{"_id":"6a32eb98abec75395e04b114","slug":"fir-registered-against-father-brother-and-sister-in-law-for-farmers-murder-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-166155-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: किसान की हत्या में पिता, भाई और भाभी पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: किसान की हत्या में पिता, भाई और भाभी पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौगावां सादात। करीब पांच महीने पहले नौगावां सादात क्षेत्र में किसान कैलाश सिंह की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस मौत को शुरुआत में तेंदुए या किसी जंगली जानवर के हमले से हुई बताया गया था, अब उसी मामले में सुनियोजित हत्या का आरोप लगा है। अदालत के आदेश पर नौगावां सादात पुलिस ने मृतक के पिता, भाई और भाभी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि मामला थाना नौगावां सादात क्षेत्र के गांव अलीपुरा कलां निवासी कैलाश सिंह की मौत से जुड़ा है। मृतक की पत्नी योगमाया ने आरोप लगाया है कि परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
उनके पति के हिस्से की जमीन को ससुर सतपाल सिंह उर्फ सत्यपाल, देवर कौशल कुमार उर्फ लादेन और देवरानी प्रीति उर्फ गंगादेवी अपने नाम कराना चाहते थे। योगमाया के मुताबिक विवाद के कारण पारिवारिक संबंध लगातार खराब होते गए और वह मायके में रहने लगी थीं। फरवरी में परिवार न्यायालय में चल रहे एक मामले की सुनवाई के बाद कैलाश अपनी पत्नी और बेटी को साथ लेकर घर बसाने की तैयारी कर रहे थे।
विज्ञापन
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। 15 फरवरी को कैलाश को जंगल में ले जाकर सिर और शरीर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। बाद में घटना को तेंदुए के हमले का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को किसी जंगली जानवर के हमले के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले थे।
वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव और सदमा बताया गया था। योगमाया का यह भी आरोप है कि घटना के आठ दिन बाद, 23 फरवरी को कैलाश के हिस्से की जमीन देवर कौशल के नाम करा दी गई। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि मामला थाना नौगावां सादात क्षेत्र के गांव अलीपुरा कलां निवासी कैलाश सिंह की मौत से जुड़ा है। मृतक की पत्नी योगमाया ने आरोप लगाया है कि परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनके पति के हिस्से की जमीन को ससुर सतपाल सिंह उर्फ सत्यपाल, देवर कौशल कुमार उर्फ लादेन और देवरानी प्रीति उर्फ गंगादेवी अपने नाम कराना चाहते थे। योगमाया के मुताबिक विवाद के कारण पारिवारिक संबंध लगातार खराब होते गए और वह मायके में रहने लगी थीं। फरवरी में परिवार न्यायालय में चल रहे एक मामले की सुनवाई के बाद कैलाश अपनी पत्नी और बेटी को साथ लेकर घर बसाने की तैयारी कर रहे थे।
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। 15 फरवरी को कैलाश को जंगल में ले जाकर सिर और शरीर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। बाद में घटना को तेंदुए के हमले का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों को किसी जंगली जानवर के हमले के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले थे।
वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव और सदमा बताया गया था। योगमाया का यह भी आरोप है कि घटना के आठ दिन बाद, 23 फरवरी को कैलाश के हिस्से की जमीन देवर कौशल के नाम करा दी गई। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।