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Amethi News: सतर्कता व आत्मविश्वास से निकलता है रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:20 AM IST
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में सहभागिता करतीं छात्राए
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अमेठी सिटी। आपात स्थिति में सूझबूझ, साहस और त्वरित निर्णय ही सुरक्षा का आधार बनते हैं। इसी संदेश के साथ शनिवार को गौरीगंज स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं को ताइक्वांडो के गुर सिखाए गए और आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके समझाए गए।
प्रशिक्षकों ने बताया कि संकट की घड़ी में घबराहट नहीं, बल्कि सतर्कता और आत्मविश्वास से रास्ता निकलता है। ताइक्वांडो विशेषज्ञ एवं शारीरिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका प्रज्ञा शुक्ला ने प्रशिक्षण सत्र में कहा कि किसी भी अनहोनी की आशंका महसूस होते ही सबसे पहले स्वयं को सुरक्षित स्थिति में रखना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर असहज व्यवहार की स्थिति में आत्मरक्षा की सरल तकनीक कारगर साबित होती है।
हाथ पकड़ने, धक्का देने या वार करने जैसी परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने और सुरक्षित दूरी बनाने की तकनीक का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने सीखे गए कौशल का मंच पर प्रदर्शन भी किया। अभ्यास सत्र में त्वरित प्रतिक्रिया, शारीरिक संतुलन और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया गया।
शिक्षिका ज्योतिका मिश्रा ने बताया कि रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के साथ भी शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानाचार्य डॉ. संगीता शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और सशक्त होना आवश्यक है। आत्मरक्षा का ज्ञान केवल खेल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवन कौशल बनता है। ताइक्वांडो जैसे खेल से सुरक्षा की समझ विकसित होती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है।
सुरक्षा कौशल और व्यावहारिक प्रदर्शन
आत्मरक्षा के सिद्धांत समझाने के साथ प्रशिक्षकों ने तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। छात्राओं को सिखाया गया कि अप्रिय घटना की स्थिति में सूझबूझ और शारीरिक क्षमता का उपयोग कैसे किया जाए। सत्र के दौरान सुरक्षा से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई और समाधान बताए गए। कार्यक्रम से छात्राओं में जागरूकता के साथ आत्मविश्वास का संचार हुआ।
छात्राओं के सवाल-जवाब
सवाल : अचानक खतरे की स्थिति में पहला कदम क्या हो। -रिचा शर्मा
जवाब : शांत रहकर आसपास का माहौल देखें। सुरक्षित दूरी बनाएं व त्वरित निर्णय लें।
सवाल : कमजोर कद-काठी होने पर आत्मरक्षा कैसे संभव है। -प्राची शर्मा
जवाब : सही तकनीक और संतुलन से ताकत से अधिक रणनीति काम करती है।
सवाल : रोज अभ्यास का सरल तरीका क्या है। -सूफिया बानो
जवाब: स्ट्रेचिंग, संतुलन अभ्यास और नियमित चाल से शुरुआत करें।
सवाल : सार्वजनिक स्थान पर असहज व्यवहार हो तो क्या करें। -अंशिका शर्मा
जवाब : आत्मविश्वास दिखाएं। जवाब का स्पष्ट संकेत दें व सुरक्षित दिशा में बढ़ें।
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प्रशिक्षकों ने बताया कि संकट की घड़ी में घबराहट नहीं, बल्कि सतर्कता और आत्मविश्वास से रास्ता निकलता है। ताइक्वांडो विशेषज्ञ एवं शारीरिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका प्रज्ञा शुक्ला ने प्रशिक्षण सत्र में कहा कि किसी भी अनहोनी की आशंका महसूस होते ही सबसे पहले स्वयं को सुरक्षित स्थिति में रखना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर असहज व्यवहार की स्थिति में आत्मरक्षा की सरल तकनीक कारगर साबित होती है।
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हाथ पकड़ने, धक्का देने या वार करने जैसी परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने और सुरक्षित दूरी बनाने की तकनीक का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने सीखे गए कौशल का मंच पर प्रदर्शन भी किया। अभ्यास सत्र में त्वरित प्रतिक्रिया, शारीरिक संतुलन और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया गया।
शिक्षिका ज्योतिका मिश्रा ने बताया कि रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के साथ भी शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानाचार्य डॉ. संगीता शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और सशक्त होना आवश्यक है। आत्मरक्षा का ज्ञान केवल खेल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवन कौशल बनता है। ताइक्वांडो जैसे खेल से सुरक्षा की समझ विकसित होती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है।
सुरक्षा कौशल और व्यावहारिक प्रदर्शन
आत्मरक्षा के सिद्धांत समझाने के साथ प्रशिक्षकों ने तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। छात्राओं को सिखाया गया कि अप्रिय घटना की स्थिति में सूझबूझ और शारीरिक क्षमता का उपयोग कैसे किया जाए। सत्र के दौरान सुरक्षा से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई और समाधान बताए गए। कार्यक्रम से छात्राओं में जागरूकता के साथ आत्मविश्वास का संचार हुआ।
छात्राओं के सवाल-जवाब
सवाल : अचानक खतरे की स्थिति में पहला कदम क्या हो। -रिचा शर्मा
जवाब : शांत रहकर आसपास का माहौल देखें। सुरक्षित दूरी बनाएं व त्वरित निर्णय लें।
सवाल : कमजोर कद-काठी होने पर आत्मरक्षा कैसे संभव है। -प्राची शर्मा
जवाब : सही तकनीक और संतुलन से ताकत से अधिक रणनीति काम करती है।
सवाल : रोज अभ्यास का सरल तरीका क्या है। -सूफिया बानो
जवाब: स्ट्रेचिंग, संतुलन अभ्यास और नियमित चाल से शुरुआत करें।
सवाल : सार्वजनिक स्थान पर असहज व्यवहार हो तो क्या करें। -अंशिका शर्मा
जवाब : आत्मविश्वास दिखाएं। जवाब का स्पष्ट संकेत दें व सुरक्षित दिशा में बढ़ें।
