{"_id":"6a3c1f03ab10c89f110e0ef8","slug":"heat-reaches-vhp-meeting-postponed-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-152463-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: आंच विहिप तक पहुंची, बैठक स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: आंच विहिप तक पहुंची, बैठक स्थगित
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अयोध्या। रामलला मंदिर के चढ़ावे और दानराशि से जुड़े गड़बड़ी के मामले की गूंज अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की शीर्ष बैठकों तक पहुंच गई है। इसके चलते ही अयोध्या में 25 से 29 जून तक प्रस्तावित विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति और प्रन्यासी मंडल की पांच दिवसीय बैठक को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में रामलला मंदिर के दानपात्रों से करोड़ों रुपये के कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना थी। माना जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर कुछ संतों और पदाधिकारियों की ओर से तीखे सवाल उठाए जा सकते थे, जिससे बैठक में हंगामे की स्थिति भी बन सकती थी। विहिप की ओर से बैठक स्थगित किए जाने के पीछे अपरिहार्य कारण बताए गए हैं। संगठन ने संकेत दिया है कि बैठक की नई तिथि और स्थान को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच, हरिद्वार में हाल ही में आयोजित विहिप के मार्गदर्शक मंडल और उच्चाधिकार समिति की बैठक में भी रामलला चढ़ावा प्रकरण प्रमुख मुद्दा बना रहा। बैठक में शामिल कई संतों ने कहा था कि रामलला के नाम पर प्राप्त दानराशि का एक-एक पैसा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और उसकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई थी।
विज्ञापन
उधर, रामलला चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की गतिविधियों पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच की दिशा और निष्कर्ष आने वाले दिनों में राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और ट्रस्टों की कार्यप्रणाली पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में रामलला मंदिर के दानपात्रों से करोड़ों रुपये के कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना थी। माना जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर कुछ संतों और पदाधिकारियों की ओर से तीखे सवाल उठाए जा सकते थे, जिससे बैठक में हंगामे की स्थिति भी बन सकती थी। विहिप की ओर से बैठक स्थगित किए जाने के पीछे अपरिहार्य कारण बताए गए हैं। संगठन ने संकेत दिया है कि बैठक की नई तिथि और स्थान को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बीच, हरिद्वार में हाल ही में आयोजित विहिप के मार्गदर्शक मंडल और उच्चाधिकार समिति की बैठक में भी रामलला चढ़ावा प्रकरण प्रमुख मुद्दा बना रहा। बैठक में शामिल कई संतों ने कहा था कि रामलला के नाम पर प्राप्त दानराशि का एक-एक पैसा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और उसकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई थी।
उधर, रामलला चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की गतिविधियों पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच की दिशा और निष्कर्ष आने वाले दिनों में राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और ट्रस्टों की कार्यप्रणाली पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।