भी गाड़ी नहीं मिल पा रही है। पहले 300 क्विंटल चीनी की एक गाड़ी दो से तीन दिन में बिक जाती थी, लेकिन पिछले पांच-छह दिनों से नई खेप नहीं आई है। कारोबारियों को जरूरत के मुकाबले तीन-चार बोरी ही मिल पा रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार, अकबरपुर मिल की चीनी का थोक भाव करीब 6,400 रुपये प्रति क्विंटल है। खुदरा बाजार में इसकी कीमत 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, डबल फिल्टर चीनी का थोक भाव 6,800 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा दाम 70 रुपये किलो तक है। आपूर्ति कम होने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
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आपूर्ति कम, दुकानदार भी परेशान
किराना व्यवसायी भोला अग्रहरि ने बताया कि माल की कमी के चलते ज्यादातर थोक विक्रेता चीनी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। जिन कारोबारियों के पास स्टॉक है, वे बढ़ी कीमतों पर बिक्री कर रहे हैं। सभी दुकानदारों को नियमित आपूर्ति कर पाना मुश्किल हो रहा है। रगड़गंज के विकास वर्मा के मुताबिक, पिछले दिनों चीनी के दाम घटे थे, लेकिन अब फिर बढ़ गए हैं। ग्राहक पुरानी कीमत पर चीनी मांगते हैं, जबकि थोक बाजार में महंगा माल मिलने से दुकानदारों को भी दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
रसोई का बजट बिगड़ा
सबना तिवारीपुर गांव की वंदना चतुर्वेदी ने बताया कि त्योहारों में घर पर मिठाई और पकवान बनाने के लिए चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। शास्त्रीनगर की मीनाक्षी सिंह ने कहा कि चीनी जैसी जरूरी वस्तु के दाम अचानक बढ़ने से घरेलू खर्च का हिसाब बदलना पड़ता है। त्योहारों के दौरान जरूरी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सामान्य रहनी चाहिए, ताकि आम लोगों को महंगाई का अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।
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शहजादपुर के दोस्तपुर मार्ग स्थित थोक विक्रेता हिमांशु जायसवाल ने बताया कि पहले अकबरपुर चीनी मिल से नियमित आपूर्ति होती थी, लेकिन करीब 15 दिनों से वहां से चीनी नहीं मिल रही है। अब लखीमपुर और सीतापुर से माल मंगाना पड़ रहा है। इसके बावजूद तीन से चार दिन इंतजार करने पर भी गाड़ी नहीं मिल पा रही है। पहले 300 क्विंटल चीनी की एक गाड़ी दो से तीन दिन में बिक जाती थी, लेकिन पिछले पांच-छह दिनों से नई खेप नहीं आई है। कारोबारियों को जरूरत के मुकाबले तीन-चार बोरी ही मिल पा रही हैं।
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व्यापारियों के अनुसार, अकबरपुर मिल की चीनी का थोक भाव करीब 6,400 रुपये प्रति क्विंटल है। खुदरा बाजार में इसकी कीमत 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, डबल फिल्टर चीनी का थोक भाव 6,800 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा दाम 70 रुपये किलो तक है। आपूर्ति कम होने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
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आपूर्ति कम, दुकानदार भी परेशान
किराना व्यवसायी भोला अग्रहरि ने बताया कि माल की कमी के चलते ज्यादातर थोक विक्रेता चीनी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। जिन कारोबारियों के पास स्टॉक है, वे बढ़ी कीमतों पर बिक्री कर रहे हैं। सभी दुकानदारों को नियमित आपूर्ति कर पाना मुश्किल हो रहा है। रगड़गंज के विकास वर्मा के मुताबिक, पिछले दिनों चीनी के दाम घटे थे, लेकिन अब फिर बढ़ गए हैं। ग्राहक पुरानी कीमत पर चीनी मांगते हैं, जबकि थोक बाजार में महंगा माल मिलने से दुकानदारों को भी दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
रसोई का बजट बिगड़ा
सबना तिवारीपुर गांव की वंदना चतुर्वेदी ने बताया कि त्योहारों में घर पर मिठाई और पकवान बनाने के लिए चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। शास्त्रीनगर की मीनाक्षी सिंह ने कहा कि चीनी जैसी जरूरी वस्तु के दाम अचानक बढ़ने से घरेलू खर्च का हिसाब बदलना पड़ता है। त्योहारों के दौरान जरूरी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सामान्य रहनी चाहिए, ताकि आम लोगों को महंगाई का अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।