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Ayodhya News: रामनगरी में शिव की अनोखी बरात देखने उमड़ा हुजूम
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 15 Feb 2026 10:35 PM IST
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51-क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में डीजे की धून पर थिरकते श्रद्धालुगण-संवाद
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अयोध्या। धर्मनगरी की गलियों ने रविवार की शाम एक बार फिर अद्भुत दृश्य देखा, जब प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर से भगवान शिव की अनोखी बरात निकली। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच शिव बरात का अलौकिक स्वरूप देखते ही बन रहा था। शिव की अनोखी बरात देखने के लिए जगह-जगह लोगों का हुजूम उमड़ा।
शिव बरात की खासियत उसकी अनगढ़, अलमस्त और अलौकिक छटा होती है। इस बार भी वही दृश्य जीवंत हो उठा, कोई भूत-प्रेत की वेशभूषा में, कोई अघोरी तो कोई गणों की तरह सजे-धजे नाचता-गाता चल रहा था। चेहरे पर भस्म, जटाओं का मुकुट, हाथों में त्रिशूल और डमरू, हर बराती शिवमय नजर आ रहा था। नागेश्वरनाथ मंदिर से महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात, हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे के साथ निकाली गई। बरातियों में देवताओं व भूत-प्रेतों को देख लोग आकर्षित होते रहे। डमरू की डम-डम, बैंड-बाजे की धुन, घोड़ा और रथों पर सवार ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, हनुमान आदि देवताओं की कुल 11 झांकी निकाली गई जो आकर्षण का केंद्र रही।
राम जन्मभूमि पथ के सामने पहुंचने पर दूल्हा बने भगवान भोलेनाथ व अन्य देवताओं के स्वरूपों ने रामलला को प्रणाम किया। इस दौरान रामलला के दर्शनार्थी जय श्रीराम के साथ-साथ हर महादेव का जयघोष करने लगे। क्षीरेश्वरनाथ पर शिव बरात का भव्य अभिनंदन किया गया। जगह-जगह बरात पर भक्तों ने पुष्पवर्षा भी की। यहां से विभिन्न मार्गों से होते हुए बरात वापस नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंची। जहां देर रात तक विवाह की रस्म होती रही। बरात में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, नंद कुमार मिश्र, रितेश दास, मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी, अश्विनी गुप्ता सहित अन्य शामिल रहे।
झारखंडेश्वर मंदिर से भी निकली बरात
वहीं शहर के प्राचीन झारखंडेश्वर महादेव मंदिर से भी परंपरागत शिव बरात निकाली गई। देवताओं की झांकियों से सजी झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल होते हुए। जयह-जगह बरात पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जगह-जगह भंडारे भी सजाए गए थे। बरात का ककहरी बाजार स्थित शिव मंदिर पर स्वागत किया गया।
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शिव बरात की खासियत उसकी अनगढ़, अलमस्त और अलौकिक छटा होती है। इस बार भी वही दृश्य जीवंत हो उठा, कोई भूत-प्रेत की वेशभूषा में, कोई अघोरी तो कोई गणों की तरह सजे-धजे नाचता-गाता चल रहा था। चेहरे पर भस्म, जटाओं का मुकुट, हाथों में त्रिशूल और डमरू, हर बराती शिवमय नजर आ रहा था। नागेश्वरनाथ मंदिर से महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात, हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे के साथ निकाली गई। बरातियों में देवताओं व भूत-प्रेतों को देख लोग आकर्षित होते रहे। डमरू की डम-डम, बैंड-बाजे की धुन, घोड़ा और रथों पर सवार ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, हनुमान आदि देवताओं की कुल 11 झांकी निकाली गई जो आकर्षण का केंद्र रही।
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राम जन्मभूमि पथ के सामने पहुंचने पर दूल्हा बने भगवान भोलेनाथ व अन्य देवताओं के स्वरूपों ने रामलला को प्रणाम किया। इस दौरान रामलला के दर्शनार्थी जय श्रीराम के साथ-साथ हर महादेव का जयघोष करने लगे। क्षीरेश्वरनाथ पर शिव बरात का भव्य अभिनंदन किया गया। जगह-जगह बरात पर भक्तों ने पुष्पवर्षा भी की। यहां से विभिन्न मार्गों से होते हुए बरात वापस नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंची। जहां देर रात तक विवाह की रस्म होती रही। बरात में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, नंद कुमार मिश्र, रितेश दास, मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी, अश्विनी गुप्ता सहित अन्य शामिल रहे।
झारखंडेश्वर मंदिर से भी निकली बरात
वहीं शहर के प्राचीन झारखंडेश्वर महादेव मंदिर से भी परंपरागत शिव बरात निकाली गई। देवताओं की झांकियों से सजी झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल होते हुए। जयह-जगह बरात पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जगह-जगह भंडारे भी सजाए गए थे। बरात का ककहरी बाजार स्थित शिव मंदिर पर स्वागत किया गया।

51-क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में डीजे की धून पर थिरकते श्रद्धालुगण-संवाद