{"_id":"69c18a62c5309906d40366b4","slug":"the-village-was-under-surveillance-all-night-but-the-attacker-was-not-found-auraiya-news-c-211-1-aur1009-141795-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: रातभर पहरे में रहा गांव, पर नहीं मिला हमलावर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: रातभर पहरे में रहा गांव, पर नहीं मिला हमलावर
विज्ञापन
विज्ञापन
फाॅलोअप...
फोटो-43-गांव मधवापुर में मौजूद वन विभाग की टीम व पुलिस। स्रोत : कर्मचारी
-गांव मधवापुर में हमला कर पांच भेड़ों को मार दिया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव में पांच भेड़ों की हत्या के बाद दूसरे दिन भी ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। शनिवार की रात हुई इस वारदात के बाद रविवार की पूरी रात पुलिस और वन विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाले रखा, लेकिन हमलावर जानवर या उपद्रवी का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
भेड़ों पर हमले को लेकर पुलिस जहां इसे जंगली जानवर का हमला मान रही है, वहीं ग्रामीण इसे किसी शरारती तत्व या रंजिश की साजिश करार दे रहे हैं। इसी संशय को दूर करने के लिए रविवार रात वन विभाग की विशेष टीम और दिबियापुर थाने की पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के आसपास और बागों में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुबह होने तक किसी भी हिंसक जानवर की आहट नहीं मिली। पशुपालक कालीचरण चक्रवर्ती की पांच भेड़ों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का हिंसक जानवर वाला तर्क ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि भेड़ों के शरीर पर पंजे के निशान के बजाय धारदार हथियार जैसे गहरे घाव हैं।
Trending Videos
फोटो-43-गांव मधवापुर में मौजूद वन विभाग की टीम व पुलिस। स्रोत : कर्मचारी
-गांव मधवापुर में हमला कर पांच भेड़ों को मार दिया गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव में पांच भेड़ों की हत्या के बाद दूसरे दिन भी ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। शनिवार की रात हुई इस वारदात के बाद रविवार की पूरी रात पुलिस और वन विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाले रखा, लेकिन हमलावर जानवर या उपद्रवी का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
भेड़ों पर हमले को लेकर पुलिस जहां इसे जंगली जानवर का हमला मान रही है, वहीं ग्रामीण इसे किसी शरारती तत्व या रंजिश की साजिश करार दे रहे हैं। इसी संशय को दूर करने के लिए रविवार रात वन विभाग की विशेष टीम और दिबियापुर थाने की पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के आसपास और बागों में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुबह होने तक किसी भी हिंसक जानवर की आहट नहीं मिली। पशुपालक कालीचरण चक्रवर्ती की पांच भेड़ों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का हिंसक जानवर वाला तर्क ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि भेड़ों के शरीर पर पंजे के निशान के बजाय धारदार हथियार जैसे गहरे घाव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन