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Amethi News: अन्याय के आगे झुकें नहीं, सत्य का साथ दें
Thu, 29 Oct 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:55 AM IST
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पीपरपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
भादर। पीपरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को वृंदावन से आए प्रवाचक जगदीशाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और अन्याय का बोलबाला होता है, तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म भी इसी उद्देश्य से हुआ था।
प्रवाचक ने बताया कि राजा कंस के अत्याचारों से धरती पर भय और अधर्म का वातावरण बन गया था। ऐसे समय में भगवान विष्णु ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का अवतार लिया। भगवान के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना चाहिए और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य का साथ देना चाहिए। प्रेम, करुणा और सदाचार अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। प्रवाचक ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कथा में रवि सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह और नरसिंह बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि राजा कंस के अत्याचारों से धरती पर भय और अधर्म का वातावरण बन गया था। ऐसे समय में भगवान विष्णु ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का अवतार लिया। भगवान के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना चाहिए और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य का साथ देना चाहिए। प्रेम, करुणा और सदाचार अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। प्रवाचक ने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कथा में रवि सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह और नरसिंह बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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