{"_id":"697a4f4c6b3b756e73053710","slug":"open-pollmedicine-in-government-hospitals-but-no-testing-anywhere-auraiya-news-c-211-1-aur1020-138634-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: खुली पोल...सरकारी अस्पतालों में दवा तो कहीं जांच नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: खुली पोल...सरकारी अस्पतालों में दवा तो कहीं जांच नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
फोटो-36-जिला अस्पताल में मरीजों से बात करते डॉ. मनोज शंखवार। संवाद
विज्ञापन
औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली टीमों के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 16 टीमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल पहुंचीं तो खामियां ही खामियां सामने आ गईं।
कहीं दवा उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं जांच नहीं हो रही थी। कहीं मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा था तो कहीं गंदगी पसरी मिली। टीमों ने खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए।
एसीएमओ डॉ. शिशिर पूरी सीएचसी दिबियापुर का निरीक्षण करने पहुंचे। दवा स्टॉक चेक किया तो 22 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। इनके बारे में बताया गया कि दवाएं मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने लैब का भी निरीक्षण किया। यहां पाया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर नहीं भेजी जा रही थी। मरीजों से बात की तो पता चला कि मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ रश्मि एवं डॉ. सऊद अहमद, फार्मासिस्ट मृदुल पाल ,वार्ड व्याय उमाशंकर उपस्थित मिले। डॉ. शिशिर पुरी ने ही पीएचसी देवरपुर और फफूंद का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिटीजन चार्ट और शिकायत पेटिका नहीं मिली।
आग बुझाने वाले उपकरण की एक्सपायरी तिथि निकट मिली। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, हिमांशु चंदन, उपेंद्र पाल, स्टाफ नर्स रीना, सोनाली, आरती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र ककोर में सीएचसी की ओर से बीसीपीएम जमीर अहमद एवं एचईओ विवेक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। आरोग्य केंद्र के सामने मिट्टी न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, शौचालय का चैंबर गंदगी से भरा मिला। सीएचओ रजनी पाल ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. मनोज शंखवार निरीक्षण करने पहुंचे। यहां सबसे बड़ी समस्या पर्चा बनने को लेकर उन्हें दिखी। आधार कार्ड साथ न लाने वालों के पर्चे नहीं बन पा रहे थे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चे के लिए आधार नंबर आवश्यक है। अस्पताल के अंदर ही पानी फैला मिला, जिससे साफ कराया गया। अस्पताल में सफाईकर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले।
एसीएमओ सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. अनीस अंसारी ने सीएचसी बिधूना की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि टेक्नीशियन न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असजना, रुरुगंज तथा उपकेंद्र पुरवा बड़े का भी निरीक्षण किया व साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में औचक निरीक्षण करवाकर व्यवस्थाओं की जांच कराई गई है। संबंधितों को सुधार के निर्देश दिए हैं। आगे भी इसी प्रकार निरीक्षण कराए जाएंगे, जिससे हकीकत सामने आती रहे।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ।
Trending Videos
कहीं दवा उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं जांच नहीं हो रही थी। कहीं मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा था तो कहीं गंदगी पसरी मिली। टीमों ने खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. शिशिर पूरी सीएचसी दिबियापुर का निरीक्षण करने पहुंचे। दवा स्टॉक चेक किया तो 22 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। इनके बारे में बताया गया कि दवाएं मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने लैब का भी निरीक्षण किया। यहां पाया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर नहीं भेजी जा रही थी। मरीजों से बात की तो पता चला कि मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ रश्मि एवं डॉ. सऊद अहमद, फार्मासिस्ट मृदुल पाल ,वार्ड व्याय उमाशंकर उपस्थित मिले। डॉ. शिशिर पुरी ने ही पीएचसी देवरपुर और फफूंद का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिटीजन चार्ट और शिकायत पेटिका नहीं मिली।
आग बुझाने वाले उपकरण की एक्सपायरी तिथि निकट मिली। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, हिमांशु चंदन, उपेंद्र पाल, स्टाफ नर्स रीना, सोनाली, आरती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र ककोर में सीएचसी की ओर से बीसीपीएम जमीर अहमद एवं एचईओ विवेक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। आरोग्य केंद्र के सामने मिट्टी न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, शौचालय का चैंबर गंदगी से भरा मिला। सीएचओ रजनी पाल ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. मनोज शंखवार निरीक्षण करने पहुंचे। यहां सबसे बड़ी समस्या पर्चा बनने को लेकर उन्हें दिखी। आधार कार्ड साथ न लाने वालों के पर्चे नहीं बन पा रहे थे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चे के लिए आधार नंबर आवश्यक है। अस्पताल के अंदर ही पानी फैला मिला, जिससे साफ कराया गया। अस्पताल में सफाईकर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले।
एसीएमओ सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. अनीस अंसारी ने सीएचसी बिधूना की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि टेक्नीशियन न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असजना, रुरुगंज तथा उपकेंद्र पुरवा बड़े का भी निरीक्षण किया व साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में औचक निरीक्षण करवाकर व्यवस्थाओं की जांच कराई गई है। संबंधितों को सुधार के निर्देश दिए हैं। आगे भी इसी प्रकार निरीक्षण कराए जाएंगे, जिससे हकीकत सामने आती रहे।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ।
