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Auraiya News: कृषि भूमि बताकर खरीदी 63 लाख की जमीन, 1.98 लाख रुपये की होगी वसूली
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लोगो == अदालत से =
= कोर्ट ने वसूली करने के दिए आदेश, 27 अक्तूबर 2023 से 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से लगेगा ब्याज
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कानपुर-भरथना रोड से सटी बिधूना तहसील क्षेत्र की 603 वर्गमीटर जमीन को कृषि भूमि बताकर कराए गए बैनामे में स्टांप शुल्क की चोरी पकड़ी गई है। कलेक्टर (डीएम) कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद जमीन का मूल्यांकन अकृषिक दर से करते हुए 1,65,350 रुपये की स्टांप शुल्क और 33,070 रुपये की निबंधन शुल्क की कमी, यानी कुल 1,98,420 रुपये की वसूली का आदेश दिया है। साथ ही बिक्री पत्र वाले दिन 27 अक्तूबर 2023 से 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज और 100 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
बिधूना तहसील के ग्राम कसाह मौजा सरायशीशगरान निवासी शशिप्रभा पत्नी अशोक कुमार यादव के ऊपर पूर्व में 31 जनवरी 2024 को कलेक्टर स्टांप न्यायालय ने समान राशि की कमी स्टांप व निबंधन शुल्क के साथ 70 हजार रुपये अर्थदंड लगाया था। इसके खिलाफ उपायुक्त स्टांप, कानपुर मंडल में अपील की गई थी। जिसे 24 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने 30 अक्तूबर 2025 को पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए साक्ष्य लेकर मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुनवाई और साक्ष्य का अवसर दिया गया। वादी की ओर से ओर से तर्क दिया गया कि जमीन पर कृषि कार्य होता रहा है और खसरे में मक्का व गेहूं की फसल दर्ज है। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ने जमीन को आवासीय और व्यावसायिक उपयोग योग्य बताते हुए स्टांप शुल्क की कमी किए जाने की बात कही।
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मामले की दोबारा जांच के लिए सहायक महानिरीक्षक निबंधन, उपजिलाधिकारी बिधूना, उपनिबंधक बिधूना और तहसीलदार बिधूना की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम की रिपोर्ट, नक्शे और फोटो के आधार पर पाया गया कि जमीन बिधूना-भरथना रोड पर स्थित है और सड़क की चौड़ाई 18 मीटर से अधिक है। आसपास मकान, दुकानें और खाली प्लॉट हैं। पास से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी गुजर रहा है। जांच टीम ने जमीन को कृषि के बजाय आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के योग्य माना।
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इस तरह पकड़ा गया खेल
तत्कालीन मूल्यांकन सूची के अनुसार 18 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग की दर 8400 रुपये प्रति वर्गमीटर थी। आसपास व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण इसमें 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दर 10500 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई। इस आधार पर 603 वर्गमीटर जमीन का मूल्य 63,31,500 रुपये आंका गया। कलेक्टर स्टांप ने दोनों पक्षों की दलीलों, जांच टीम की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद शशिप्रभा पर कुल 1,98,420 रुपये की राजस्व कमी, उस पर निर्धारित ब्याज और 100 रुपये अर्थदंड आरोपित किया।
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= कोर्ट ने वसूली करने के दिए आदेश, 27 अक्तूबर 2023 से 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से लगेगा ब्याज
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कानपुर-भरथना रोड से सटी बिधूना तहसील क्षेत्र की 603 वर्गमीटर जमीन को कृषि भूमि बताकर कराए गए बैनामे में स्टांप शुल्क की चोरी पकड़ी गई है। कलेक्टर (डीएम) कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद जमीन का मूल्यांकन अकृषिक दर से करते हुए 1,65,350 रुपये की स्टांप शुल्क और 33,070 रुपये की निबंधन शुल्क की कमी, यानी कुल 1,98,420 रुपये की वसूली का आदेश दिया है। साथ ही बिक्री पत्र वाले दिन 27 अक्तूबर 2023 से 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज और 100 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
बिधूना तहसील के ग्राम कसाह मौजा सरायशीशगरान निवासी शशिप्रभा पत्नी अशोक कुमार यादव के ऊपर पूर्व में 31 जनवरी 2024 को कलेक्टर स्टांप न्यायालय ने समान राशि की कमी स्टांप व निबंधन शुल्क के साथ 70 हजार रुपये अर्थदंड लगाया था। इसके खिलाफ उपायुक्त स्टांप, कानपुर मंडल में अपील की गई थी। जिसे 24 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।
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हाईकोर्ट ने 30 अक्तूबर 2025 को पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए साक्ष्य लेकर मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुनवाई और साक्ष्य का अवसर दिया गया। वादी की ओर से ओर से तर्क दिया गया कि जमीन पर कृषि कार्य होता रहा है और खसरे में मक्का व गेहूं की फसल दर्ज है। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ने जमीन को आवासीय और व्यावसायिक उपयोग योग्य बताते हुए स्टांप शुल्क की कमी किए जाने की बात कही।
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मामले की दोबारा जांच के लिए सहायक महानिरीक्षक निबंधन, उपजिलाधिकारी बिधूना, उपनिबंधक बिधूना और तहसीलदार बिधूना की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम की रिपोर्ट, नक्शे और फोटो के आधार पर पाया गया कि जमीन बिधूना-भरथना रोड पर स्थित है और सड़क की चौड़ाई 18 मीटर से अधिक है। आसपास मकान, दुकानें और खाली प्लॉट हैं। पास से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी गुजर रहा है। जांच टीम ने जमीन को कृषि के बजाय आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के योग्य माना।
इस तरह पकड़ा गया खेल
तत्कालीन मूल्यांकन सूची के अनुसार 18 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग की दर 8400 रुपये प्रति वर्गमीटर थी। आसपास व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण इसमें 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दर 10500 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई। इस आधार पर 603 वर्गमीटर जमीन का मूल्य 63,31,500 रुपये आंका गया। कलेक्टर स्टांप ने दोनों पक्षों की दलीलों, जांच टीम की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद शशिप्रभा पर कुल 1,98,420 रुपये की राजस्व कमी, उस पर निर्धारित ब्याज और 100 रुपये अर्थदंड आरोपित किया।