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Amethi News: 96 घंटे बाद सकुशल मिली लापता बालिका
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:34 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के चौक बाजार से 12 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई सात वर्षीय बालिका 96 घंटे बाद सकुशल मिल गई। रायबरेली जीआरपी की सूचना पर पुलिस टीम ने बालिका को चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन से लेकर परिजनों के सुपुर्द किया। बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार के लोगों की आंखें नम हो गईं और घर में खुशी का माहौल बन गया।
गौरीगंज के मिश्रौली वार्ड निवासी संतोष जायसवाल की सात वर्षीय बेटी 12 मार्च को दोपहर करीब 1:30 बजे चौक स्थित किराये के मकान से अचानक लापता हो गई थी। सूचना पर पुलिस और स्वाट टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए बालिका की तलाश शुरू की। इसी दौरान पता चला कि रायबरेली जीआरपी ने बालिका को तलाश कर चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन 1098 को सौंप दिया है।
इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और बालिका को लेकर गौरीगंज आई। इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि बच्ची के पिता कानपुर में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार कुछ दिन पहले ही गौरीगंज में किराये के मकान में रहने आया था। रास्तों से अनजान होने के कारण बच्ची घर से निकलकर भटक गई थी। घटना आपराधिक नहीं बल्कि गुमशुदगी की है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बालिका के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद प्राथमिकी करीब 36 घंटे बाद दर्ज की गई। वहीं 96 घंटे तक बालिका कहां रही और वह गौरीगंज से रायबरेली कैसे पहुंची, इसका स्पष्ट जवाब भी पुलिस नहीं दे पा रही है।
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गौरीगंज के मिश्रौली वार्ड निवासी संतोष जायसवाल की सात वर्षीय बेटी 12 मार्च को दोपहर करीब 1:30 बजे चौक स्थित किराये के मकान से अचानक लापता हो गई थी। सूचना पर पुलिस और स्वाट टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए बालिका की तलाश शुरू की। इसी दौरान पता चला कि रायबरेली जीआरपी ने बालिका को तलाश कर चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन 1098 को सौंप दिया है।
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इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और बालिका को लेकर गौरीगंज आई। इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि बच्ची के पिता कानपुर में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार कुछ दिन पहले ही गौरीगंज में किराये के मकान में रहने आया था। रास्तों से अनजान होने के कारण बच्ची घर से निकलकर भटक गई थी। घटना आपराधिक नहीं बल्कि गुमशुदगी की है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बालिका के लापता होने की सूचना मिलने के बावजूद प्राथमिकी करीब 36 घंटे बाद दर्ज की गई। वहीं 96 घंटे तक बालिका कहां रही और वह गौरीगंज से रायबरेली कैसे पहुंची, इसका स्पष्ट जवाब भी पुलिस नहीं दे पा रही है।