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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आज एसआईटी के सामने पेश होंगे आप सांसद संजय सिंह, चोरी और घोटाले के सबूत सौंपेंगे

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 25 Jun 2026 10:43 AM IST
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सार

आप सांसद संजय सिंह बृहस्पतिवार को एसआईटी के सामने पेश होंगे और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सबूत देंगे।

Ram Mandir donation theft: AAP MP Sanjay Singh to appear before the SIT today
आप सांसद संजय सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अयोध्या में जमीनों की खरीद फरोख्त में हुए घोटाले और चढ़ावे में हुई हेराफेरी के मामलों में सवाल उठाने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह आज विशेष जांच समिति के सामने पेश होंगे और अपने आरोपों पर सबूत देंगे।


उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को मंडलायुक्ल कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज सौंपेंगे। इसके लिए एसआईटी प्रमुख व लखनऊ के मंडलायुक्त ने दस्तावेज देने के लिए बुलाया है। उन्हें चढ़ावा चोरी और जमीन घोटाले के सबूत और कागजात देंगे।
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एसआईटी रिपोर्ट ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बीच एक ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2020 में ट्रस्ट के गठन के कुछ ही महीनों बाद निजी ऑडिट फर्म ने दान प्रबंधन, आभूषणों के रिकॉर्ड, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत कर सुधार की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया।
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सूत्रों के मुताबिक फर्म ने रिपोर्ट में कहा था कि वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए जरूरी अभिलेखों का अभाव है और प्रबंधन की जवाबदेही तय करने वाली स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था भी नहीं है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े गंभीर सवाल उठे हैं, ऐसे में छह साल पुरानी इस ऑडिट रिपोर्ट को अपनी जांच का अहम आधार बन सकती है।

सबकुछ पता था तब भी की अनदेखी : ट्रस्ट को चेताया गया था कि बिना मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना कठिन होगा। फर्म ने लेन-देन, डाटा प्रबंधन, मानव संसाधन और रिकॉर्ड संधारण के लिए विस्तृत एसओपी लागू करने की सिफारिश की थी।

फर्म ने सबसे गंभीर टिप्पणी दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर की

फर्म ने सबसे गंभीर टिप्पणी दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि नकदी के अलावा प्राप्त होने वाले दान के लिए समुचित स्टॉक रजिस्टर और निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। बैंक समन्वयन और वित्तीय निगरानी के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की कमी भी चिन्हित की गई थी। डेटा सुरक्षा और आईटी नियंत्रण को लेकर भी फर्म ने चिंता जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा, डेटा एंट्री की निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए पर्याप्त नियंत्रण तंत्र मौजूद नहीं था।

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