अग्निकांडों की जांच का सच: जल्द ठंडी पड़ जाती है एक्शन की आग, बड़े जिम्मेदारों को कर दिया गया बरी
लखनऊ के होटल लेवाना, एसएसजे एवं विराट अग्निकांड के आरोपियों को सस्ते में छोड़ दिया गया था। इनमें 11 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, बड़े जिम्मेदारों को बरी कर दिया गया। कुछ की पेंशन में मामूली कटौती की गई तो कुछ को डिमोट कर दिया गया था।
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विस्तार
आठ वर्ष पहले चारबाग के होटल एसएसजे और विराट में आग लगने से सात लोगों की मौत हुई थी। वहीं, चार वर्ष पहले मदन मोहन मालवीय मार्ग पर बने होटल लेवाना सुइट्स में लगी आग चार जिंदगियां निगल गई थी। इन मामलों में उस समय आरोपियों की लंबी लिस्टें बनीं, पर हुआ कुछ नहीं। हादसे के बाद एक्शन की आग भी ठंडी पड़ गई।
अग्निकांड के बड़े जिम्मेदारों को बरी कर दिया गया। कुछ की पेंशन में मामूली कटौती की गई। कुछ को डिमोट किया गया। कुल मिलाकर जांच के नाम पर दिखावा हुआ। 11 मौतों के बाद भी कार्रवाई को सस्ते में निपटा दिया गया। अलीगंज अग्निकांड की जांच का आने वाले समय में ऐसा ही हश्र हो तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।
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19 जून 2018 को चारबाग के होटल एचएसजे में आग लगी, जिसने पड़ोस के होटल विराट को भी चपेट में लिया। अग्निकांड से शासन तक हड़कंप मच गया था। जांच में दोनों होटल मानकों के विपरीत अवैध पाए गए। एलडीए ने दो पीसीएस अफसरों और इंजीनियरों सहित 22 लोगों को आरोपी बनाकर कार्रवाई के लिए शासन में रिपोर्ट भेजी। इसके बाद शासन ने जांच कराई, जो कई वर्ष तक चली।
लंबी पड़ताल के बाद जो रिपोर्ट सामने आई उसमें पीसीएस अधिकारी राकेश कुमार मिश्र को बिना किसी दंड के बरी कर दिया गया। वे उस समय एलडीए में संयुक्त सचिव थे। इसी तरह पीसीएस अफसर बिरेंद्र कुमार पांडेय को भी बरी कर दिया गया है। वे भी उस समय एलडीए में संयुक्त सचिव के पद पर थे।
लेवाना अग्निकांड के आठ आरोपियों में से चार बरी
एलडीए ने होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड में आठ आरोपी बनाए थे। इन पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी गई। जांच के बाद शासन ने चार आरोपियों को बरी कर दिया। जिन चार पर कार्रवाई हुई, उनमें से दो का डिमोशन किया गया और एक की पेंशन में कटौती की गई। चौथा आरोपी निलंबित किया गया, जो बाद में बहाल होकर तैनाती पा चुका है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि दोनों अग्निकांडों के आरोपियों की रिपोर्ट उस समय एलडीए की ओर से शासन को भेजी गई थी। शासन की ओर से ही कार्रवाई की गई है। जो दोषी थे, उन्हें दंड दिया गया है। एलडीए ने इस पर अमल किया।
जानिए... होटल एसएसजे और विराट अग्निकांड में किस पर क्या हुई कार्रवाई
ये हो गए बरी: जर्नादन सिंह (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- अरविंद कुमार उपाध्याय (अवर अभियंता)
- अनिल कुमार मिश्रा (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- लालजी शुक्ला (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- अनिल कुमार सिंह द्वितीय (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- जयवीर सिंह (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- प्रमोद कुमार गुप्ता (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- रविंद्र कुमार श्रीवास्तव (अवर अभियंता)
- प्रभुनाथ पांडेय (अवर अभियंता सेवानिवृत्त)
- प्रमोद कुमार वर्मा (अवर अभियंता)
- अरुण कुमार सिंह (सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता)
- ओम प्रकाश मिश्रा (सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता)
- वकील अहमद (सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता)
- आलोक रंजन (सहायक अभियंता)
- ओम प्रकाश गुप्ता (सेवानिवृत्त सहायक अभियंता)
इनकी हो गई मौत: रविंद्र कुमार (सहायक अभियंता)
- मोहनचंद सती (सहायक अभियंता)
- अजय कुमार सिंह द्वितीय (अधिशासी अभियंता)
(नोट तीनों बरी हो गए थे।)
इन पर हुई कार्रवाई: धनीराम, अवर अभियंता सेवानिवृत्त पेंशन में सात प्रतिशत कटौती अनिल कुमार सिंह, प्रथम अवर अभियंता सेवानिवृत्त पेंशन में पांच प्रतिशत कटौती रविंद्र सिंह, अवर अभियंता सेवानिवृत्त पेंशन में पांच प्रतिशत कटौती राकेश मोहन, अवर अभियंता सेवानिवृत्त: पेंशन में तीन प्रतिशत कटौती।
होटल लेवाना अग्निकांड में किस पर क्या कार्रवाई
ये हो गए बरी: डॉ. महेंद्र कुमार मिश्रा पीसीएस (तत्कालीन संयुक्त सचिव एलडीए)
- अरुण कुमार सिंह, (अधिशासी अभियंता सेवानिवृत्त)
- राकेश मोहन, (सेवानिवृत्त सहायक अभियंता)
- गणेशी दत्त सिंह, (सेवानिवृत्त अवर अभियंता)
इन पर हुई कार्रवाई
- ओम प्रकाश मिश्र, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता पेंशन में दो प्रतिशत की कटौती एक वर्ष तक
- जयवीर सिंह, सेवानिवृत्त अवर अभियंता एक पद की पदावनति
- रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, अवर अभियंता एक पद की पदावनति
- जितेंद्र नाथ दुबे, अवर अभियंता निलंबन, बहाल हो चुके हैं।