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Ambedkar Nagar News: भीषण गर्मी का कहर, पारा 41 पार, स्कूलों का समय बदला
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सोमवार को तेज धूप व गर्मी के कारण टांडा मार्ग पर दोपहर में दिखा सन्नाटा। संवाद
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अंबेडकरनगर। जिला इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। सोमवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान रविवार के मुकाबले एक डिग्री बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अप्रैल माह में ही पारा चढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
तेज धूप और लू के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। दिनभर करीब 18.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चलती रहीं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार, इस सप्ताह गर्मी से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है। वहीं बढ़ती तपन को देखते हुए डीएम अनुपम शुक्ला ने बच्चों की सुरक्षा के लिए जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के परिषदीय, माध्यमिक, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा व अन्य बोर्ड के स्कूल अब सुबह सात से 11:30 बजे तक संचालित होंगे। डीएम ने सभी विद्यालयों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
डायरिया और उल्टी-दस्त से जिला अस्पताल के बेड फुलअंबेडकरनगर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार सुबह से ही पेट दर्द, उल्टी-दस्त और डायरिया से पीड़ित मरीजों की कतार लग गई। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालत यह रही कि दोपहर 12 बजे तक इमरजेंसी के सभी बेड भर गए, जिसके बाद गंभीर मरीजों को सीधे वार्डों में भर्ती करना पड़ा।
अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों में डिहाइड्रेशन, तेज बुखार और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं देखी गईं। भर्ती होने वालों में प्रमुख रूप से अकबरपुर के खैरुलनिशा, अरिया बाजार के सूरज और राबीबहाउद्दीनपुर के रवि श्रीवास्तव शामिल हैं, जिन्हें दस्त की शिकायत पर लाया गया था। इसके अलावा पचपेड़वा के ओमप्रकाश, खानसा पहाड़पुर के रामचंद्र और बलईपुर की अफसरजहां को बुखार के कारण भर्ती किया गया। वहीं, मीरानपुर की उमेकुलसुम और मीरमलूकपुर की उर्मिला देवी को उल्टी-दस्त, जबकि असाइतपुर की कीर्ति, चेतिया के रामअक्षयबर, मूसेपुर के मनोज और चतुरी पट्टी के कलराम को पेट दर्द की शिकायत पर उपचार हेतु भर्ती कराया गया। अकबरपुर के गदाया निवासी अजमेरुन निशा और मुरादपुर की कल्पदेई को भी उल्टी-दस्त होने पर अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
धूप में निकलना कर रहा बीमार
ओपीडी में कुल 940 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से लगभग 300 मरीज मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल के ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि इस भीषण गर्मी में ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन के सेवन से लोगों का पाचन तंत्र (डाइजेशन) खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण सबसे जल्दी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जबकि युवा और कामकाजी लोग कड़ी धूप में अधिक समय तक रहने के कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हो रहे हैं, जो बाद में गंभीर डायरिया में बदल रहा है।
ऐसे करें खुद का बचाव
- बच्चों को सुबह-शाम ही बाहर खेलने दें।
- दो बोतल पानी देकर बच्चों को स्कूल भेजें, ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, खीरा समेत अन्य रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
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तेज धूप और लू के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। दिनभर करीब 18.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चलती रहीं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार, इस सप्ताह गर्मी से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है। वहीं बढ़ती तपन को देखते हुए डीएम अनुपम शुक्ला ने बच्चों की सुरक्षा के लिए जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के परिषदीय, माध्यमिक, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा व अन्य बोर्ड के स्कूल अब सुबह सात से 11:30 बजे तक संचालित होंगे। डीएम ने सभी विद्यालयों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
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डायरिया और उल्टी-दस्त से जिला अस्पताल के बेड फुलअंबेडकरनगर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार सुबह से ही पेट दर्द, उल्टी-दस्त और डायरिया से पीड़ित मरीजों की कतार लग गई। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालत यह रही कि दोपहर 12 बजे तक इमरजेंसी के सभी बेड भर गए, जिसके बाद गंभीर मरीजों को सीधे वार्डों में भर्ती करना पड़ा।
अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों में डिहाइड्रेशन, तेज बुखार और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं देखी गईं। भर्ती होने वालों में प्रमुख रूप से अकबरपुर के खैरुलनिशा, अरिया बाजार के सूरज और राबीबहाउद्दीनपुर के रवि श्रीवास्तव शामिल हैं, जिन्हें दस्त की शिकायत पर लाया गया था। इसके अलावा पचपेड़वा के ओमप्रकाश, खानसा पहाड़पुर के रामचंद्र और बलईपुर की अफसरजहां को बुखार के कारण भर्ती किया गया। वहीं, मीरानपुर की उमेकुलसुम और मीरमलूकपुर की उर्मिला देवी को उल्टी-दस्त, जबकि असाइतपुर की कीर्ति, चेतिया के रामअक्षयबर, मूसेपुर के मनोज और चतुरी पट्टी के कलराम को पेट दर्द की शिकायत पर उपचार हेतु भर्ती कराया गया। अकबरपुर के गदाया निवासी अजमेरुन निशा और मुरादपुर की कल्पदेई को भी उल्टी-दस्त होने पर अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
धूप में निकलना कर रहा बीमार
ओपीडी में कुल 940 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से लगभग 300 मरीज मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल के ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि इस भीषण गर्मी में ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन के सेवन से लोगों का पाचन तंत्र (डाइजेशन) खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण सबसे जल्दी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जबकि युवा और कामकाजी लोग कड़ी धूप में अधिक समय तक रहने के कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हो रहे हैं, जो बाद में गंभीर डायरिया में बदल रहा है।
ऐसे करें खुद का बचाव
- बच्चों को सुबह-शाम ही बाहर खेलने दें।
- दो बोतल पानी देकर बच्चों को स्कूल भेजें, ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, खीरा समेत अन्य रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।

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