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Auraiya News: एजुकेटर भर्तीः धांधली के लगे आरोप, अफसर बोले-पारदर्शी
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औरैया। जिले में 180 ईसीसीई एजुकेटरों की भर्ती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों ने भर्ती में धांधली और रुपये लेकर चयन करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बता रहे हैं। यह भर्ती प्रक्रिया पिछले डेढ़ साल से चल रही थी, जिसमें पदों की संख्या 100 से बढ़कर 180 हो गई थी।
पिछले माह साक्षात्कार हुए थे और अक्तूबर में अभ्यर्थियों को आउटसोर्सिंग कंपनी के ऑफर लेटर दिए गए थे। साक्षात्कार विकास भवन में सीडीओ कार्यालय में सात सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने लिए थे। ऑफर लेटर भी इन्हीं अधिकारियों ने सभागार कक्ष में दिए थे। अधिकारियों ने दलालों से सतर्क रहने की बात कही थी।
अब आईजीआरएस और जिलाधिकारी के जनता दर्शन में शिकायतें पहुंच रही हैं। इन शिकायतों में भर्ती पर सीधे सवाल उठाए गए हैं। अभ्यर्थियों के तर्क और साक्ष्य गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं। औरैया निवासी प्रीती यादव, संध्या, पूजा और खुशबू ने संयुक्त शिकायत में इंटरव्यू में मनमाने मापदंड और चयनितों की सूची जारी न करने का आरोप लगाया है।
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ककोर बुजुर्ग निवासी प्रियंका चौधरी ने आउटसोर्सिंग कंपनी पर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि नौ मार्च को लखनऊ में कंपनी के अधिकारी आलोक तिवारी ने 33000 रुपये खाते में डलवाए और 1.17 लाख रुपये नकद लिए। बार-बार संपर्क करने पर उन्हें फर्जी ऑफर लेटर मिला, जबकि चयन नहीं हुआ। प्रियंका ने इस भर्ती को निरस्त करने की मांग की है।
शहर के तिलकनगर मोहल्ला निवासी साधना ने एनटीटी प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर कई अभ्यर्थियों को बाहर करने के मामले को निराधार बताया। उन्होंने अन्य जनपदों में हुए चयन को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया है। साधना ने भी पैसे लेकर लोगों की भर्ती किए जाने का आरोप लगाया है। एजुकेटर भर्ती से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक अधिकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दे रहा है, हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है।
सीडीओ की अध्यक्षता में हुए साक्षात्कार
एजुकेटर भर्ती में अभ्यर्थियों से दलालों को लेकर लगातार सतर्क किया जा रहा था। इसके अलावा साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को विकासलभवन में सीडीओ कार्यालय में बुलाया गया था। जहां सात सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने साक्षात्कार लिए थे। वहीं, इसी बिल्डिंग के सभागार कक्ष में अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर इन्हीं अधिकारियों ने दिए थे।
वायरल वीडियो भी भर्ती पर सवाल
एजुकेटर भर्ती से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें नौकरी के लिए कुछ अभ्यर्थी व उनके परिजन एक दफ्तर में संवाद कर रहे हैं। इस वीडियो में दिख रहा अफसर आउटसोर्सिंग कंपनी का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में अफसर लोगों को संयम रखने और बाद में ऑफर लेटर देकर नौकरी दिलाने का आश्वासन दे रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
वर्जन-- --
पारदर्शी ढंग से एजुकेटर भर्ती कराई गई है। नियमों का पालन किया गया है। दलालों को लेकर अभ्यर्थियों को लगातार सचेत किया गया था। -रामकृपाल चौधरी, सीडीओ
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पिछले माह साक्षात्कार हुए थे और अक्तूबर में अभ्यर्थियों को आउटसोर्सिंग कंपनी के ऑफर लेटर दिए गए थे। साक्षात्कार विकास भवन में सीडीओ कार्यालय में सात सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने लिए थे। ऑफर लेटर भी इन्हीं अधिकारियों ने सभागार कक्ष में दिए थे। अधिकारियों ने दलालों से सतर्क रहने की बात कही थी।
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अब आईजीआरएस और जिलाधिकारी के जनता दर्शन में शिकायतें पहुंच रही हैं। इन शिकायतों में भर्ती पर सीधे सवाल उठाए गए हैं। अभ्यर्थियों के तर्क और साक्ष्य गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं। औरैया निवासी प्रीती यादव, संध्या, पूजा और खुशबू ने संयुक्त शिकायत में इंटरव्यू में मनमाने मापदंड और चयनितों की सूची जारी न करने का आरोप लगाया है।
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ककोर बुजुर्ग निवासी प्रियंका चौधरी ने आउटसोर्सिंग कंपनी पर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि नौ मार्च को लखनऊ में कंपनी के अधिकारी आलोक तिवारी ने 33000 रुपये खाते में डलवाए और 1.17 लाख रुपये नकद लिए। बार-बार संपर्क करने पर उन्हें फर्जी ऑफर लेटर मिला, जबकि चयन नहीं हुआ। प्रियंका ने इस भर्ती को निरस्त करने की मांग की है।
शहर के तिलकनगर मोहल्ला निवासी साधना ने एनटीटी प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर कई अभ्यर्थियों को बाहर करने के मामले को निराधार बताया। उन्होंने अन्य जनपदों में हुए चयन को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया है। साधना ने भी पैसे लेकर लोगों की भर्ती किए जाने का आरोप लगाया है। एजुकेटर भर्ती से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक अधिकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दे रहा है, हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है।
सीडीओ की अध्यक्षता में हुए साक्षात्कार
एजुकेटर भर्ती में अभ्यर्थियों से दलालों को लेकर लगातार सतर्क किया जा रहा था। इसके अलावा साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को विकासलभवन में सीडीओ कार्यालय में बुलाया गया था। जहां सात सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने साक्षात्कार लिए थे। वहीं, इसी बिल्डिंग के सभागार कक्ष में अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर इन्हीं अधिकारियों ने दिए थे।
वायरल वीडियो भी भर्ती पर सवाल
एजुकेटर भर्ती से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें नौकरी के लिए कुछ अभ्यर्थी व उनके परिजन एक दफ्तर में संवाद कर रहे हैं। इस वीडियो में दिख रहा अफसर आउटसोर्सिंग कंपनी का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में अफसर लोगों को संयम रखने और बाद में ऑफर लेटर देकर नौकरी दिलाने का आश्वासन दे रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
वर्जन
पारदर्शी ढंग से एजुकेटर भर्ती कराई गई है। नियमों का पालन किया गया है। दलालों को लेकर अभ्यर्थियों को लगातार सचेत किया गया था। -रामकृपाल चौधरी, सीडीओ