अंबेडकरनगर: अलग-अलग घटनाओं में नवजात समेत तीन लोगों की मौत, रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं
अंबेडकरनगर में तीन अलग-अलग घटनाओं में नवजात समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इससे राखी का पर्व मातम में बदल गया। घरों में चीख पुकार मची रही। लोग परेशान परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। आगे पढ़ें डिटेल में...
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यूपी के अंबेडकरनगर में शुक्रवार सुबह करंट लगने से युवक की मौत हो गई। घटना कटका थाना क्षेत्र के अहिरौली गोविंद साहब गांव की है। गांव निवासी राजेश मौर्य के छोटे भाई दिनेश चंद्र (36) की मौत हुई है। आज सुबह करीब 7:30 बजे वह घर में लगी एल्बेस्टर की पाइप में उतरे करंट की चपेट में आ गए। परिजन आनन-फानन उन्हें आजमगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, वहां चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिले। इसके बाद परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राखी बांधने आ रही थीं मौसी की बेटियां
परिजनों के मुताबिक रक्षाबंधन के अवसर पर मौसी की बेटियां हर वर्ष अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने घर आती हैं। इस बार भी वह राखी बांधने की तैयारी के साथ घर आ रही थीं। उन्हें क्या पता था कि इस बार भाई की कलाई पर राखी बांधने के बजाय उन्हें उसकी अर्थी देखनी पड़ेगी। हादसे की खबर मिलते ही घर में रक्षाबंधन की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
दिनेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई राजेश और सुरेश हैं। दिनेश घर पर रहकर खेती-किसानी करते थे। पत्नी आरती मौर्य ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी आयुषी 10 वर्ष और छोटी बेटी अन्वी छह वर्ष की है। पिता की अचानक मौत से दोनों मासूम बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। कटका थाना प्रभारी अक्षय कुमार पटेल ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जन्म के बाद नवजात की मौत
दूसरी घटना नवजात की मौत की है। अहिरौली थाना क्षेत्र के गोपालपुर चौराहा निवासी सोनू ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया। इसमें बताया कि गर्भावस्था के दौरान कराए गए इलाज और अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर ने गर्भस्थ शिशु में किसी तरह की कमी होने की जानकारी नहीं दी। प्रसव के बाद नवजात के शरीर में गंभीर विकृतियां सामने आईं। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।सोनू के मुताबिक, उनकी पत्नी संगम दूसरी बार गर्भवती हुई थीं। गर्भावस्था की शुरुआत से ही बसखारी मार्ग स्थित ओम हॉस्पिटल में डॉ. अंजलि पांडे से इलाज कराया जा रहा था। करीब 09 माह की गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड भी कराया गया, लेकिन चिकित्सक की ओर से बच्चे में किसी तरह की कमी होने की जानकारी परिजनों को नहीं दी गई।
डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी
प्रसव का समय नजदीक आने पर पिछले सप्ताह डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी, लेकिन परिजन इसके लिए सहमत नहीं हुए। इसके बाद बीते रविवार को संगम को शिवबाबा स्थित किरण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां सामान्य प्रसव हुआ। जन्म के बाद नवजात के शरीर में कई गंभीर कमियां दिखाई दीं। परिजनों के अनुसार, बच्चे की आंत बाहर निकली हुई थी और मल-मूत्र त्यागने का रास्ता भी बंद था।शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने घर पहुंचकर बच्चे की जांच की। इसके बाद उसे बृहस्पतिवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह नवजात ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।