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Amethi News: पढ़ाई संग सुरक्षा व हुनर पर भी रहेगा स्कूलों का फोकस
Thu, 27 Aug 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:48 AM IST
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अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा और प्रतिभा निखारने पर भी जोर रहेगा। रीडिंग डे, समर कैंप और सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
रीडिंग डे पर कक्षा दो से आठ तक के बच्चे पुस्तकालय में किताबें और बाल पत्रिकाएं पढ़ेंगे। प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचारों का वाचन भी कराया जाएगा। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत, भाषा, उच्चारण और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का प्रयास होगा।
शिक्षिका पूर्णिमा शिजुका ने बताया कि मोबाइल और टीवी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों को किताबों से जोड़ना जरूरी है। गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप में कहानी लेखन, चित्रकला, खेलकूद, विज्ञान गतिविधियां और समूह कार्य कराए जाएंगे। इससे बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास होगा।
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बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने पर जोर है। विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ हर महीने शैक्षिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
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सुरक्षा की सीख भी बनेगी पढ़ाई का हिस्सा
कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच और पॉक्सो कानून की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श का अंतर समझाने के साथ असहज स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने और अपनी बात खुलकर बताने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
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महीनेवार होगी पढ़ाई की समीक्षा
शिक्षक पाठ योजना के अनुसार पढ़ाई कराएंगे। प्रधानाध्यापक हर महीने शैक्षिक प्रगति की समीक्षा करेंगे। इससे पाठ्यक्रम पूरा कराने में होने वाली देरी को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
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रीडिंग डे पर कक्षा दो से आठ तक के बच्चे पुस्तकालय में किताबें और बाल पत्रिकाएं पढ़ेंगे। प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचारों का वाचन भी कराया जाएगा। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत, भाषा, उच्चारण और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का प्रयास होगा।
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शिक्षिका पूर्णिमा शिजुका ने बताया कि मोबाइल और टीवी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों को किताबों से जोड़ना जरूरी है। गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप में कहानी लेखन, चित्रकला, खेलकूद, विज्ञान गतिविधियां और समूह कार्य कराए जाएंगे। इससे बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास होगा।
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बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने पर जोर है। विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ हर महीने शैक्षिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा की सीख भी बनेगी पढ़ाई का हिस्सा
कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच और पॉक्सो कानून की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श का अंतर समझाने के साथ असहज स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने और अपनी बात खुलकर बताने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
महीनेवार होगी पढ़ाई की समीक्षा
शिक्षक पाठ योजना के अनुसार पढ़ाई कराएंगे। प्रधानाध्यापक हर महीने शैक्षिक प्रगति की समीक्षा करेंगे। इससे पाठ्यक्रम पूरा कराने में होने वाली देरी को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।